गोल्ड, इक्विटी, म्यूचुअल फंड या ETF: वोलैटाइल बाजार में कहां लगाएं पैसा? जानिए एक्सपर्ट की राय
वोलैटाइल बाजार में तेजी से रिटर्न कमाने की चाहत रिटेल निवेशकों को कमोडिटी की ओर खींच रही है। लेकिन एक्सपर्ट क्षितिज महाजन का मानना है कि ऐसे निवेश में जोखिम काफी ज्यादा हो सकता है। उन्होंने गोल्ड, इक्विटी, म्यूचुअल फंड और ETF को लेकर निवेशकों के लिए कई अहम बातें बताई हैं।

वोलैटाइल बाजार में निवेश कर रहे रिटेल निवेशकों को चमकदार कमोडिटी रिटर्न के पीछे भागने के बजाय अनुशासित तरीके से इक्विटी में निवेश करना चाहिए। बिजनेस टुडे के शो में सीनियर एंकर साक्षी बत्रा के सवालों का जवाब देते हुए Complete Circle के सीईओ क्षितिज महाजन ने कहा कि सीमित कैश फ्लो वाले निवेशकों के लिए कमोडिटी में जोखिम काफी ज्यादा है, जबकि लंबी अवधि में लगातार कमाई बढ़ाने वाली कंपनियां बेहतर वेल्थ क्रिएशन का आधार बन सकती हैं।
गोल्ड पोर्टफोलियो का छोटा हिस्सा
कमोडिटी निवेश को लेकर क्षितिज महाजन ने कहा कि कमोडिटी में निवेश से मैं पूरी तरह मना करूंगा। हालांकि, उन्होंने पोर्टफोलियो में गोल्ड रखने की गुंजाइश बताई। उनके मुताबिक निवेशक अपने कुल पोर्टफोलियो का 5-7% हिस्सा गोल्ड में रख सकते हैं। वहीं, दूसरी कमोडिटीज में निवेश से बचना बेहतर है।
एक्सपर्ट ने कहा कि 80%, 200% या 300% रिटर्न की खबरें अक्सर रिटेल निवेशकों को आकर्षित करती हैं। समस्या यह है कि ऐसे निवेशक कई बार बाजार के ऊपरी स्तरों के आसपास एंट्री कर लेते हैं और उन्हें बड़े नुकसान का जोखिम उठाना पड़ता है।
समय नहीं है तो फंड बेहतर ऑप्शन
Complete Circle के सीईओ क्षितिज महाजन के मुताबिक इक्विटी में निवेश करते समय कंपनियों की कमाई बढ़ाने की क्षमता पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसी कंपनियां जो लंबे समय तक करीब 15% की दर से कमाई बढ़ा सकें, वे निवेशकों के लिए कंपाउंडिंग का आधार बन सकती हैं।
डायरेक्ट स्टॉक निवेश उन लोगों के लिए ज्यादा उपयुक्त है जो कंपनियों पर लगातार रिसर्च और नजर रखने के लिए पर्याप्त समय दे सकते हैं। फुल-टाइम नौकरी करने वाले निवेशकों के लिए म्यूचुअल फंड, इंडेक्स फंड और ETF जैसे मैनेज्ड प्रोडक्ट ज्यादा व्यावहारिक विकल्प हो सकते हैं।
ETF में भी लिक्विडिटी का ध्यान जरूरी
ETF की बढ़ती लोकप्रियता के बीच मौर्य ने निवेशकों को इसकी लिक्विडिटी पर ध्यान देने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि भारत के कई ETF में पर्याप्त लिक्विडिटी नहीं है। उनका झुकाव बड़े कैप वाले Next Nifty 50 और कुछ मोमेंटम आधारित रणनीतियों की ओर है।
मौर्य के मुताबिक, जिन निवेशकों के पास Demat अकाउंट नहीं है, वे इंडेक्स फंड और रेगुलर म्यूचुअल फंड में निवेश पर विचार कर सकते हैं। ETF में निवेश के लिए Demat अकाउंट और ट्रेडिंग की सुविधा जरूरी होती है।