Tata Steel, JSW Steel, Vedanta से Apollo Hospitals तक! एक्सपर्ट गौरांग शाह ने बताए लॉन्ग टर्म स्टॉक्स

शॉर्ट टर्म में तेजी से रिटर्न की तलाश कर रहे निवेशकों को अपनी रणनीति पर दोबारा विचार करना चाहिए। Geojit Investments के गौरांग शाह ने 18-24 महीने का नजरिया रखने की बात कही है। उन्होंने Metals, Healthcare और FMCG सेक्टर में कई स्टॉक्स का जिक्र किया है, जिन पर निवेशकों की नजर रह सकती है।

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By Gaurav Kumar:

तेजी से रिटर्न की तलाश कर रहे निवेशकों को अपनी रणनीति पर दोबारा विचार करने की जरूरत हो सकती है। Geojit Investments के गौरांग शाह ने बिजनेस टुडे के एक शो में सीनियर एंकर साक्षी बत्रा के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि Metals, Hospitals, Diagnostics और FMCG जैसे सेक्टर्स को शॉर्ट-टर्म ट्रेड के बजाय लॉन्ग-टर्म निवेश के तौर पर देखने की बात कही है। उनके मुताबिक, मौजूदा बाजार में स्टॉक चुनते समय कम से कम डेढ़ से दो साल का नजरिया रखना चाहिए।

यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता, हाई क्रूड कीमतों और सेक्टर रोटेशन के कारण बाजार में उतार-चढ़ाव बना हुआ है।

एक्सपर्ट गौरांग शाह ने निवेशकों के शॉर्ट-टर्म नजरिए पर टिप्पणी करते हुए कहा कि आजकल सुबह 9:15 बजे से दोपहर 3:30 बजे तक का समय ही लॉन्ग टर्म माना जा रहा है। उनका इशारा ऐसे ट्रेडिंग कल्चर की ओर था, जहां निवेशक कुछ घंटों के उतार-चढ़ाव को ही लॉन्ग टर्म निवेश की तरह देखने लगे हैं।

वहीं, 18 से 24 महीने के नजरिए से निवेश करने वाले निवेशकों के लिए उन्होंने मेटल्स सेक्टर में Tata Steel, JSW Steel, Vedanta, Vedanta Aluminium, Hindalco और Hindustan Zinc जैसे शेयरों का जिक्र किया।

Healthcare में Pharma, Hospitals और Diagnostics जुड़े

हेल्थकेयर सेक्टर को लेकर एक्सपर्ट ने कहा कि Pharma, Hospitals और Diagnostics को अलग-अलग देखने के बजाय एक-दूसरे से जुड़ी हुई कड़ियों के रूप में देखना चाहिए। उन्होंने कहा, “तीनों एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं।”

हॉस्पिटल सेगमेंट में उन्होंने Apollo Hospitals, Narayana Hrudayalaya, Max Healthcare और Fortis Healthcare का जिक्र किया। वहीं, डायग्नोस्टिक्स सेगमेंट में Dr. Lal PathLabs को सकारात्मक नजरिए वाले नाम के तौर पर बताया। शाह के मुताबिक, ये कुछ महीनों की ट्रेडिंग के बजाय लंबी अवधि के निवेश के विकल्प हैं।

FMCG में 3-6 महीने का नजरिया नहीं

FMCG सेक्टर को लेकर एक्सपर्ट ने शॉर्ट-टर्म निवेश पर सावधानी बरतने की बात कही। जब उनसे पूछा गया कि क्या अगले 3-6 महीनों के लिए FMCG में निवेश करना चाहिए, तो उन्होंने कहा कि वह इस तरह की “शॉर्ट-टर्म चिंता का जवाब देने में सक्षम नहीं हैं।”

उन्होंने बताया कि FMCG कंपनियों के कारोबार पर क्रूड ऑयल की कीमतों और मानसून जैसे कई फैक्टर्स का असर पड़ता है। इनका असर कंपनियों के मार्जिन और मांग, दोनों पर पड़ सकता है। हालांकि, लंबी अवधि के नजरिए से वह Tata Consumer, Godrej Consumer, Hindustan Unilever, Dabur, Marico, Nestle और Britannia जैसे शेयरों को लेकर पॉजिटिव हैं।

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