इस स्मॉल कैप कंपनी के लिए ₹49.50 करोड़ का QIP खुला! 1 महीने में 56% उछला स्टॉक - Q1 में 109% बढ़ा मुनाफा

BSE Analytics के मुताबिक पिछले एक महीने में कंपनी के शेयर ने करीब 56% की तेजी दर्ज की है। इसी बीच आज कंपनी ने दो बड़ी जानकारी- पहला QIP और दूसरा- Q1FY27 रिजल्ट के बारे में बताया है।

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By Gaurav Kumar:

81.60 करोड़ रुपये के मार्केट कैप वाली स्मॉल कैप कंपनी, GACM Technologies का शेयर आज हरे निशान पर कारोबार कर रहा है। BSE Analytics के मुताबिक पिछले एक महीने में कंपनी के शेयर ने करीब 56% की तेजी दर्ज की है।

इसी बीच आज कंपनी ने दो बड़ी जानकारी- पहला QIP और दूसरा- Q1FY27 रिजल्ट के बारे में बताया है।

कंपनी ने ₹49.50 करोड़ का Qualified Institutions Placement (QIP) खोला है। खास बात यह है कि QIP का इश्यू प्राइस ₹1 प्रति शेयर तय किया गया है, जो मौजूदा बाजार भाव और SEBI ICDR के तहत तय रेगुलेटरी फ्लोर प्राइस, दोनों से ऊपर है।

फ्लोर प्राइस से 49% ऊपर QIP

कंपनी ने 13 अगस्त की एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि QIP के लिए रेगुलेटरी फ्लोर प्राइस ₹0.67 प्रति शेयर था। इसके बावजूद कंपनी ने इश्यू प्राइस ₹1 रखा है। यानी QIP की कीमत फ्लोर प्राइस से करीब 49.3% ज्यादा है।

मौजूदा ₹0.75 के बाजार भाव से तुलना करें तो QIP प्राइस करीब 33.3% प्रीमियम पर है। कंपनी ने फ्लोर प्राइस पर मिलने वाली संभावित छूट का इस्तेमाल नहीं किया है। हाल के वित्तीय प्रदर्शन में सुधार के बीच QIP की यह प्राइसिंग निवेशकों के लिए अहम है।

रेवेन्यू 60% और मुनाफा 109% बढ़ा

GACM Technologies ने वित्त वर्ष 2025-26 में कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ₹21.87 करोड़ दर्ज किया, जो पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले 60.1% ज्यादा है। इसी अवधि में कंसोलिडेटेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) 108.7% बढ़कर ₹8.60 करोड़ हो गया।

कंपनी की ऑपरेटिंग मार्जिन में भी सुधार हुआ। FY26 में यह करीब 58.6% रही, जबकि FY25 में 43.5% थी। यानी इस अवधि में कंपनी की प्रॉफिटेबिलिटी रेवेन्यू की तुलना में ज्यादा तेज गति से बढ़ी।

₹1 का QIP क्यों अहम?

शेयर में संस्थागत फंड जुटाने के लिए ₹1 प्रति शेयर का QIP प्राइस बाजार भाव से ऊपर है। कंपनी के हालिया वित्तीय प्रदर्शन में रेवेन्यू, PAT और ऑपरेटिंग मार्जिन में सुधार दिखा है। ऐसे में QIP की कीमत और हाल की शेयर तेजी दोनों GACM Technologies को लेकर बाजार की नजर में अहम घटनाक्रम बन गए हैं।

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