चीन की पाबंदियों से बेअसर रहेगा सोलर कंपनी का विस्तार, 1.2 GW प्रोजेक्ट को लेकर इस कंपनी ने दिया अपडेट

चीन की ओर से सोलर सेल बनाने में इस्तेमाल होने वाली तकनीक और मशीनरी के निर्यात पर संभावित प्रतिबंधों की खबरों के बीच इस सोलर कंपनी ने बड़ा स्पष्टीकरण दिया है। कंपनी ने अपने नए मैन्युफैक्चरिंग प्लांट को लेकर निवेशकों की चिंताओं पर स्थिति साफ की है।

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By Gaurav Kumar:

रूफटॉप सोलर सिस्टम और पावर इलेक्ट्रॉनिक्स से जुड़े प्रोडक्ट बनाने वाली कंपनी, फुजियामा पावर सिस्टम्स लिमिटेड (Fujiyama Power Systems Ltd) ने लेटेस्ट एक्सचेंज फाइलिंग में निवेशकों को बड़ी जानकारी दी है। 

कंपनी ने अपने फाइलिंग में चीन की ओर से सोलर सेल बनाने में इस्तेमाल होने वाली तकनीक और मशीनरी के निर्यात पर संभावित प्रतिबंधों से जुड़ी मीडिया रिपोर्ट्स पर सफाई दी है। कंपनी ने कहा है कि मध्य प्रदेश के रतलाम स्थित उसके प्लांट में प्रस्तावित 1.2 GW क्षमता वाली DCR (डोमेस्टिक कंटेंट रिक्वायरमेंट) सोलर सेल मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी के लिए जरूरी मशीनरी और उपकरण पहले ही पहुंच चुके हैं।

कंपनी का शेयर दोपहर 2:23 बजे तक बीएसई पर 1.36% या 4.90 रुपये चढ़कर 366.45 रुपये पर ट्रेड कर रहा था और एनएसई पर स्टॉक 1.16% या 4.20 रुपये की तेजी के साथ 366.25 रुपये पर कारोबार कर रहा था।

प्रतिबंधों का कोई असर नहीं

कंपनी के मुताबिक, चीन के प्रस्तावित प्रतिबंधों का उसके इस विस्तार पर कोई बड़ा असर पड़ने की आशंका नहीं है। इससे न तो पूंजीगत खर्च (कैपिटल एक्सपेंडिचर) पर कोई महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ने की उम्मीद है और न ही प्रोजेक्ट की समयसीमा प्रभावित होने की आशंका है। कंपनी ने स्पष्ट किया कि यह प्लांट पहले से तय योजना के अनुसार ही चालू होगा। इसे वित्त वर्ष 2027-28 की पहली तिमाही (Q1) में शुरू करने का लक्ष्य है।

कंपनी ने बताया कि सोलर पैनल का निर्माण उसके मौजूदा कारोबार के लिए बैकवर्ड इंटीग्रेशन यानी उत्पादन प्रक्रिया के पिछले चरण को अपने नियंत्रण में लेने का हिस्सा है। इसी तरह, सोलर सेल का निर्माण सोलर पैनल मैन्युफैक्चरिंग के लिए बैकवर्ड इंटीग्रेशन का अगला चरण है। इससे कंपनी अपनी उत्पादन प्रक्रिया के अधिक हिस्सों को खुद संभाल सकती है।

फुजियामा पावर सिस्टम्स ने आगे स्पष्ट किया कि उसका कारोबार किसी भी चल रहे विदेशी टेक्नोलॉजी ट्रांसफर पर निर्भर नहीं है। कंपनी के अनुसार, चीन के प्रस्तावित निर्यात प्रतिबंधों का उसके परिचालन पर कोई असर नहीं पड़ेगा और उसकी विस्तार योजना पहले से तय कार्यक्रम के मुताबिक आगे बढ़ रही है।

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