6% तक चढ़ा यह सस्ता FMCG शेयर, ₹2 से भी कम भाव वाले स्टॉक में आज दिखी जोरदार तेजी
₹2 से कम कीमत वाला यह स्टॉक शुरुआती कारोबार में करीब 6% तक चढ़ गया। दोपहर तक भी शेयर बढ़त पर बना हुआ था। करीब ₹263 करोड़ मार्केट कैप वाली इस कंपनी के स्टॉक में अचानक आई तेजी ने निवेशकों का ध्यान खींचा है।

एफएमसीजी सेक्टर की कंपनी, दावणगेरे शुगर कंपनी लिमिटेड (Davangere Sugar Company Ltd) के शेयर में आज 6% की तेजी देखने को मिल रही है।
दोपहर 12:05 बजे तक स्टॉक एनएसई पर 4.57% या 0.08 रुपये चढ़कर 1.83 रुपये पर कारोबार कर रहा था और बीएसई पर स्टॉक 3.37% या 0.06 रुपये की तेजी के साथ 1.84 रुपये पर ट्रेड कर रहा था। फिलहाल इस कंपनी का मार्केट कैप 263.12 करोड़ रुपये है।
अच्छे रहे थे नतीजे
कंपनी के वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) के प्रदर्शन की बात करें तो इस दौरान कंपनी का रेवेन्यू 11.1 फीसदी बढ़कर ₹238.8 करोड़ रहा। कंपनी का EBITDA ₹50.7 करोड़ रहा और EBITDA मार्जिन 21.2 फीसदी रहा। इस दौरान डिस्टिलरी सेगमेंट कंपनी के लिए सबसे बड़ा रेवेन्यू स्रोत बन गया, जिससे ₹133.5 करोड़ की आय हुई। वहीं, शुगर सेगमेंट से ₹98.9 करोड़ और को-जनरेशन से ₹7.1 करोड़ का रेवेन्यू मिला।
वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी Q1 FY27 में कंपनी की ग्रोथ और तेज होती नजर आई। इस तिमाही में रेवेन्यू सालाना आधार पर 44.2 फीसदी बढ़कर ₹34.7 करोड़ पहुंच गया। डिस्टिलरी सेगमेंट का PBIT यानी कारोबार से होने वाला मुनाफा ₹15.8 करोड़ रहा। कंपनी के प्रदर्शन में ऑपरेटिंग लेवरेज का असर भी दिखाई देने लगा है, यानी बिक्री बढ़ने के साथ कंपनी की लागत के मुकाबले मुनाफे में सुधार की गुंजाइश बढ़ रही है।
ग्रोथ के लिए कंपनी ने उठाए बड़े कदम
कंपनी ने ग्रोथ के लिए एक बड़ा कदम उठाते हुए 10 करोड़ डॉलर यानी करीब ₹840 करोड़ का FCCB इश्यू किया है। इसके तहत 1,000 अनसिक्योर्ड FCCB जारी किए गए हैं और प्रत्येक FCCB की कीमत 1 लाख डॉलर है। इन बॉन्ड पर 2 फीसदी का कूपन है और इनकी अवधि 5 साल है।
इन्हें ₹3.60 प्रति शेयर के कन्वर्जन प्राइस पर इक्विटी शेयरों में बदला जा सकता है। FCCB को 9 जुलाई 2026 को मॉरीशस के Afrinex Exchange पर लिस्ट किया गया था। इसकी पहली ट्रांच 25 अगस्त 2026 को कन्वर्ट हुई, जिसके बाद कंपनी ने 26.59 करोड़ नए इक्विटी शेयर जारी किए। इसके साथ कंपनी की पेड-अप कैपिटल बढ़कर ₹169.59 करोड़ हो गई। कंपनी के मुताबिक, इस माध्यम से उसे लंबी अवधि के लिए कम लागत वाली ग्रोथ कैपिटल मिली है।
FCCB से मिले फंड का इस्तेमाल कंपनी वैश्विक स्तर पर अपने कारोबार का विस्तार करने के लिए करेगी। कंपनी के बोर्ड ने पूरी तरह अपनी स्वामित्व वाली ब्रिटेन की कंपनी Aurevant Global Ltd में 8.495 करोड़ डॉलर यानी करीब ₹710 करोड़ लगाने को मंजूरी दी है। यह निवेश FCCB से मिले पैसों से किया जाएगा।
इस UK सब्सिडियरी का मुख्य उद्देश्य दुनियाभर में शुगर और एथेनॉल से जुड़े कारोबार के अवसर तलाशना और जरूरत पड़ने पर कंपनियों का अधिग्रहण यानी M&A करना होगा। यह कर्नाटक से बाहर कंपनी का पहला बड़ा रणनीतिक विस्तार कदम है।
कंपनी के प्रमोटर्स ने भी कारोबार में अपनी हिस्सेदारी और प्रतिबद्धता बढ़ाने का संकेत दिया है। प्रमोटर्स ₹40.12 करोड़ के अनसिक्योर्ड लोन को ₹3.77 प्रति शेयर की कीमत पर 10.64 करोड़ कन्वर्टिबल वारंट में बदल रहे हैं। अगर इन सभी वारंट को शेयरों में बदला जाता है तो कंपनी में प्रमोटर्स की हिस्सेदारी 41.63 फीसदी से बढ़कर 45.67 फीसदी हो जाएगी। इससे कंपनी की बैलेंस शीट पर कर्ज का बोझ कम करने में मदद मिलेगी और प्रमोटर्स का कंपनी के साथ वित्तीय जुड़ाव भी मजबूत होगा।
डिस्टिलरी में Zero Liquid Discharge और CO₂ रिकवरी प्लांट जैसी सुविधाएं भी मौजूद हैं। कंपनी के लिए एक और खास बात यह है कि इसकी डिस्टिलरी में मोलासेस, गन्ने के रस और अनाज जैसे अलग-अलग फीडस्टॉक का इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे कच्चे माल की उपलब्धता के हिसाब से उत्पादन में लचीलापन मिलता है।