Q1 नतीजों से पहले आईटी सेक्टर पर बड़ा अलर्ट! TCS, Infosys और HCL Tech को लेकर ब्रोकरेज ने जताई बड़ी आशंका

ब्रोकरेज का कहना है कि वैश्विक आर्थिक दबाव, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर बनी अनिश्चितता और भू-राजनीतिक चुनौतियों की वजह से आईटी सेवाओं की मांग कमजोर रह सकती है। इसका असर कंपनियों के विवेकाधीन खर्च और नए फैसलों पर पड़ रहा है।

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In Short

  • मोतीलाल ओसवाल का अनुमान है कि वैश्विक आर्थिक दबाव, AI को लेकर अनिश्चितता और भू-राजनीतिक चुनौतियों के कारण Q1 और Q2FY27 में आईटी सेवाओं की मांग कमजोर रह सकती है।
  • ब्रोकरेज के मुताबिक, इंफोसिस FY27 की ग्रोथ गाइडेंस के ऊपरी स्तर में 50 बेसिस प्वाइंट और HCL Tech 100 बेसिस प्वाइंट तक कटौती कर सकती है।
  • 9 जुलाई को TCS पहली तिमाही के नतीजे जारी करेगी, जबकि पूरे आईटी सेक्टर की नजर मांग में सुधार, राजस्व वृद्धि और AI से मिलने वाले नए अवसरों पर रहेगी।

By Gaurav Kumar:

IT Stocks: भारत की आईटी कंपनियों के पहली तिमाही (Q1FY27) के नतीजों से पहले ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज ने सेक्टर को लेकर सतर्क रुख अपनाया है। ब्रोकरेज का कहना है कि वैश्विक आर्थिक दबाव, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर बनी अनिश्चितता और भू-राजनीतिक चुनौतियों की वजह से आईटी सेवाओं की मांग कमजोर रह सकती है। इसका असर कंपनियों के विवेकाधीन खर्च और नए फैसलों पर पड़ रहा है।

ब्रोकरेज का मानना है कि यह कमजोरी केवल पहली तिमाही तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि दूसरी तिमाही (Q2FY27) तक भी जारी रह सकती है। ऐसे में वित्त वर्ष 2027 के लिए जारी किए गए ऊपरी ग्रोथ गाइडेंस में कुछ कंपनियां कटौती कर सकती हैं। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) 9 जुलाई को अपने पहली तिमाही के नतीजे घोषित करेगी।

Infosys और HCL Tech घटा सकती है गाइडेंस

मोतीलाल ओसवाल के मुताबिक, इंफोसिस अपने FY27 गाइडेंस के ऊपरी स्तर में 50 बेसिस प्वाइंट तक कटौती कर सकती है। वहीं, HCL टेक्नोलॉजीज अपनी सर्विसेज ग्रोथ गाइडेंस के ऊपरी स्तर में 100 बेसिस प्वाइंट तक कमी कर सकती है।

ब्रोकरेज ने अपने कवरेज वाले आईटी सेक्टर के लिए रुपये के आधार पर सालाना 14.4% राजस्व वृद्धि, 16.4% EBIT वृद्धि और 13.3% शुद्ध मुनाफे (PAT) में बढ़ोतरी का अनुमान लगाया है।

किन कंपनियों से कैसी उम्मीद?

ब्रोकरेज के अनुसार, बड़ी आईटी कंपनियों में कॉन्स्टेंट करेंसी के आधार पर पहली तिमाही की वृद्धि -1.5% से 2% के बीच रह सकती है, जबकि मिड-कैप कंपनियों में यह -1% से 4.8% तक रहने का अनुमान है।

टीसीएस और एलएंडटी माइंडट्री (LTM) के राजस्व में तिमाही आधार पर कोई खास बदलाव नहीं दिख सकता है। वहीं, इंफोसिस करीब 2% की वृद्धि के साथ बड़ी कंपनियों में सबसे बेहतर प्रदर्शन कर सकती है, जिसमें अधिग्रहण का भी योगदान रहेगा। टेक महिंद्रा में टेलीकॉम सौदों के दम पर करीब 1% वृद्धि का अनुमान है।

दूसरी ओर, HCL टेक और विप्रो के प्रदर्शन पर ग्राहकों से जुड़े मुद्दों, प्रोजेक्ट शुरू होने में देरी और मौसमी कमजोरी का असर पड़ सकता है।

मिड-कैप कंपनियों और मार्जिन पर नजर

मिड-कैप आईटी कंपनियों में हेक्सावेयर टेक्नोलॉजीज के लगभग 4.8% कॉन्स्टेंट करेंसी ग्रोथ के साथ सबसे आगे रहने की उम्मीद है। इसके बाद पर्सिस्टेंट सिस्टम्स, एमफैसिस और टाटा टेक्नोलॉजीज का स्थान रह सकता है। वहीं, कोफोर्ज और जेन टेक्नोलॉजीज के प्रदर्शन के स्थिर रहने का अनुमान है।

मार्जिन के मोर्चे पर तस्वीर मिली-जुली रह सकती है। इंफोसिस और HCL टेक के मार्जिन में करीब 40 बेसिस प्वाइंट सुधार का अनुमान है, जबकि टेक महिंद्रा में लगातार दूसरे क्वार्टर करीब 50 बेसिस प्वाइंट का विस्तार देखने को मिल सकता है। दूसरी ओर, टीसीएस के मार्जिन पर सालाना वेतन वृद्धि का असर पड़ सकता है।

ब्रोकरेज का कहना है कि आईटी सेक्टर में दोबारा मजबूत वैल्यूएशन तभी संभव होगा, जब मांग में स्पष्ट सुधार, राजस्व वृद्धि में स्थिरता और AI से जुड़े अवसर इतने बड़े स्तर पर सामने आएं कि वे उत्पादकता से जुड़ी चुनौतियों की भरपाई कर सकें।

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