TCS, Infosys, HCL Tech, Wipro और Tech Mahindra को लेकर आई बड़ी खबर

भारतीय टेक कंपनियों और स्टार्टअप्स में हायरिंग बढ़ने की गुड न्यूज देश और दुनिया की आर्थिक ताकत में फिर से मजबूती लाने का भरोसेमंद संकेत दे रही है। दरअसल, बीते 12-18 महीनों के दौरान कई कंपनियों ने कर्मचारियों की छंटनी की थी और हायरिंग की गति भी इस दौरान बेहद सुस्त हो गई थी। लेकिन अब फिर से हालात बदल रहे हैं और कंपनियां टैलेंट की तलाश में जोर शोर से जुट गई हैं।

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एक्सपर्ट स्टाफिंग फर्म एक्सफेनो के आंकड़ों के मुताबिक IT सेक्टर में जॉब्स की डिमांड में धीरे-धीरे इजाफा हो रहा है। 2024-25 के पहले 5 महीनों यानी अप्रैल-अगस्त के दौरान कर्मचारियों की मांग में इजाफा हुआ है। पिछले 20 महीनों में सबसे ज्यादा यानी 1 लाख 68 हजार नौकरियां मार्च 2024 में थीं, जिसके बाद ये 1.56 लाख रह गई थी और मई में ये संख्या गिरकर 1 लाख 7 हजार रह गई थी। लेकिन अब इसमें तेजी आई है और ये मई के न्यूनतम आंकड़े के मुकाबले 25 परसेंट ज्यादा हो गई है। हालांकि ये अभी भी अपने पीक से 50 परसेंट कम है। IT कंपनियों में भर्ती का सिलसिला फिर से शुरू होने की सबसे बड़ी वजह दिग्गज कंपनियों की तरफ से की जा रही हायरिंग है। 

रिपोर्ट के मुताबिक 

TCS, Infosys, HCLTech, Wipro और Tech Mahindra ने 2024-25 में करीब 81 हजार से 88 हजार नए फ्रेशर्स की भर्ती करने की योजना बनाई है। इसी के साथ कंपनियां कर्मचारियों की सैलरी भी बढ़ाएंगी जो औसतन 5 से 7 परसेंट हो सकती है। इसके अलावा कंपनियां कर्मचारियों को बनाए रखने के लिए रणनीतियां भी बनाएंगी।

Xpheno के मुताबिक IT सेक्टर में कर्मचारियों की बढ़ती सैलरी के साथ टर्नओवर में भी इजाफा हो सकता है। टेक सेक्टर की हायरिंग मध्यम और छोटे शहरों के विकास में भी तेजी लाएंगी। Nasscom के मुताबिक भारत के टेक टैलेंट का करीब 15 फीसदी Tier-2 और Tier-3 शहरों में है। ये शहर कम लागत और बेहतर इंफ्रास्ट्र्क्चर की वजह से विकास की नई झलक के गवाह बन रहे हैं। हालांकि कंपनियां 85 फीसदी से ज्यादा हायरिंग टियर-1 शहरों में करेंगी। लेकिन Tier-2 और Tier-3 में भी मौके मौजूद हैं।

स्टार्टअप्स में भी अब ब्रेक ईवन के साथ हायरिंग में तेजी आ रही है। 2022 से अब तक स्टार्टअप्स ने 30 हजार से ज्यादा लोगों को नौकरी से निकाला है। लेकिन अब हालात बदल रहे हैं और स्टार्टअप्स विकास-विस्तार योजनाओं के तहत हायरिंग की तैयारी कर रहे हैं। ऐसे में साफ है कि भारतीय टेक कंपनियां और स्टार्टअप्स फिर से हायरिंग के लिए तैयार हैं। इस बीच कुछ चुनौतियां भी मौजूद हैं और कई मौके भी मिलने की संभावना है।

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