Apollo Micro Systems ने भारतीय नौसेना को दिया स्वदेशी SDD, शेयरों में आई जोरदार तेजी
कंपनी ने आज अपने लेटेस्ट एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि उसने भारतीय नौसेना को स्वदेशी तकनीक से विकसित सेफ्टी एंड डेटोनेशन डिवाइस (SDD) सफलतापूर्वक सौंप दिया है। इस डिवाइस का ट्रांसफर भारतीय नौसेना के डायरेक्टर जनरल ऑफ नेवल इंस्पेक्शन (DGNAI) रियर एडमिरल रूपक बरुआ, VSM की मौजूदगी में हुआ।

एयरोस्पेस और डिफेंस सेक्टर की कंपनी, अपोलो माइक्रो सिस्टम्स लिमिटेड (Apollo Micro Systems Limited (AMS)) का शेयर आज दोपहर 3 बजे तक बीएसई पर 3.95% या 14.90 रुपये चढ़कर 392 रुपये पर ट्रेड कर रहा था और एनएसई पर स्टॉक 3.77% या 14.25 रुपये की तेजी के साथ 392.35 रुपये पर ट्रेड कर रहा था।
कंपनी ने आज अपने लेटेस्ट एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि उसने भारतीय नौसेना को स्वदेशी तकनीक से विकसित सेफ्टी एंड डेटोनेशन डिवाइस (SDD) सफलतापूर्वक सौंप दिया है। इस डिवाइस का ट्रांसफर भारतीय नौसेना के डायरेक्टर जनरल ऑफ नेवल इंस्पेक्शन (DGNAI) रियर एडमिरल रूपक बरुआ, VSM की मौजूदगी में हुआ। इस दौरान भारतीय नौसेना के वरिष्ठ अधिकारी और कंपनी का नेतृत्व भी मौजूद रहा।
कंपनी ने बताया कि इससे पहले भारतीय नौसेना इस महत्वपूर्ण उपकरण के लिए आयात पर निर्भर थी। अब इसके स्वदेशी विकास से खरीद लागत में बड़ी कमी आने की उम्मीद है और रक्षा क्षेत्र में भारत की आत्मनिर्भरता (Atmanirbhar Bharat) को भी मजबूती मिलेगी।
कंपनी के अनुसार, SDD का विकास डिजाइन, इंजीनियरिंग, क्वालिफिकेशन और वैलिडेशन की लंबी और कठिन प्रक्रिया के बाद पूरा हुआ है। यह उपलब्धि दिखाती है कि भारतीय कंपनियां हथियार प्रणालियों के सबसे महत्वपूर्ण और सुरक्षा से जुड़े उपकरण भी सफलतापूर्वक विकसित कर सकती हैं।
अपोलो माइक्रो सिस्टम्स का मानना है कि इस सफलता के बाद भारतीय नौसेना और अन्य रक्षा एजेंसियों से उत्पादन (Production) और नए प्रोजेक्ट्स के ऑर्डर मिलने की मजबूत संभावना है, क्योंकि भविष्य में स्वदेशी सेफ्टी और आर्मिंग सिस्टम को बड़े पैमाने पर अपनाया जाएगा। कंपनी ने कहा कि उसके पास डिजाइन क्षमता, मैन्युफैक्चरिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और क्वालिटी सिस्टम मौजूद हैं, जिससे वह SDD और उससे जुड़े अन्य उत्पादों का बड़े पैमाने पर उत्पादन और पूरे लाइफसाइकल के दौरान सपोर्ट देने के लिए पूरी तरह तैयार है।