बाजार गिरा लेकिन इस डिफेंस स्टॉक में आई 7% से ज्यादा की तेजी! 1 घंटे में हुआ करीब 30 लाख शेयरों में ट्रेड
सुबह 10:16 बजे तक कंपनी का शेयर 7.53% या 25.65 रुपये चढ़कर 366.30 रुपये पर ट्रेड कर रहा है और एनएसई पर स्टॉक 7.31% या 24.90 रुपये की तेजी के साथ 365.60 रुपये पर कारोबार कर रहा था।

Stock to BUY: बुधवार को शेयर बाजार में गिरावट के बीच डिफेंस और एयरोस्पेस सेक्टर की कंपनी, अपोलो माइक्रो सिस्टम्स लिमिटेड (Apollo Micro Systems Ltd) के शेयर में 6 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी देखने को मिल रही है।
सुबह 10:16 बजे तक कंपनी का शेयर 7.53% या 25.65 रुपये चढ़कर 366.30 रुपये पर ट्रेड कर रहा है और एनएसई पर स्टॉक 7.31% या 24.90 रुपये की तेजी के साथ 365.60 रुपये पर कारोबार कर रहा था।
ब्रोकरेज Choice Institutional Equities ने अपने 19 मई की रिपोर्ट में इस शेयर पर Add कॉल देते हुए 365 रुपये का टारगेट प्राइस दिया था जिसे अब स्टॉक ने पार कर लिया है।
1 घंटे में 30 लाख शेयरों में ट्रेड
सुबह 9:15 से 10:15 के बीच इस कंपनी के 29,97,736 यानी करीब 30 लाख इक्विटी शेयरों में ट्रेड हुआ है।
Q4FY26 Results
कंपनी ने हाल ही में अपने फाइलिंग में बताया कि Q4FY26 में परिचालन से राजस्व 26.87% बढ़कर 205.22 करोड़ रुपये पहुंच गया, जो एक साल पहले समान तिमाही में 161.76 करोड़ रुपये था।
वहीं कंपनी का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) सालाना आधार पर 161.64% की जोरदार बढ़त के साथ 37.44 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले साल समान तिमाही में यह 14.31 करोड़ रुपये था।
रक्षा मंत्रालय से हाल ही में मिला था ये ऑर्डर
कंपनी ने हाल ही में बताया था कि उसे अपने सामान्य कारोबार के तहत कई नए ऑर्डर प्राप्त हुए हैं। कंपनी को रक्षा मंत्रालय (Ministry of Defence) से ₹17.47 करोड़, पब्लिक सेक्टर डिफेंस अंडरटेकिंग्स से ₹9.52 करोड़ और प्राइवेट कंपनियों से ₹24.01 करोड़ के ऑर्डर मिले हैं। इस तरह कंपनी को कुल ₹51.02 करोड़ के नए ऑर्डर हासिल हुए हैं।
इस चीज के लिए मिला था लाइफटाइम लाइसेंस
कंपनी ने हाल ही में अपने लेटेस्ट एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि उसे भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के DPIIT से गोला-बारूद (अम्युनिशन) बनाने का लाइसेंस मिला है।
कंपनी ने आगे बताया कि यह लाइसेंस 10 अप्रैल 2026 को जारी हुआ है और इसकी वैधता लाइफटाइम है। इसके तहत कंपनी को मिसाइल, एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल (ATGM), टॉरपीडो, अंडरवाटर माइंस, एरियल बम, रॉकेट और लोइटरिंग म्यूनिशन जैसे हाई-वैल्यू डिफेंस प्रोडक्ट्स के निर्माण, असेंबली, इंटीग्रेशन और टेस्टिंग की अनुमति मिल गई है।