डिफेंस सेक्टर की कंपनी को करोड़ों का ऑर्डर! PSU, राज्य सरकारों और निजी कंपनियों से मिला काम - स्टॉक में हलचल
कंपनी ने बताया है कि उसे अपने सामान्य कारोबार के तहत कुल ₹808.38 मिलियन यानी करीब ₹80.84 करोड़ के ऑर्डर मिले हैं। ये ऑर्डर डिफेंस PSU (सरकारी रक्षा कंपनियों), राज्य सरकारों और निजी उद्योगों से मिले हैं।

एयरोस्पेस और डिफेंस सेक्टर की कंपनी, अपोलो माइक्रो सिस्टम्स (Apollo Micro Systems) ने अपने निवेशकों को आज लेटेस्ट एक्सचेंज फाइलिंग में बिजनेस अपडेट दिया है।
कंपनी ने बताया है कि उसे अपने सामान्य कारोबार के तहत कुल ₹808.38 मिलियन यानी करीब ₹80.84 करोड़ के ऑर्डर मिले हैं। ये ऑर्डर डिफेंस PSU (सरकारी रक्षा कंपनियों), राज्य सरकारों और निजी उद्योगों से मिले हैं। कंपनी के मुताबिक, ये ऑर्डर उसके मौजूदा बिजनेस का हिस्सा हैं और इससे कंपनी के ऑर्डर बुक और कारोबार को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
Apollo Micro Systems Share Price
कंपनी का शेयर आज दोपहर 2:34 बजे तक एनएसई पर 1.35% या 5.30 रुपये गिरकर 388.25 रुपये पर ट्रेड कर रहा था और बीएसई पर शेयर 1.16% या 4.55 रुपये टूटकर 388 रुपये पर ट्रेड कर रहा था।
Apollo Micro Systems Q1 FY27 Results
कंपनी ने हाल ही में बताया था की उसने Q1 FY27 में ₹25.2 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो पिछले साल की समान तिमाही के ₹17.6 करोड़ से 43% अधिक है। इस दौरान कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू 88% बढ़कर ₹251.3 करोड़ पहुंच गया, जो Q1 FY26 में ₹134 करोड़ था।
कंपनी का EBITDA भी 18% बढ़कर ₹48 करोड़ हो गया। Apollo Micro Systems ने इसे जून तिमाही का अब तक का सबसे अधिक EBITDA बताया है। हालांकि, मजबूत ग्रोथ के बावजूद EBITDA मार्जिन में गिरावट आई। यह पिछले साल के 30.6% से घटकर 21.4% रह गया।
कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर बड्डम करुणाकर रेड्डी ने कहा कि वित्त वर्ष की पहली तिमाही में कंपनी का अब तक का सबसे अच्छा प्रदर्शन उसकी बेहतर कार्यक्षमता, मुश्किल परिस्थितियों में मजबूती और जरूरी प्राथमिकताओं पर लगातार फोकस को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि कंपनी को इस मजबूत प्रदर्शन की रफ्तार को आगे भी बनाए रखना है और ज्यादा तेजी व बेहतर तरीके से काम करना है। साथ ही, रक्षा क्षेत्र की बदलती जरूरतों के अनुसार कंपनी को अपनी रणनीति और क्षमताओं को लगातार मजबूत करना होगा। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में रक्षा क्षेत्र में बड़े अवसर मौजूद हैं। कंपनी अपनी क्षमताओं को मजबूत करने, देश की रक्षा तैयारियों में अपना योगदान बढ़ाने और तेज, अनुशासित व बेहतर तरीके से काम करने पर लगातार ध्यान देगी।