डिफेंस सेक्टर की इस कंपनी के NSE-BSE की बड़ी मंजूरी, रडार पर शेयर; 1 साल में दे चुका है 125% का बंपर रिटर्न
इस कंपनी को कन्वर्टिबल वारंट्स के बदले जारी किए गए 1.42 करोड़ इक्विटी शेयरों में ट्रेडिंग के लिए NSE और BSE से मंजूरी मिल गई है। ये शेयर 23 जुलाई 2026 से एक्सचेंजों पर ट्रेडिंग के लिए उपलब्ध हो गए हैं। इनकी फेस वैल्यू ₹1 प्रति शेयर है।

Stock in Focus: एयरोस्पेस और डिफेंस सेक्टर की कंपनी, अपोलो माइक्रो सिस्टम्स लिमिटेड (Apollo Micro Systems Ltd) का शेयर अपने लेटेस्ट एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि 8 जून, 17 जून और 23 जून 2026 को कन्वर्टिबल वारंट्स को इक्विटी शेयरों में बदलकर नॉन-प्रमोटर्स को प्रेफरेंशियल आधार पर शेयर अलॉट किए गए थे। इन शेयरों में ट्रेडिंग के लिए NSE और BSE ने 22 जुलाई 2026 को मंजूरी दे दी।
इसके बाद ये शेयर 23 जुलाई 2026 से स्टॉक एक्सचेंजों पर लिस्ट होकर ट्रेडिंग के लिए उपलब्ध हो गए हैं। कंपनी ने कुल 1,42,94,072 इक्विटी शेयर जारी किए हैं, जिनकी फेस वैल्यू ₹1 प्रति शेयर है।
कंपनी ने बताया कि इसमें पहली अलॉटमेंट में 33,85,362 शेयर, दूसरी में 87,65,615 शेयर और तीसरी में 21,43,095 शेयर जारी किए गए। BSE Analytics के मुताबिक इस कंपनी का शेयर पिछले 1 साल में 125 प्रतिशत चढ़ा है।
Apollo Micro Systems Share Price
कंपनी का शेयर सुबह 11:27 बजे तक एनएसई पर 1.91% या 7.55 रुपये टूटकर 387.95 रुपये पर कारोबार कर रहा था और बीएसई पर स्टॉक 1.47% या 5.80 रुपये गिरकर 387.95 रुपये पर ट्रेड कर रहा था।
इंडियन नेवी से हाल ही में मिला था बड़ा ऑर्डर
कंपनी ने हाल ही में अपने एक फाइलिंग में बताया था कि उसे भारतीय नौसेना (Indian Navy) से Make-II Prototype Sanction Order (PSO) मिला है।
यह ऑर्डर कंपनी को स्वदेशी नौसैनिक इलेक्ट्रॉनिक युद्ध (Naval Maritime Electronic Warfare) तकनीक में उसकी क्षमता को देखते हुए दिया गया है। इस प्रोजेक्ट के तहत कंपनी SAVIOR-ASW (Semi-Submersible Autonomous Vessel for Intelligence, Operations and Reconnaissance) नामक एक मानव रहित (Unmanned) अर्ध-जलमग्न समुद्री प्लेटफॉर्म का डिजाइन, विकास और प्रोटोटाइप तैयार करेगी।
यह सिस्टम लंबे समय तक स्वायत्त (Autonomous) तरीके से काम करने में सक्षम होगा और एडवांस्ड ध्वनि सेंसर (Acoustic Sensors), AI/ML आधारित टारगेट पहचान और एन्क्रिप्टेड मल्टी-चैनल कम्युनिकेशन सिस्टम की मदद से पनडुब्बी रोधी निगरानी (Anti-Submarine Warfare Surveillance) करेगा।