परिवार की संपत्ति के फैसलों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ी, लेकिन निवेश पर कितना है उनका अधिकार? रिपोर्ट में खुलासा
परिवार की संपत्ति और निवेश से जुड़े मामलों में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। लेकिन क्या उन्हें बड़े आर्थिक फैसले लेने का पूरा अधिकार भी मिल रहा है? Equirus Wealth की नई रिपोर्ट में महिलाओं की वित्तीय जिम्मेदारियों, निवेश पर नियंत्रण और परिवार की संपत्ति से जुड़ी कई दिलचस्प बातें सामने आई हैं।

In Short
- Equirus Wealth की रिपोर्ट में महिलाओं की निवेश संबंधी भूमिका पर बड़ा खुलासा।
- 100% महिलाएं संपत्ति की चर्चा में शामिल, लेकिन सिर्फ 40% पूंजी आवंटन के फैसलों से सीधे जुड़ीं।
- 90% महिलाओं ने माना कि वे अभी भी संपत्ति का प्रबंधन करना सीख रही हैं।
भारत में महिलाएं अब परिवार की संपत्ति और निवेश से जुड़े फैसलों में पहले से ज्यादा हिस्सा ले रही हैं। लेकिन क्या इन चर्चाओं में शामिल होने का मतलब यह है कि उनके पास निवेश से जुड़े बड़े फैसले लेने का अधिकार भी है? Equirus Wealth की एक स्टडी में महिलाओं की भागीदारी और निवेश पर उनके अधिकार के बीच बड़ा अंतर सामने आया है।
Equirus Wealth की 'Shakti & Capital: Next-Generation Women and the Future of Indian Family Wealth' रिपोर्ट के मुताबिक, सर्वे में शामिल 100% महिलाएं परिवार की संपत्ति से जुड़ी चर्चाओं में हिस्सा लेती हैं, लेकिन सिर्फ 40% महिलाएं ही सीधे तौर पर पूंजी आवंटन या निवेश के नए अवसर तलाशने से जुड़े फैसलों में शामिल हैं।
अपने पोर्टफोलियो पर कितनी महिलाओं का नियंत्रण?
रिपोर्ट के मुताबिक, 70% महिलाओं के पास अपने निवेश पोर्टफोलियो पर अंतिम फैसला लेने का अधिकार है। हालांकि, 90% महिलाओं ने माना कि वे अभी भी संपत्ति का प्रबंधन करना सीख रही हैं।
खास बात यह है कि किसी भी महिला को संपत्ति संभालने की जिम्मेदारी के लिए औपचारिक ट्रेनिंग नहीं मिली थी।
परिवार की संपत्ति की कितनी जानकारी?
स्टडी में सामने आया कि 60% महिलाओं को परिवार की कुल संपत्ति की पूरी जानकारी है। वहीं, 30% महिलाओं के पास आंशिक जानकारी है और 10% महिलाएं जानकारी हासिल करने के लिए दूसरों पर निर्भर हैं।
पति के साथ मिलकर निवेश के फैसले लेने वाली महिलाओं में करीब दो-तिहाई ने बताया कि बड़े निवेश की पहल उनके पति करते हैं। खासकर बड़ी रकम वाले निवेश और प्राइवेट मार्केट से जुड़े अवसरों में ऐसा देखने को मिला।
कब मिली महिलाओं को संपत्ति संभालने की जिम्मेदारी?
रिपोर्ट के अनुसार, 40% महिलाओं ने किसी बड़ी पारिवारिक या व्यक्तिगत घटना के बाद संपत्ति संभालने की जिम्मेदारी ली। इनमें परिवार के किसी सदस्य की मृत्यु, अलगाव, पूंजी का नुकसान या विरासत मिलना शामिल है।
वहीं, 30% महिलाओं को परिवार के सदस्यों ने वेल्थ मैनेजमेंट से परिचित कराया, जबकि 30% ने अपनी कमाई या कंपनी से मिले शेयरों के जरिए निवेश की शुरुआत की।
अगली पीढ़ी कितनी तैयार?
स्टडी में 50% महिलाओं ने माना कि उनके उत्तराधिकारी अभी संपत्ति संभालने के लिए तैयार नहीं हैं या इसमें सक्रिय नहीं हैं। सिर्फ 30% महिलाएं अगली पीढ़ी को इसके लिए योजनाबद्ध तरीके से तैयार कर रही हैं।
महिलाओं को निवेश में ज्यादा अधिकार कैसे मिलें?
रिपोर्ट में सुझाव दिया गया है कि परिवारों को निवेश के फैसलों में जिम्मेदारियां स्पष्ट करनी चाहिए। महिलाओं को संपत्ति और देनदारियों की पूरी जानकारी देने के साथ निवेश का व्यावहारिक अनुभव भी मिलना चाहिए।
रिपोर्ट के मुताबिक, केवल 10% महिलाओं के परिवारों में ट्रस्ट जैसी औपचारिक व्यवस्था थी। किसी ने भी निवेश समिति या तय समय पर पोर्टफोलियो समीक्षा की व्यवस्था होने की जानकारी नहीं दी।
हालांकि, यह स्टडी Equirus Family Office से जुड़ी महिला निवेशकों और उत्तराधिकारियों के इंटरव्यू पर आधारित है। इसलिए इसके नतीजों को सभी भारतीय परिवारों पर लागू नहीं किया जा सकता।