फ्लाइट लेट, सामान गुम या अचानक बीमारी, विदेश यात्रा में ट्रैवल इंश्योरेंस ऐसे बचाता है आपका पैसा और सफर

विदेश घूमने की तैयारी में कई लोग टिकट और होटल पर तो ध्यान देते हैं, लेकिन ट्रैवल इंश्योरेंस को नजरअंदाज कर देते हैं। पॉलिसीबाज़ार के मीत कपाड़िया ने बताया कि यह छोटी लागत में मेडिकल खर्च, सामान खोने और यात्रा से जुड़ी परेशानियों से बचाने में मदद कर सकता है।

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In Short

  • विदेश यात्रा में ट्रैवल इंश्योरेंस मेडिकल इमरजेंसी, सामान और पूरी यात्रा से जुड़े जोखिमों में सुरक्षा देता है।
  • पॉलिसीबाज़ार के मीत कपाड़िया ने बताया कि सिर्फ सस्ती पॉलिसी नहीं, बल्कि कवर और शर्तों को समझना जरूरी है।
  • पॉलिसीबाज़ार के मीत कपाड़िया ने बताया कि सिर्फ सस्ती पॉलिसी नहीं, बल्कि कवर और शर्तों को समझना जरूरी है।

By Gaurav Kumar:

विदेश यात्रा के दौरान ट्रैवल इंश्योरेंस को महज एक अतिरिक्त सुविधा मानना सही नहीं है। बिजनेस टुडे के एक शो में सीनियर एंकर साक्षी बत्रा के सवालोंं का जवाब देते हुए पॉलिसीबाज़ार के मीत कपाड़िया ने कहा कि ट्रैवल इंश्योरेंस यात्रियों को अचानक आने वाले बड़े वित्तीय जोखिमों से बचाने में अहम भूमिका निभाता है। उनके मुताबिक, ट्रैवल इंश्योरेंस मुख्य रूप से तीन चीजों की सुरक्षा करता है- स्वास्थ्य, सामान और पूरी यात्रा।

स्वास्थ्य सुरक्षा सबसे अहम हिस्सा

मीत कपाड़िया ने ट्रैवल इंश्योरेंस को खर्च नहीं बल्कि जोखिम प्रबंधन का जरिया बताया। उन्होंने कहा कि ट्रैवल इंश्योरेंस आपको तीन अलग-अलग चीजों के लिए कवर देता है, जो आपकी हेल्थ, आपका लगेज और आपकी पूरी ट्रिप है। उन्होंने बताया कि विदेश यात्रा में सबसे बड़ा फायदा मेडिकल कवर का होता है। खासतौर पर 2021 और 2022 के बाद विदेशों में स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर लोगों की जागरूकता बढ़ी है।

एक्सपर्ट के अनुसार, विकसित देशों में इलाज का खर्च काफी ज्यादा हो सकता है और अचानक बीमारी या दुर्घटना की स्थिति में यह यात्रियों पर बड़ा आर्थिक बोझ डाल सकता है। ट्रैवल इंश्योरेंस में आमतौर पर डॉलर में कवर मिलता है, जिससे विदेशों में महंगे इलाज के खर्च को संभालने में मदद मिलती है।

फ्लाइट में देरी और सामान खोने पर भी मदद

ट्रैवल इंश्योरेंस सिर्फ मेडिकल इमरजेंसी तक सीमित नहीं है। फ्लाइट में देरी, यात्रा रद्द होने या सामान देर से मिलने जैसी परिस्थितियों में भी यह यात्रियों को राहत दे सकता है।

कपाड़िया ने कहा कि कई यात्री एयरलाइन, ट्रैवल एजेंट या बुकिंग प्लेटफॉर्म के साथ मिलने वाली सबसे सस्ती पॉलिसी खरीद लेते हैं, लेकिन उन्हें यह समझना चाहिए कि उसमें कौन-कौन से जोखिम कवर हैं। उनके मुताबिक, ध्यान सिर्फ प्रीमियम पर नहीं बल्कि पॉलिसी की वास्तविक सुरक्षा पर होना चाहिए।

कम लागत में बड़े जोखिम से बचाव

ट्रैवल इंश्योरेंस को अक्सर तब तक नजरअंदाज किया जाता है, जब तक कोई परेशानी सामने नहीं आती। लेकिन विदेश यात्रा के दौरान यह कम लागत में बड़े आर्थिक झटकों से बचाने वाला साधन बन सकता है। बढ़ती अंतरराष्ट्रीय यात्राओं के बीच पर्सनल फाइनेंस सेक्टर का संदेश साफ है कि यात्रियों को सिर्फ पॉलिसी खरीदने के बजाय उसकी सुरक्षा को समझना भी जरूरी है।

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