Flight Delay पर मिलेगा पैसा या नहीं? Trip Delay और Insurance Cover का समझें बड़ा फर्क!
ट्रैवल इंश्योरेंस खरीदते समय ज्यादातर लोग सिर्फ कवर अमाउंट देखते हैं लेकिन असली फर्क पॉलिसी की शर्तों से पड़ता है। एक्सपर्ट Meet Kapadia ने बताया कि ट्रिप डिले और फ्लाइट डिले कवर को एक जैसा समझना बड़ी गलती हो सकती है। क्लेम के समय नुकसान से बचने के लिए यात्रियों को पॉलिसी की बारीकियां जरूर समझनी चाहिए।

In Short
- ट्रिप डिले और फ्लाइट डिले कवर को अलग अलग मान सकती हैं इंश्योरेंस कंपनियां
- पॉलिसी खरीदने से पहले फ्लाइट डिले और कैंसिलेशन कवर जरूर जांचें
- कम कीमत वाली पॉलिसी में एक्सक्लूजन और क्लेम शर्तें समझना जरूरी
छुट्टियों या विदेश यात्रा की योजना बना रहे लोगों के लिए ट्रैवल इंश्योरेंस काफी जरूरी होता है। लेकिन पॉलिसी खरीदते समय सिर्फ बड़े कवर अमाउंट को देखकर फैसला करना भारी पड़ सकता है। बिजनेस टुडे के एक शो में सीनियर एंकर साक्षी बत्रा के सवालोंं का जवाब देते हुए पॉलिसीबाज़ार के मीत कपाड़िया ने कहा कि कि यात्रियों को ट्रिप डिले और फ्लाइट डिले कवर के बीच अंतर जरूर समझना चाहिए क्योंकि दोनों हमेशा एक जैसे नहीं होते हैं।
ट्रिप डिले और फ्लाइट डिले कवर में बड़ा अंतर
मीत कपाड़िया ने कहा कि ट्रैवल इंश्योरेंस लेते समय यह देखना जरूरी है कि उसमें ट्रिप डिले कवर मौजूद है या नहीं। उन्होंने बताया कि कुछ इंश्योरेंस कंपनियां फ्लाइट डिले कवर को ट्रिप डिले से अलग मानती हैं।
कई यात्री यह मान लेते हैं कि अगर यात्रा में किसी भी तरह की देरी होती है तो इंश्योरेंस कंपनी उसका भुगतान कर देगी। लेकिन क्लेम के समय पता चलता है कि उनकी पॉलिसी में उस स्थिति का कवर शामिल ही नहीं था।
किन परिस्थितियों में मिल सकता है फायदा
ट्रिप डिले कवर कई तरह की परेशानियों में मदद कर सकता है। जैसे यात्री की तबीयत खराब हो जाए मेडिकल कारणों से सफर रुक जाए या डेस्टिनेशन पर प्राकृतिक आपदा के कारण यात्रा प्रभावित हो जाए।
वहीं फ्लाइट लेट होने या कैंसिल होने की स्थिति में अलग नियम लागू हो सकते हैं। इसलिए यात्रियों को यह जांचना चाहिए कि उनकी पॉलिसी में फ्लाइट डिले और कैंसिलेशन के लिए सुरक्षा दी गई है या नहीं।
सस्ती पॉलिसी खरीदने से पहले सावधान
कई लोग ट्रैवल एजेंट एयरलाइन या ऑनलाइन बुकिंग प्लेटफॉर्म से जल्दी में कम कीमत वाली इंश्योरेंस पॉलिसी खरीद लेते हैं। इस दौरान वे एक्सक्लूजन सब लिमिट और क्लेम की शर्तों को ठीक से नहीं पढ़ते हैं।
एक्सपर्ट के मुताबिक लोग अक्सर सिर्फ कवर राशि पर ध्यान देते हैं जबकि असली महत्व उन नियमों का होता है जो तय करते हैं कि क्लेम कब मिलेगा और कब नहीं।
पॉलिसी खरीदने से पहले इन बातों को करें चेक
यात्रियों को इंश्योरेंस लेने से पहले यह देखना चाहिए कि पॉलिसी फ्लाइट डिले मिस्ड कनेक्शन मेडिकल इमरजेंसी मेडिकल इवैक्यूएशन प्री एग्जिस्टिंग बीमारी और एडवेंचर स्पोर्ट्स जैसी स्थितियों को कैसे कवर करती है।
यात्रा के दौरान किसी परेशानी को आर्थिक बोझ बनने से बचाने के लिए जरूरी है कि ग्राहक सिर्फ इंश्योरेंस का नाम नहीं बल्कि उसकी पूरी शर्तों को समझकर ही पॉलिसी खरीदें।