इन 10 तरह की आमदनी पर नहीं लगता इनकम टैक्स! हर टैक्सपेयर को जानना ही चाहिए
12 लाख रुपये की सालाना इनकम पूरी तरह से टैक्स फ्री है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि ऐसे कई तरह के इनकम हैं, जिन पर आपको सरकार को टैक्स नहीं देना पड़ता।

पिछले साल फरवरी 2025 में बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने देश के लोगों को एक बड़ी राहत दी थी। सरकार ने 12 लाख रुपये की सालाना इनकम पर इनकम टैक्स खत्म कर दिया था, जिससे कई लोगों की आमदनी में इजाफा हुआ था।
अब 12 लाख रुपये की सालाना इनकम पूरी तरह से टैक्स फ्री है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि ऐसे कई तरह के इनकम हैं, जिन पर आपको सरकार को टैक्स नहीं देना पड़ता। चलिए आज हम आपको ऐसे 10 तरह की इनकम बताते हैं, जिन पर आपको किसी भी तरह का टैक्स नहीं देना पड़ता।
1. EPF से विड्रॉवल
नौकरी करने वाले लोगों का अक्सर एक PF अकाउंट होता है, जिस पर कर्मचारी और उसके एम्प्लॉयर का योगदान और ब्याज शामिल होता है। पुराने और नए दोनों टैक्स रेजीम के तहत PF का पैसा टैक्स फ्री होता है। हालांकि, अगर आपने 5 साल से कम सेवा की है, तो कुछ मामलों में नियम और शर्तें लागू हो सकती हैं, और टैक्स देना पड़ सकता है।
2. लाइफ इंश्योरेंस
अपने परिवार की सुरक्षा के लिए बहुत लोग लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदते हैं। लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी पर मिलने वाला ब्याज और उनके मैच्योर होने पर मिलने वाला पैसा भी टैक्स फ्री होता है।
हालांकि इसमें कुछ शर्तें होती हैं, जैसे प्रीमियम की कीमत सम इंश्योर्ड के 10 प्रतिशत से ज्यादा नहीं हो सकती। इसके साथ ही मृत्यु के बाद परिवार को मिलने वाले बेनिफिट्स भी टैक्स फ्री होते हैं वो भी बिना किसी ऊपरी लिमिट के।
साथ ही पॉलिसी होल्डर को मिलने वाले पैसे की कोई अप्पर लिमिट नहीं होती है। टैक्स फ्री होने के कारण परिवार की सुरक्षा और निवेश के लिहाज से लाइफ इंश्योरेंस एक अच्छा ऑप्शन बन जाता है।
3. खेती से होने वाली आमदनी
देश के किसानों को सरकार कई तरीके से सपोर्ट करती है, जैसे उनकी फसलों को एमएसपी पे खरीदना या खेती के लिए तकनीकी और वित्तीय मदद देना। इसके साथ ही खेती से हुई सारी आमदनी, चाहे वह फसल बेचने से हो या अपनी जमीन पर लिए गए किराए से, उस पर सरकार कोई टैक्स नहीं लगाती।
हालांकि अगर खेती से होने वाली आमदनी 5000 से ज्यादा हो और खेती के अलावा दूसरी चीजें जैसे मधुमक्खी पालन से होने वाली आमदनी बेसिक लिमिट से ऊपर हो, तो ऐसे मामले में खेती से होने वाली आमदनी का इस्तेमाल टैक्स कैलकुलेशन में किया जा सकता है। हालांकि यह सिर्फ उस इनकम पर लागू होता है जो खेती के अलावा किसी दूसरे रोजगार से हो।
4. पीपीएफ रिटर्न
अगर आप भी पीपीएफ स्कीम में निवेश करते हैं तो स्कीम में मिलने वाला ब्याज और मैच्योरिटी राशि दोनों ही टैक्स फ्री होते हैं। इस स्कीम में एक साल में कम से कम 500 रुपये और ज्यादा से ज्यादा 1.5 लाख रुपये तक निवेश कर सकते हैं। इस क्वार्टर में पीपीएफ की दर 7.1 प्रतिशत है।
5. वसीयत में मिली प्रॉपर्टी
भारत उन कुछ देशों में शामिल है जहां आज भी इनहेरिटेंस टैक्स जैसा कोई कानून नहीं है। अमेरिका जैसे देशों में अगर आपको वसीयत में प्रॉपर्टी या फिर किसी अन्य तरह की चीज जैसे कैश या एफडी मिलती है, तो उस पर टैक्स देना पड़ता है। लेकिन भारत में वसीयत में मिली प्रॉपर्टी ट्रांसफर पर टैक्स नहीं देना पड़ता। हालांकि, वसीयत में मिली प्रॉपर्टी से होने वाली आमदनी जैसे एफडी और इंटरेस्ट पर टैक्स देना पड़ता है।
6. टैक्स फ्री बॉन्ड का इंटरेस्ट
सरकारी संस्थाएँ और कंपनियां अक्सर टैक्स फ्री बॉन्ड्स जारी करते हैं, जिनमें मिलने वाला ब्याज पूरी तरह टैक्स फ्री होता है। इन टैक्स फ्री बॉन्ड्स में निवेश कर आप अच्छा ब्याज कमा सकते हैं बिना किसी तरह का टैक्स भरे। लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट के लिहाज़ से यह एक अच्छा ऑप्शन है।
7. स्कॉलरशिप
शिक्षा से जुड़ी कोई भी स्कॉलरशिप, जो सरकार या किसी मान्यता प्राप्त संस्था से मिले, उस पर टैक्स नहीं लगता। स्कॉलरशिप में मिलने वाली राशि की कोई सीमा नहीं होती। स्कॉलरशिप के पैसे का टैक्स फ्री रहना छात्रों और उनके परिवारों के लिए एक बड़ी राहत है।
8. ग्रैच्युटी
इसके अलावा सरकारी कर्मचारियों को मिलने वाली ग्रैच्युटी पूरी तरह से टैक्स फ्री होती है। वहीं, निजी कर्मचारियों को ग्रैच्युटी में 20 लाख रुपये तक की छूट मिलती है।
9. रिश्तेदारों से मिले गिफ्ट
अपने माता-पिता, भाई-बहन और अन्य रिश्तेदारों से मिले गिफ्ट भी टैक्स फ्री होते हैं। साथ ही हर साल गैर-रिश्तेदारों से मिले 50,000 रुपये तक के गिफ्ट भी टैक्स फ्री होते हैं। 50,000 रुपये से अधिक के गिफ्ट अदर इनकम सोर्सेस में शामिल हो जाते हैं, जिन पर टैक्स भरना पड़ता है।
10. सरकारी योजनाओं पर रिटर्न
सरकार महिलाओं और नागरिकों के कल्याण के लिए कई तरह की स्कीम्स चलाती है, जैसे सुकन्या समृद्धि योजना। इस स्कीम में मिलने वाला ब्याज और मैच्योरिटी राशि दोनों ही पूरी तरह से टैक्स फ्री हैं। लड़कियों की शिक्षा और भविष्य में उनकी शादी के लिए यह स्कीम काफी मददगार है।