SSY Vs PPF: बेटी की पढ़ाई से लेकर बच्चों के भविष्य तक, किस योजना में मिलेगा ज्यादा फायदा?

बच्चों के भविष्य के लिए निवेश करते समय सिर्फ ज्यादा ब्याज देखना काफी नहीं है। सुकन्या समृद्धि योजना और पब्लिक प्रोविडेंट फंड दोनों लंबी अवधि की बचत योजनाएं हैं, लेकिन इनके उद्देश्य अलग हैं। जानिए बेटी की पढ़ाई और शादी से लेकर बच्चों की अन्य जरूरतों के लिए कौन सी योजना किस तरह उपयोगी हो सकती है।

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In Short

  • सुकन्या समृद्धि योजना पर 8.2% और PPF पर 7.1% सालाना ब्याज मिल रहा है।
  • SSY बेटी के भविष्य के लिए है, जबकि PPF कई लंबी अवधि के लक्ष्यों के लिए इस्तेमाल हो सकता है।
  • पात्र निवेशक SSY और PPF दोनों को अपनी वित्तीय योजना में शामिल कर सकते हैं।

By Gaurav Kumar:

हर माता-पिता चाहते हैं कि उनके बच्चों की पढ़ाई, शादी और भविष्य की दूसरी जरूरतों के लिए पर्याप्त पैसा तैयार हो। इसके लिए समय रहते बचत और निवेश शुरू करना जरूरी है। सरकारी सपोर्ट वाली लंबी अवधि की बचत योजनाएं ऐसे लक्ष्यों के लिए एक सुरक्षित विकल्प हो सकती हैं। सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) और पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) ऐसी ही दो योजनाएं हैं, जिन पर माता-पिता विचार कर सकते हैं।

फिलहाल सुकन्या समृद्धि योजना पर 8.2 फीसदी सालाना ब्याज मिल रहा है, जबकि PPF पर 7.1 फीसदी ब्याज दिया जा रहा है। यानी SSY की ब्याज दर PPF से 1.1 प्रतिशत अंक ज्यादा है। हालांकि, सिर्फ ब्याज दर के आधार पर किसी एक योजना को चुनना सही फैसला नहीं होगा। दोनों योजनाओं का उद्देश्य और इस्तेमाल अलग-अलग है।

बेटी के भविष्य के लिए SSY है खास योजना

सुकन्या समृद्धि योजना खास तौर पर बेटियों के लिए बनाई गई है। इसका मकसद बेटी की शिक्षा और शादी जैसे लंबे समय के वित्तीय लक्ष्यों के लिए एक अलग फंड तैयार करना है।

इस योजना में 15 साल तक निवेश किया जा सकता है। वहीं, अकाउंट खुलने की तारीख से 21 साल पूरे होने पर यह मैच्योर होता है। लंबी अवधि और कंपाउंडिंग यानी चक्रवृद्धि ब्याज की वजह से नियमित निवेश से बड़ा फंड तैयार करने में मदद मिल सकती है।

फिलहाल SSY पर 8.2 फीसदी सालाना ब्याज मिल रहा है। हालांकि, स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स की ब्याज दरों में सरकार समय-समय पर बदलाव कर सकती है।

PPF में ज्यादा व्यापक निवेश का ऑप्शन

पब्लिक प्रोविडेंट फंड यानी PPF का इस्तेमाल सिर्फ बच्चों के लिए नहीं बल्कि कई लंबी अवधि के वित्तीय लक्ष्यों के लिए किया जा सकता है। यह किसी खास जेंडर के लिए सीमित नहीं है।

PPF की मूल अवधि 15 साल होती है। इसके बाद इसे 5-5 साल के ब्लॉक में आगे बढ़ाया जा सकता है। नियमों और पात्रता शर्तों के अनुसार इसमें आंशिक निकासी और लोन की सुविधा भी उपलब्ध है।

यही वजह है कि PPF को बच्चों की पढ़ाई, शादी, रिटायरमेंट प्लानिंग और दूसरी लंबी अवधि की जरूरतों के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।

ब्याज ज्यादा होने से SSY हमेशा बेहतर नहीं

SSY और PPF की मौजूदा ब्याज दरों में 1.1 प्रतिशत अंक का अंतर है। लंबी अवधि में कंपाउंडिंग के कारण यह अंतर निवेश की कुल रकम पर असर डाल सकता है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हर निवेशक के लिए SSY, PPF से बेहतर विकल्प है।

प्रतीकात्मक तस्वीर

SSY का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह बेटी के भविष्य को ध्यान में रखकर बनाई गई योजना है। वहीं, PPF ज्यादा व्यापक लक्ष्यों और लचीले इस्तेमाल के लिए बेहतर विकल्प हो सकता है।

किस लक्ष्य के लिए कौन सी योजना चुनें?

अगर आपका लक्ष्य बेटी की शिक्षा या भविष्य के लिए अलग फंड तैयार करना है और आप SSY के लिए पात्र हैं, तो सुकन्या समृद्धि योजना पर विचार किया जा सकता है। दूसरी तरफ, बेटे की पढ़ाई, शादी, रिटायरमेंट या किसी अन्य लंबे लक्ष्य के लिए PPF ज्यादा उपयोगी हो सकता है।

दोनों योजनाओं का उद्देश्य अलग है। इसलिए फैसला सिर्फ ब्याज दर देखकर नहीं, बल्कि अपने वित्तीय लक्ष्य और जरूरत के हिसाब से करना चाहिए।

टैक्स के मामले में दोनों योजनाएं आकर्षक

SSY और PPF दोनों को टैक्स के लिहाज से आकर्षक बचत योजनाओं में गिना जाता है। पात्र योगदान पर सेक्शन 80C के तहत डिडक्शन का लाभ मिल सकता है, हालांकि यह लागू सीमा और चुने गए टैक्स रिजीम के नियमों पर निर्भर करता है।

इन योजनाओं में मिलने वाला ब्याज और मैच्योरिटी राशि आम तौर पर टैक्स-फ्री ट्रीटमेंट के दायरे में आती है।

SSY और PPF दोनों में कर सकते हैं निवेश

अगर आप पात्र हैं तो SSY और PPF दोनों को अपनी वित्तीय योजना का हिस्सा बना सकते हैं। बेटी की शिक्षा और भविष्य के लिए SSY में निवेश किया जा सकता है, जबकि बेटे की पढ़ाई, रिटायरमेंट या अन्य लंबी अवधि के लक्ष्यों के लिए PPF का इस्तेमाल किया जा सकता है।

इस तरह दोनों योजनाएं एक-दूसरे का विकल्प नहीं बल्कि अलग-अलग जरूरतों को पूरा करने वाले साधन हो सकती हैं।

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