सोने-चांदी में अभी निवेश करें या इंतजार? एक्सपर्ट ने बताया अगले कुछ साल का पूरा आउटलुक

सोने और चांदी की कीमतों में पिछले साल जैसी तेजी नहीं दिख रही है। ऐसे में निवेशकों के सामने सवाल है कि अभी पैसा लगाना सही रहेगा या इंतजार करना चाहिए। कमोडिटी एक्सपर्ट अनुज गुप्ता ने अगले 3 से 5 साल के लिए निवेश की रणनीति और संभावनाएं बताई हैं।

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In Short

  • सोने-चांदी में अगले 3 से 5 साल के नजरिए से निवेश की सलाह
  • अनुज गुप्ता के मुताबिक 2027 और 2028 में सोने में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद
  • एकमुश्त बड़ी रकम लगाने के बजाय छोटी-छोटी रकम से निवेश करने की सलाह

By Gungun Mishra:

अगर आप सोने और चांदी में निवेश करने की सोच रहे हैं, तो मौजूदा समय आपके लिए एक मौका हो सकता है। हालांकि, एक साथ बड़ी रकम लगाने के बजाय धीरे-धीरे निवेश करना ज्यादा बेहतर हो सकता है। कमोडिटी एक्सपर्ट अनुज गुप्ता का मानना है कि अगले तीन से पांच साल के नजरिए से सोने और चांदी में निवेश शुरू किया जा सकता है। बिजनेस टुडे के शो में सीनियर एंकर साक्षी बत्रा के सवालों का जवाब देते हुए कमोडिटी एक्सपर्ट अनुज गुप्ता ने कहा कि निवेशकों को अभी छोटी-छोटी रकम से निवेश की शुरुआत करनी चाहिए।

सोने-चांदी में कैसे करें निवेश?

अनुज गुप्ता के मुताबिक, यह समय सोने और चांदी को धीरे-धीरे अपने पोर्टफोलियो में शामिल करने का है। निवेशकों को एक साथ पूरी रकम लगाने से बचना चाहिए।

उन्होंने सलाह दी कि निवेशक SIP की तरह छोटी-छोटी रकम से सोने में निवेश कर सकते हैं। खासकर जिन लोगों के पोर्टफोलियो में अभी सोना या चांदी नहीं है, वे धीरे-धीरे निवेश शुरू कर सकते हैं।

पिछले साल जैसी तेजी क्यों नहीं दिख रही?

सोने और चांदी की कीमतों में इस साल पिछले साल यानी 2025 जैसी जोरदार तेजी देखने को नहीं मिली है। अनुज गुप्ता के मुताबिक, ऊंची ब्याज दरों, सख्त मौद्रिक नीतियों और महंगाई के दबाव का असर कीमती धातुओं की मांग पर पड़ा है।

यही वजह है कि मौजूदा त्योहारी सीजन में भी सोने और चांदी की कीमतों में ज्यादा तेजी नहीं दिख रही है। हालांकि, लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह धीरे-धीरे खरीदारी करने का मौका हो सकता है।

2027 और 2028 में क्यों आ सकती है तेजी?

अनुज गुप्ता का मानना है कि सोने के लिए 2027 और 2028 बेहतर साल साबित हो सकते हैं। उनके मुताबिक, अर्थव्यवस्थाओं के लिए लंबे समय तक ऊंची ब्याज दरें बनाए रखना मुश्किल होगा।

जब केंद्रीय बैंक ब्याज दरों में कटौती शुरू करेंगे, तो सोने को इसका फायदा मिल सकता है। ब्याज दरें घटने से सोने जैसे बिना ब्याज वाले निवेश विकल्पों का आकर्षण बढ़ सकता है।

सोना या चांदी किसमें बेहतर रिटर्न की उम्मीद?

अनुज गुप्ता अगले दो से तीन साल के लिए चांदी के मुकाबले सोने को लेकर ज्यादा सकारात्मक हैं।

उनके मुताबिक, चांदी की मांग मैन्युफैक्चरिंग और सोलर जैसे औद्योगिक क्षेत्रों से भी जुड़ी है। इन क्षेत्रों में कमजोरी आने से चांदी की कीमतों पर असर पड़ सकता है। वहीं, सोने की कीमतों पर ब्याज दरों और निवेशकों की सुरक्षित निवेश की मांग का ज्यादा असर पड़ता है।

निवेशकों के लिए क्या है सलाह?

अनुज गुप्ता की सलाह है कि निवेशक जल्दबाजी में बड़ी रकम लगाने के बजाय छोटी-छोटी खरीदारी करें। खासकर तीन से पांच साल के लिए निवेश करने वाले लोग धीरे-धीरे सोने और चांदी में पैसा लगा सकते हैं।

उनके मुताबिक, फिलहाल बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। इसलिए एकमुश्त निवेश के बजाय धैर्य के साथ पोर्टफोलियो में कीमती धातुओं की हिस्सेदारी बढ़ाना बेहतर रणनीति हो सकती है।

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