एसबीआई ने महंगा किया होम लोन, अब हर महीने कितनी बढ़ेगी EMI? समझें पूरा कैलकुलेशन
SBI ने होम लोन की ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर दी है, जिससे लाखों ग्राहकों की जेब पर असर पड़ सकता है। अब सवाल है कि आपकी हर महीने की EMI कितनी बढ़ेगी? क्या लोन की अवधि बढ़ाना बेहतर होगा या ज्यादा EMI चुकाना? जानिए पूरा कैलकुलेशन और जरूरी बातें।

In Short
- SBI ने होम लोन की ब्याज दरों में 0.25 फीसदी की बढ़ोतरी की, नई दरें 15 अक्टूबर से लागू।
- 50 लाख रुपये के बकाया होम लोन पर हर महीने करीब 781 रुपये और 1 करोड़ पर 1,563 रुपये बढ़ सकती है EMI।
- ग्राहकों के सामने EMI बढ़ाने या लोन की अवधि लंबी करने का विकल्प, जानें किसमें कम पड़ेगा ब्याज का बोझ।
देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) से होम लोन लेने वाले ग्राहकों के लिए बड़ी खबर है। बैंक ने अपनी ब्याज दरों में 25 बेसिस पॉइंट यानी 0.25 फीसदी की बढ़ोतरी कर दी है। इसका सीधा असर उन ग्राहकों पर पड़ेगा, जिनका होम लोन एक्सटर्नल बेंचमार्क लिंक्ड रेट या रेपो लिंक्ड लेंडिंग रेट से जुड़ा हुआ है। ऐसे ग्राहकों की हर महीने की EMI बढ़ सकती है या फिर लोन चुकाने की अवधि लंबी हो सकती है।
15 अक्टूबर से लागू हुईं नई ब्याज दरें
एसबीआई की नई ब्याज दरें 15 अक्टूबर 2026 से लागू हो चुकी हैं। बैंक के रेगुलर होम लोन पर अब ब्याज दर 7.50 फीसदी से 8.80 फीसदी के बीच है। वहीं, होम लोन मैक्सगेन पर ब्याज दर 8 फीसदी से 9.30 फीसदी हो गई है।
इसके अलावा टॉप-अप लोन पर 8 फीसदी से 10.75 फीसदी और टॉप-अप ओवरड्राफ्ट लोन पर 8.50 फीसदी से 11.25 फीसदी तक ब्याज देना होगा।
50 लाख के होम लोन पर कितनी बढ़ेगी EMI?
बैंकबाजार के कैलकुलेशन के मुताबिक, अगर किसी ग्राहक के होम लोन की ब्याज दर 8 फीसदी से बढ़कर 8.25 फीसदी हो जाती है और लोन चुकाने के लिए 20 साल बाकी हैं, तो उसकी EMI बढ़ जाएगी।
मान लीजिए किसी ग्राहक पर 50 लाख रुपये का होम लोन बकाया है। पहले उसकी EMI 41,822 रुपये थी, जो अब बढ़कर 42,603 रुपये हो जाएगी। यानी हर महीने करीब 781 रुपये ज्यादा चुकाने होंगे।
वहीं, 1 करोड़ रुपये के बकाया होम लोन पर EMI में करीब 1,563 रुपये की बढ़ोतरी होगी।
जानिए कितने लोन पर कितनी बढ़ेगी EMI
| बकाया लोन | पुरानी EMI (8%) | नई EMI (8.25%) | बढ़ोतरी |
|---|---|---|---|
| ₹30 लाख | ₹25,093 | ₹25,562 | ₹469 |
| ₹50 लाख | ₹41,822 | ₹42,603 | ₹781 |
| ₹80 लाख | ₹66,915 | ₹68,165 | ₹1,250 |
| ₹1 करोड़ | ₹83,644 | ₹85,207 | ₹1,563 |
यह कैलकुलेशन 20 साल की बची हुई अवधि के आधार पर है। वास्तविक EMI आपके बकाया लोन, ब्याज दर और अवधि पर निर्भर करेगी।
EMI बढ़वाएं या लोन की अवधि?
ब्याज दर बढ़ने पर ग्राहकों के सामने दो विकल्प हो सकते हैं। पहला, EMI बढ़ाकर लोन की अवधि पहले जैसी रखें। दूसरा, EMI में बदलाव किए बिना लोन चुकाने की अवधि बढ़वा लें।
हालांकि, अवधि बढ़ाने से लंबे समय में ज्यादा ब्याज चुकाना पड़ सकता है। वहीं, EMI बढ़ाने से कुल ब्याज का अतिरिक्त बोझ सीमित रखने में मदद मिल सकती है।
होम लोन ग्राहकों को अब क्या करना चाहिए?
एसबीआई के ग्राहकों को अपनी नई ब्याज दर, बकाया लोन, बची हुई अवधि और अगली ब्याज दर रीसेट होने की तारीख जरूर चेक करनी चाहिए।
साथ ही यह भी देखना चाहिए कि बैंक ने उनकी EMI बढ़ाई है या लोन की अवधि। कोई भी फैसला लेने से पहले अपनी कमाई, जरूरी खर्च, इमरजेंसी सेविंग और दूसरे लोन की EMI का ध्यान रखना जरूरी है।