SBI चेयरमैन का बड़ा अनुमान: दिसंबर में 0.50% बढ़ सकता है Repo Rate, लोन और बैंक डिपॉजिट पर क्या होगा असर?

SBI चेयरमैन सीएस शेट्टी ने दिसंबर में रेपो रेट बढ़ने की संभावना जताई है। इसका असर लोन लेने वालों और बैंकिंग सेक्टर पर पड़ सकता है। साथ ही उन्होंने बैंक डिपॉजिट, UPI चार्ज और डिजिटल बैंकिंग को लेकर अहम बातें कही हैं। जानिए ग्राहकों के लिए क्या बदल सकता है।

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In Short

  • SBI चेयरमैन सीएस शेट्टी का अनुमान, दिसंबर में 50 बेसिस पॉइंट यानी 0.50% बढ़ सकता है रेपो रेट।
  • ब्याज दरें बढ़ने से लोन की मांग घट सकती है, ज्यादा कर्ज वाले ग्राहकों की बढ़ सकती हैं मुश्किलें।
  • SBI का 2030 तक YONO Bharat से 30 करोड़ ग्राहकों को जोड़ने का लक्ष्य, UPI चार्ज पर भी बड़ी तैयारी।

By Gaurav Kumar:

SBI Repo Rate Hike: देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के चेयरमैन सीएस शेट्टी ने ब्याज दरों, लोन की मांग और बैंकिंग सेक्टर को लेकर कई बड़ी बातें कही हैं। उन्होंने बताया कि आने वाले महीनों में बैंकों और ग्राहकों के सामने क्या चुनौतियां आ सकती हैं। इसके साथ ही SBI डिजिटल बैंकिंग, UPI और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर भी तेजी से काम कर रहा है। आइए जानते हैं कि रेपो रेट से लेकर बैंक की नई योजनाओं तक उन्होंने क्या-क्या कहा।

दिसंबर में 0.50% बढ़ सकता है Repo Rate

मुंबई में Business Standard BFSI Summit 2026 के दौरान SBI चेयरमैन सीएस शेट्टी ने अनुमान जताया कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) दिसंबर में रेपो रेट 50 बेसिस पॉइंट यानी 0.50% बढ़ा सकता है। उनके मुताबिक, ब्याज दरें बढ़ने से खासकर गैर-जरूरी खर्चों के लिए लिए जाने वाले लोन की मांग कम हो सकती है।

लोन की मांग और ग्राहकों पर क्या होगा असर?

शेट्टी ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है। इसलिए कारोबार और उत्पादन से जुड़े कामों के लिए लोन की मांग बनी रह सकती है। उन्होंने रिटेल लोन की क्वालिटी को लेकर बड़ी चिंता नहीं जताई। हालांकि, जिन लोगों और परिवारों पर पहले से ज्यादा कर्ज है, उनकी मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

बैंकों के सामने डिपॉजिट जुटाने की चुनौती

शेट्टी के मुताबिक, लोग अब बैंक डिपॉजिट के अलावा दूसरे इन्वेस्टमेंट विकल्प भी चुन रहे हैं। इसलिए सिर्फ ज्यादा ब्याज देकर डिपॉजिट बढ़ाना आसान नहीं होगा। बैंकों को बेहतर सर्विस देनी होगी। हालांकि, पर्याप्त लिक्विडिटी के चलते अगले दो क्वार्टर में डिपॉजिट के लिए ब्याज दरों की ज्यादा होड़ नहीं दिख सकती। बैंकिंग सिस्टम अगले दो से तीन क्वार्टर में अतिरिक्त लिक्विडिटी को संभाल सकता है।

हाउसिंग और MSME लोन पर SBI का फोकस

SBI हाउसिंग फाइनेंस और छोटे-मझोले कारोबारों (MSME) को लोन देने का दायरा बढ़ाना चाहता है। बैंक का मकसद अलग-अलग सेक्टर में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देना है।

UPI ट्रांजैक्शन पर चार्ज को लेकर क्या कहा?

शेट्टी ने बताया कि SBI रोजाना करीब 40 करोड़ फाइनेंशियल और नॉन-फाइनेंशियल UPI ट्रांजैक्शन संभालता है। बैंक NPCI और व्यापारियों के साथ मिलकर ऐसा सिस्टम बनाने पर काम कर रहा है, जिससे प्रस्तावित मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) का बोझ ग्राहकों पर न पड़े। UPI इंफ्रास्ट्रक्चर, टेक्नोलॉजी और सुरक्षा पर होने वाला खर्च भी ध्यान में रखना जरूरी है।

YONO Bharat से 30 करोड़ ग्राहकों को जोड़ने का लक्ष्य

SBI अगले 6 से 12 महीनों में YONO Bharat लॉन्च करने की तैयारी कर रहा है। इसका फायदा फीचर फोन इस्तेमाल करने वालों को भी मिलेगा। बैंक का लक्ष्य 2030 तक 30 करोड़ ग्राहकों को इस प्लेटफॉर्म से जोड़ना है।

AI से बैंकिंग सेवाएं होंगी बेहतर

SBI फ्रॉड पकड़ने, ट्रांजैक्शन मॉनिटरिंग और कर्मचारियों की प्रोडक्टिविटी बढ़ाने के लिए AI इस्तेमाल करेगा। बैंक पहले से जनरेटिव AI का इस्तेमाल इंटरनल नॉलेज मैनेजमेंट और चेक क्लियरिंग में कर रहा है। चेक क्लियरिंग सेंटर 17 से घटाकर 4 किए जा रहे हैं। आगे एक नेशनल सेंटर बनाने की योजना है, जहां AI के काम पर इंसानों की निगरानी रहेगी।

SBI के शेयर और मुनाफे का हाल

26 अक्टूबर को सुबह 11:30 बजे NSE पर SBI का शेयर 0.7% गिरकर 951.70 रुपये पर कारोबार कर रहा था। जून तिमाही में बैंक का नेट प्रॉफिट 21,121 करोड़ रुपये और नेट इंटरेस्ट इनकम 46,992 करोड़ रुपये रही।

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