RBI ने रेपो रेट रखा स्थिर! क्या FD में निवेश का यही है सही समय है? जानें एक्सपर्ट की राय
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने लगातार चौथी मौद्रिक नीति समीक्षा में रेपो रेट को 5.25% पर बरकरार रखा है। इस फैसले से फिलहाल फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) की ब्याज दरों में स्थिरता बनी रहने की उम्मीद है। पढ़िए पूरी खबर।

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने लगातार चौथी मौद्रिक नीति समीक्षा में रेपो रेट को 5.25% पर बरकरार रखा है। इस फैसले से फिलहाल फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) की ब्याज दरों में स्थिरता बनी रहने की उम्मीद है। हालांकि, बढ़ती महंगाई के बीच आगे चलकर ब्याज दरों में बदलाव की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। ऐसे में एक्सपर्ट मौजूदा समय को FD में निवेश के लिए अच्छा अवसर मान रहे हैं।
फिलहाल FD की ब्याज दरें क्यों बनी रहेंगी स्थिर?
RBI के रेपो रेट को 5.25% पर बनाए रखने के बाद बैंकों के जल्द जमा दरों में बदलाव करने की संभावना कम है। बिजनेस टुडे के रिपोर्ट के मुताबिक BankBazaar के CEO आदिल शेट्टी ने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक एक से तीन साल की FD पर 6.6% से 6.8% तक ब्याज दे रहे हैं। वहीं निजी बैंक इसी अवधि की FD पर 6.4% से 7.0% तक रिटर्न ऑफर कर रहे हैं।
आदिल शेट्टी का कहना है कि मौजूदा माहौल में निवेशकों को पूरी रकम एक ही FD में लगाने के बजाय अलग-अलग अवधि की FD में निवेश करना चाहिए। इससे समय-समय पर पैसा उपलब्ध रहता है और पूरी रकम एक ही ब्याज दर पर लॉक होने का जोखिम भी कम होता है। उन्होंने यह भी कहा कि निवेश का आकलन करते समय टैक्स और महंगाई को ध्यान में रखकर वास्तविक रिटर्न देखना चाहिए।
क्या FD की ब्याज दरें अपने उच्च स्तर के करीब हैं?
हालांकि RBI ने दिसंबर 2025 से रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया है, लेकिन कुछ संकेत बताते हैं कि आगे बैंकों की जमा दरों में बढ़ोतरी हो सकती है।
जून में खुदरा महंगाई (CPI) बढ़कर 4.38% पर पहुंच गई, जबकि अक्टूबर 2025 में यह सिर्फ 0.25% थी। अगर महंगाई लगातार बढ़ती है और RBI की 6% की ऊपरी सीमा के करीब पहुंचती है तो बाजार भविष्य में ब्याज दरें बढ़ने की संभावना का अनुमान लगा सकता है।
इसके अलावा बैंकों में कर्ज की वृद्धि जमा की तुलना में तेज बनी हुई है। ऐसे में नई जमा आकर्षित करने के लिए बैंक प्रतिस्पर्धी ब्याज दरें बढ़ा सकते हैं। वहीं, 8.2% रिटर्न देने वाली सीनियर सिटीजंस सेविंग्स स्कीम (SCSS) और सुकन्या समृद्धि योजना जैसी छोटी बचत योजनाएं भी बैंकों पर प्रतिस्पर्धी दबाव बनाए हुए हैं।
निवेशकों के लिए क्या है सही रणनीति?
बिजनेस टुडे के रिपोर्ट के मुताबिक Stable Money के को-फाउंडर और CEO सौरभ जैन का कहना है कि रेपो रेट स्थिर रहने से फिक्स्ड इनकम निवेशकों को बेहतर अनुमान लगाने में आसानी होगी। उनके मुताबिक, मौजूदा समय कम जोखिम और स्थिर आय चाहने वाले निवेशकों के लिए FD में रिटर्न लॉक करने का अच्छा अवसर है। साथ ही उन्होंने संतुलित पोर्टफोलियो के लिए FD के साथ उच्च गुणवत्ता वाले बॉन्ड में भी निवेश की सलाह दी।
जिन निवेशकों की FD अगले कुछ महीनों में मैच्योर होने वाली है, उनके लिए वित्तीय योजनाकार पूरी रकम एक साथ लंबी अवधि की FD में लगाने के बजाय अलग-अलग अवधि में निवेश करने की सलाह दे रहे हैं। इससे भविष्य में ब्याज दरें बढ़ने पर नई दरों का फायदा उठाया जा सकेगा। साथ ही निवेश में तरलता बनी रहेगी और री-इन्वेस्टमेंट का जोखिम भी कम होगा।