RBI का बड़ा फैसला; डॉलर डिपॉजिट सुविधा पहले होगी बंद, रुपये और बॉन्ड मार्केट पर पड़ेगा असर
RBI ने स्पेशल डॉलर डिपॉजिट फॉरेक्स फैसिलिटी को तय समय से एक महीने पहले बंद करने का फैसला किया है। इसके बाद रुपये, बैंकिंग सिस्टम की लिक्विडिटी और सरकारी बॉन्ड मार्केट को लेकर नए अनुमान बनने लगे हैं। अब नजर इस बात पर है कि डॉलर इनफ्लो कम होने का बाजार पर कितना असर पड़ता है।

In Short
- RBI की डॉलर डिपॉजिट फैसिलिटी अब 30 सितंबर के बजाय 31 अगस्त को बंद होगी
- 13 अगस्त तक FCNR B डिपॉजिट के जरिए बैंकों को 52.3 अरब डॉलर मिले
- सिटी के मुताबिक शॉर्ट टर्म में USD INR के लिए 95 का स्तर फ्लोर बन सकता है
भारतीय बॉन्ड मार्केट में सोमवार को दबाव देखने को मिल सकता है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया यानी RBI ने विदेश में रहने वाले लोगों के लिए शुरू की गई स्पेशल डॉलर डिपॉजिट फॉरेक्स फैसिलिटी को तय समय से एक महीने पहले बंद करने का फैसला किया है। इसके बाद ट्रेडर्स बैंकिंग सिस्टम में मौजूद सरप्लस कैश के अपने अनुमान को दोबारा देख रहे हैं। इसके साथ क्रूड ऑयल की कीमतों और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी भी भारतीय बॉन्ड पर असर डाल सकती है। ऐसे में अब नजर इस फैसिलिटी से आए डॉलर, रुपये की चाल, बैंकिंग लिक्विडिटी और सरकारी बॉन्ड मार्केट पर रहेगी।
31 अगस्त को बंद हो जाएगी डॉलर डिपॉजिट फैसिलिटी
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, RBI की डॉलर डिपॉजिट फैसिलिटी अब 30 सितंबर के बजाय 31 अगस्त को बंद हो जाएगी। RBI के आंकड़ों के मुताबिक 13 अगस्त तक बैंकों को फॉरेन करेंसी नॉन रेजिडेंट यानी FCNR B डिपॉजिट के जरिए 52.3 अरब डॉलर मिले हैं। ओवरसीज फॉरेन करेंसी लोन और एक्सटर्नल कमर्शियल बॉरोइंग से आए पैसे को जोड़ दें तो कुल इनफ्लो 56.85 अरब डॉलर रहा है।
डॉलर के मुकाबले रुपये पर क्या हो सकता है असर
रिपोर्ट के मुताबिक, सिटी के चीफ इंडिया इकोनॉमिस्ट समीरन चक्रवर्ती के मुताबिक शुरुआती अनुमान था कि इस स्कीम के जरिए मजबूत डॉलर इनफ्लो आने से RBI डॉलर के मुकाबले रुपये को 94 या उससे नीचे की तरफ ले जा सकता है। लेकिन फैसिलिटी जल्दी बंद होने से शॉर्ट टर्म में 95 का स्तर डॉलर रुपये के लिए फ्लोर बन सकता है। बेहतर RBI रिजर्व की वजह से रुपये पर गिरावट का दबाव सीमित रह सकता है। सिटी के मुताबिक अगले 9 से 12 महीने में डॉलर रुपया 97 की तरफ बढ़ सकता है।
RBI करेगा 2 लाख करोड़ रुपये का रिवर्स रेपो
रिपोर्ट के मुताबिक, RBI सोमवार को 2 लाख करोड़ रुपये का सात दिन का रिवर्स रेपो ऑक्शन करेगा। इसके अलावा केंद्रीय बैंक 300 अरब रुपये के शॉर्ट टर्म सरकारी बॉन्ड को लंबी अवधि वाले बॉन्ड में कन्वर्ट करेगा। अप्रैल से जून के दौरान भारत का करंट अकाउंट डेफिसिट 3.1 अरब डॉलर रहा।
रुपया और 10 साल की बॉन्ड यील्ड कहां रही
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, शुक्रवार को डॉलर रुपया लगभग बिना बदलाव के 95.4350 पर रहा और पूरे हफ्ते में इसमें 0.2% की बढ़ोतरी हुई। फॉरवर्ड मार्केट के संकेत बताते हैं कि सोमवार को स्पॉट ट्रेडिंग करीब 95.63 से शुरू हो सकती है। वहीं 10 साल की सरकारी बॉन्ड यील्ड शुक्रवार को लगभग बिना बदलाव के 6.76% रही।
विदेशी निवेशकों ने बॉन्ड बेचे, सरकारी बैंकों ने की खरीदारी
रिपोर्ट के मुताबिक,14 अगस्त को ग्लोबल फंड्स ने भारतीय शेयरों में नेट 5.08 अरब रुपये की खरीदारी की। दूसरी तरफ विदेशी निवेशकों ने उपलब्ध लिमिट के तहत 15.5 अरब रुपये के सरकारी बॉन्ड बेचे और कॉरपोरेट डेट से 3.45 अरब रुपये निकाले। CCIL के आंकड़ों के मुताबिक सरकारी बैंकों ने 14 अगस्त को 37.9 अरब रुपये के सरकारी बॉन्ड खरीदे, जबकि विदेशी बैंकों ने 5.45 अरब रुपये के बॉन्ड बेचे।
बेरोजगारी के आंकड़ों पर भी रहेगी नजर
सोमवार शाम 4 बजे जुलाई की अनएम्प्लॉयमेंट रेट जारी होनी है। इससे पहले बेरोजगारी दर 5.5% रही थी। ऐसे में डॉलर फैसिलिटी जल्दी बंद होने, रुपये की चाल, बैंकिंग सिस्टम की लिक्विडिटी और ग्लोबल मार्केट के संकेतों के बीच भारतीय बॉन्ड मार्केट की दिशा पर नजर रहेगी।