आप भी PPF, SSY और NSC में पैसा लगाते हैं? आज ब्याज दरों पर सरकार लेगी फैसला
छोटी बचत योजनाओं में पैसा लगाने वालों की नजर आज सरकार के फैसले पर रहेगी। PPF से लेकर NSC और सुकन्या समृद्धि तक की ब्याज दरों की समीक्षा होनी है। आंकड़े बता रहे हैं कि कुछ स्कीम्स का मौजूदा ब्याज फॉर्मूले से काफी ऊपर है। अब आगे क्या होगा?

In Short
- अक्टूबर-दिसंबर 2026 तिमाही के लिए Small Savings Schemes की ब्याज दरों पर आज होगा फैसला।
- NSC की मौजूदा 7.7% ब्याज दर फॉर्मूला आधारित दर से करीब 95 बेसिस पॉइंट ज्यादा।
- PPF और SSY की नई तिमाही की ब्याज दर मौजूदा बैलेंस पर भी होगी लागू।
छोटी बचत योजनाओं में पैसा लगाने वाले निवेशकों के लिए आज यानी 30 सितंबर का दिन अहम है। वित्त मंत्रालय अक्टूबर-दिसंबर 2026 तिमाही के लिए Small Savings Schemes की ब्याज दरों का ऐलान करने वाला है। निवेशकों की नजर इस बात पर है कि सरकार लंबे समय से ब्याज दरों में जारी स्थिरता को बरकरार रखती है या इसमें कोई बदलाव करती है।
सरकारी बॉन्ड यानी G-Sec की यील्ड से तुलना करने पर पता चलता है कि कुछ छोटी बचत योजनाओं पर अभी फॉर्मूले के हिसाब से बनने वाली दर से ज्यादा ब्याज मिल रहा है। वहीं, कुछ योजनाओं की ब्याज दरें इस बेंचमार्क के काफी करीब हैं।
कैसे तय होती हैं ब्याज दरें?
श्यामला गोपीनाथ कमेटी के फ्रेमवर्क के तहत छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरें आमतौर पर समान अवधि वाली सरकारी सिक्योरिटीज की यील्ड से जुड़ी होती हैं। इसके ऊपर एक तय स्प्रेड भी जोड़ा जाता है। हालांकि, सरकार ने हाल की तिमाहियों में इस फॉर्मूले को सीधे तौर पर लागू नहीं किया है।
यही वजह है कि फॉर्मूले के आधार पर निकलने वाली ब्याज दर और निवेशकों को वास्तव में मिल रही ब्याज दर के बीच अंतर देखने को मिल रहा है।
NSC में सबसे ज्यादा अंतर
नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट यानी NSC पर फिलहाल 7.7% ब्याज मिल रहा है। जुलाई-सितंबर की रेफरेंस तिमाही में पांच साल की G-Sec यील्ड औसतन करीब 6.5% रही। इसमें 25 बेसिस पॉइंट का स्प्रेड जोड़ने पर फॉर्मूले के मुताबिक ब्याज दर करीब 6.75% बनती है।
इस तरह NSC की मौजूदा ब्याज दर फॉर्मूले से करीब 95 बेसिस पॉइंट ज्यादा है। दिए गए आंकड़ों में यह सबसे बड़ा अंतर है।
SCSS और पोस्ट ऑफिस स्कीम्स का क्या हाल?
सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम यानी SCSS पर अभी 8.2% ब्याज मिल रहा है। फॉर्मूले के मुताबिक यह दर करीब 7.5% बनती है। यानी मौजूदा ब्याज करीब 70 बेसिस पॉइंट ज्यादा है।
पांच साल के Post Office Time Deposit पर 7.5% ब्याज मिल रहा है, जबकि फॉर्मूला आधारित दर करीब 6.75% है। वहीं, तीन साल के डिपॉजिट पर 7.1% ब्याज है, जबकि बेंचमार्क के आधार पर यह करीब 6.55% बनता है।
Post Office Monthly Income Scheme यानी POMIS पर 7.4% ब्याज मिल रहा है, जबकि अनुमानित फॉर्मूला दर करीब 6.75% है।
RD की दर फॉर्मूले के सबसे करीब
Post Office Recurring Deposit यानी RD पर मौजूदा ब्याज दर 6.7% है। फॉर्मूले के हिसाब से यह करीब 6.75% बनती है। यानी दोनों के बीच सिर्फ 5 बेसिस पॉइंट का अंतर है।
अगर फॉर्मूले को सीधे लागू किया जाए तो RD की ब्याज दर में मामूली बढ़ोतरी की गुंजाइश बनती है। हालांकि, अंतिम फैसला सरकार को ही करना है।
मौजूदा निवेश पर क्या होगा असर?
NSC और KVP में निवेश के समय तय ब्याज दर लॉक हो जाती है। इसी तरह Post Office Time Deposit और MIS में भी खाता या डिपॉजिट खोलते समय लागू शर्तें बरकरार रहती हैं।
इसके उलट PPF और सुकन्या समृद्धि योजना यानी SSY में नई तिमाही के लिए तय ब्याज दर मौजूदा बैलेंस पर भी लागू होती है। ऐसे में आज सरकार की ओर से होने वाली ब्याज दरों की घोषणा इन योजनाओं के निवेशकों के लिए खास तौर पर अहम होगी।