142 साल पुरानी सरकारी लाइफ इंश्योरेंस में अपडेट हुआ प्रीमियम भरने का तरीका! जानें कौन है इस बीमा के लिए पात्र

आज हम आपको एक ऐसे इंश्योरेंस के बारे में बताएंगे जो 142 साल पहले शुरू हुई थी। यह बीमा भले ही 142 साल पहले शुरू हुई थी लेकिन वक्त के साथ इसने अपने कवरेज का दायरा और प्रीमियम भरने का तरीका दोनों बदला है। जानिए पूरी डिटेल

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In Short

  • 142 साल पुरानी सरकारी बीमा: 1884 में शुरू हुई Postal Life Insurance (PLI) देश की सबसे पुरानी सरकारी लाइफ इंश्योरेंस स्कीम है, जिसका दायरा अब लाखों लोगों तक पहुंच चुका है।
  • अब UPI से भरें प्रीमियम: PLI पॉलिसीधारक अब BHIM, Google Pay, PhonePe और Paytm जैसे UPI ऐप्स के जरिए आसानी से अपना प्रीमियम जमा कर सकते हैं।
  • 6 पॉलिसी विकल्प, कई वर्गों के लिए पात्रता: PLI में 6 तरह की लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसियां मिलती हैं। केंद्र-राज्य सरकार के कर्मचारी, PSU, बैंक, रक्षा कर्मी और कई प्रोफेशनल्स भी इसके लिए पात्र हैं।

By Gaurav Kumar:

Postal Life Insurance: आज हम आपको एक ऐसे इंश्योरेंस के बारे में बताएंगे जो 142 साल पहले शुरू हुई थी। यह देश की सबसे पुरानी बीमा है जिसका नाम Postal Life Insurance (PLI) है। यह बीमा भले ही 142 साल पहले शुरू हुई थी लेकिन वक्त के साथ इसने अपने कवरेज का दायरा और प्रीमियम भरने का तरीका दोनों बदला है। 

डाक जीवन बीमा (PLI) की शुरुआत 1 फरवरी 1884 को पोस्टल कर्मचारियों के लिए एक वेलफेयर स्कीम के तौर पर हुई थी। साल 1888 में इसका दायरा बढ़ाकर टेलीग्राफ डिपार्टमेंट के कर्मचारियों तक कर दिया गया।

इसके बाद 1894 में PLI ने उस समय के P&T डिपार्टमेंट की महिला कर्मचारियों को भी इंश्योरेंस कवर देना शुरू किया, जबकि उस दौर में दूसरी इंश्योरेंस कंपनियां महिलाओं को जीवन बीमा नहीं देती थीं। इसी वजह से PLI को पूरे देश का सबसे पुराना लाइफ इंश्योरर माना जाता है। 

एडवांस हुआ प्रीमियम भरने का तरीका

समय के साथ PLI के प्रीमियम भरने का तरीका भी बदला है। अब लेटेस्ट अपडेट के बाद इस बीमा का लाभ उठाने वाले ग्राहक यूपीआई ऐप जैसे - BHIM, Paytm, Google Pay, PhonePe के जरिए इसका प्रीमियम भर सकेंगे। 

समय के साथ तेजी से बढ़ा PLI का दायरा

PLI की शुरुआत साल 1884 में केवल कुछ सौ पॉलिसियों के साथ हुई थी। शुरुआत में इसका फायदा बहुत कम कर्मचारियों को मिलता था, लेकिन धीरे-धीरे इस इंश्योरेंस स्कीम का दायरा बढ़ता चला गया।

ज्यादा कर्मचारियों को इससे जोड़ने और अलग-अलग जरूरतों के लिए पॉलिसी विकल्प उपलब्ध होने से इसकी पॉलिसियों की संख्या भी लगातार बढ़ी। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, 31 मार्च 2021 तक PLI की पॉलिसियों की संख्या 50 लाख से ज्यादा हो गई थी।

इससे पता चलता है कि समय के साथ यह स्कीम देश के लाखों लोगों तक पहुंच चुकी है। अब सवाल है कि PLI में लोगों की अलग-अलग जरूरतों के लिए कितनी पॉलिसी मिलती हैं?

पीएलआई में मिलती हैं 6 तरह की पॉलिसी

पीएलआई में लोगों की अलग-अलग जरूरतों के हिसाब से 6 तरह की पॉलिसी मिलती हैं:

  1. Whole Life Assurance (Suraksha)

     
  2. Convertible Whole Life Assurance (Suvidha)

     
  3. Endowment Assurance (Santosh)

     
  4. Joint Life Assurance (Yugal Suraksha)

     
  5. Anticipated Endowment Assurance (Sumangal)

     
  6. Children Policy (Bal Jeevan Bima)

पीएलआई में कई तरह की पॉलिसी मिलती हैं, लेकिन अब सवाल है कि इन्हें खरीदने के लिए किन लोगों को मौका मिलता है?

कौन-कौन है पीएलआई पॉलिसी के लिए पात्र?

पीएलआई अब केवल पोस्टल कर्मचारियों तक सीमित नहीं है। केंद्र और राज्य सरकार के कर्मचारी इसकी पॉलिसी खरीद सकते हैं। डिफेंस और पैरा-मिलिट्री सर्विसेज में काम करने वाले लोग भी पीएलआई के लिए एलिजिबल हैं।

इसके अलावा पब्लिक सेक्टर कंपनियों, बैंकों, एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन और लोकल बॉडीज में काम करने वाले कर्मचारी भी इसकी पॉलिसी ले सकते हैं। डॉक्टर, इंजीनियर, चार्टर्ड अकाउंटेंट, एमबीए और वकील जैसे प्रोफेशनल्स को भी पीएलआई खरीदने का मौका मिलता है।

एनएसई या बीएसई में लिस्टेड कंपनियों के कर्मचारी भी तय नियमों के तहत पीएलआई की पॉलिसी ले सकते हैं।

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