Personal Finance: क्या आपको कैंसर कवर लेना चाहिए

सवाल ये भी है कि जिन लोगों को कैंसर हो चुका है उन्हें कौन सी पॉलिसी लेनी चाहिए? इस पर गिरिश नायक कहते हैं कि प्रीमियम और कवरेज की डिटेल पॉलिसी के प्रकार, हिस्ट्री या कैंसर के प्रकार, ग्राहक के मेडिकल कंडीशन (चिकित्सा स्थिति) आदि जैसे फैक्‍टर के आधार पर अलग हो सकती हैं।

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अक्सर हम गंभीर बिमारी के बाद इंश्योरेंस का महत्व समझते हैं
अक्सर हम गंभीर बिमारी के बाद इंश्योरेंस का महत्व समझते हैं

By BT बाज़ार डेस्क:

अक्सर हम गंभीर बिमारी के बाद इंश्योरेंस का महत्व समझते हैं। क्या आपको कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का कवर लेना चाहिए? आईसीआईसीआई लोम्बार्ड जीआईसी लिमिटेड के टेक्नोलॉजी एंड हेल्थ यूडबल्‍यू  और क्लेम्स के चीफ गिरिश नायक का मानना है कि कैंसर जैसी बीमारियों का कवर लेना आसान है और अगर कोई इसे अफोर्ड कर सकता है तो इसे लेना चाहिए। आजकल बाजार में अलग-अलग हेल्‍थ इंश्‍योरेंस पॉलिसी उपलब्ध हैं, जो पॉलिसी अवधि के दौरान डायग्‍नोस्‍ड (बीमारी की पहचान) होने पर कैंसर सहित कई तरह प्रकार की बीमारियों को कवर करती हैं। ये क्षतिपूर्ति पॉलिसी हैं, जो अधिकतम बीमा राशि (इंश्योर्ड अमाउंट) तक इलाज की वास्तविक लागत को कवर करती हैं। अधिकांश कैंसर-विशिष्ट योजनाएं एक तरह से परिभाषित-लाभ व्यवस्थाएं हैं। हालांकि, ऐसी कुछ बीमा कंपनियां हैं, जिन्होंने ऐसी योजनाएं तैयार की हैं, जो किसी ऐसे व्यक्ति को क्षतिपूर्ति कवरेज प्रदान करती हैं जिसे एक खास वेटिंग पीरियड के बाद पहले से ही कैंसर का पता चला है। ये योजनाएं कवरेज और अतिरिक्त लाभ प्रदान करती हैं, जिनमें एकमुश्त भुगतान, ओरल कीमोथेरेपी जैसे आधुनिक इलाज का कवरेज, 90 दिनों तक अस्पताल में भर्ती होने से पहले का खर्च आदि शामिल हैं।

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लेकिन सवाल ये भी है कि जिन लोगों को कैंसर हो चुका है उन्हें कौन सी पॉलिसी लेनी चाहिए?
इस पर गिरिश नायक कहते हैं कि प्रीमियम और कवरेज की डिटेल पॉलिसी के प्रकार, हिस्ट्री या कैंसर के प्रकार, ग्राहक के मेडिकल कंडीशन (चिकित्सा स्थिति) आदि जैसे फैक्‍टर के आधार पर अलग हो सकती हैं। हालांकि, पॉलिसी को इस तरह से डिजाइन किया जा सकता है कि ग्राहकों को कैंसर होने के बावजूद भी कवर किया जा सके। इसके लिए, उन्हें कैंसर का निदान न होने पर तुलनात्मक रूप से अधिक प्रीमियम का भुगतान करना पड़ सकता है। चिकित्सा बीमा के लिए प्रीमियम दरें ग्राहक की आयु और कैंसर के इलाज के लिए क्षेत्र के आधार पर मूल्य निर्धारण (प्राइसिंग) से भी प्रभावित हो सकती हैं।

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