आपके PAN कार्ड पर कोई और तो नहीं कर रहा करोड़ों का लेनदेन? मिनटों में ऐसे करें चेक

PAN कार्ड का गलत इस्तेमाल आपको बड़ी मुसीबत में डाल सकता है। दिल्ली में एक होटल के कुक को करीब 4 करोड़ रुपये का इनकम टैक्स नोटिस मिल गया, जबकि उसका करोड़ों के लेनदेन से कोई संबंध नहीं था। जानिए पूरा मामला और कैसे चेक करें कि आपके PAN का गलत इस्तेमाल तो नहीं हो रहा।

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In Short

  • होटल के कुक को मिला करीब 4 करोड़ रुपये का इनकम टैक्स नोटिस।
  • दिल्ली हाई कोर्ट ने सबूतों के अभाव में टैक्स डिमांड रद्द की।
  • PAN के गलत इस्तेमाल का पता लगाने के लिए AIS और Form 26AS चेक करें।

By Sonam:

PAN Card Fraud: अगर आपके पैन कार्ड का गलत इस्तेमाल हो जाए, तो आपको उन लेनदेन के लिए भी इनकम टैक्स का नोटिस मिल सकता है, जिनसे आपका कोई लेना-देना नहीं है। दिल्ली में ऐसा ही एक मामला सामने आया है, जहां होटल में कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाले एक कुक को करीब 4 करोड़ रुपये का टैक्स नोटिस भेज दिया गया। हालांकि, दिल्ली हाई कोर्ट ने इस मांग को रद्द कर दिया है।

क्या है पूरा मामला?

इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली के होटल अशोका में कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाले ललित को 26 फरवरी 2024 को इनकम टैक्स विभाग से नोटिस मिला था। इसमें दावा किया गया कि उन्होंने पैकेजिंग मटेरियल का कारोबार करने वाली एक कंपनी के जरिए 24.62 करोड़ रुपये की नकद बिक्री की है।

इसी आधार पर विभाग ने उनसे करीब 4 करोड़ रुपये का टैक्स और आय कम दिखाने के लिए जुर्माना मांगा। जबकि ललित की सैलरी इतनी कम थी कि वह इनकम टैक्स के दायरे में भी नहीं आते थे।

PAN कार्ड से कैसे जुड़ा करोड़ों का लेनदेन?

जब ललित ने अपना Form 26AS चेक किया, तो उन्हें पता चला कि उनके PAN नंबर पर 24.62 करोड़ रुपये की बिक्री दर्ज है। इस रकम पर 1 प्रतिशत TDS भी काटा गया था।

ललित ने बताया कि उनका इस कारोबार से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने पहचान के गलत इस्तेमाल की शिकायत ग्रेटर कैलाश पुलिस स्टेशन और साकेत स्थित दिल्ली पुलिस साइबर सेल में की।

उनके वकील ए.के. बब्बर के मुताबिक, ललित ने नौकरी के दौरान वेरिफिकेशन के लिए ठेकेदारों को अपने PAN कार्ड की कॉपी दी थी।

दिल्ली हाई कोर्ट ने क्यों रद्द किया नोटिस?

6 अक्टूबर 2026 को दिल्ली हाई कोर्ट ने करीब 4 करोड़ रुपये की टैक्स डिमांड रद्द कर दी।

कोर्ट ने पाया कि इनकम टैक्स विभाग ने केवल Form 26AS और पोर्टल की जानकारी के आधार पर कार्रवाई की थी। ललित का इन लेनदेन से संबंध साबित करने वाला कोई स्वतंत्र सबूत नहीं था।

विभाग पैकेजिंग कंपनी की स्वतंत्र जांच या उसके मालिक का बयान दर्ज करने की बात भी साबित नहीं कर सका। कोर्ट ने यह भी पाया कि एक ही लेनदेन की ग्रॉस और नेट रकम को दो बार गिना गया था।

हालांकि, कोर्ट ने कहा कि कानूनी सीमा के भीतर नए ठोस सबूत मिलने पर दोबारा कार्रवाई की जा सकती है।

कैसे पता करें कि PAN कार्ड का गलत इस्तेमाल तो नहीं हो रहा?

PAN कार्ड के गलत इस्तेमाल से बचने के लिए कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखें।

  • समय-समय पर अपना AIS और Form 26AS चेक करें।

  • GST पोर्टल पर 'Search by PAN' के जरिए अनजान GST रजिस्ट्रेशन की जांच करें।

  • संदिग्ध लेनदेन मिलने पर पुलिस और साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराएं।

  • इनकम टैक्स विभाग को लिखित जानकारी दें और जरूरी दस्तावेज संभालकर रखें।

  • टैक्स नोटिस मिलने पर तय समय में जवाब दें और संबंधित लेनदेन के सबूत मांगें।

ललित का मामला बताता है कि PAN कार्ड से जुड़ी किसी भी अनजान एंट्री को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। इसलिए अपने टैक्स रिकॉर्ड नियमित रूप से जांचना जरूरी है।

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