एक बड़ी लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी लें या स्प्लिट कवर चुनें? परिवार की सुरक्षा के लिए ऐसे करें सही फैसला
लाइफ इंश्योरेंस लेते समय सिर्फ सबसे ज्यादा कमाने वाले सदस्य को ध्यान में रखना काफी नहीं है। परिवार की जरूरतों और जिम्मेदारियों के हिसाब से सिंगल पॉलिसी या स्प्लिट कवर का चुनाव करना चाहिए। डुअल इनकम परिवारों और अलग जिम्मेदारियों वाले सदस्यों के लिए स्प्लिट कवर बेहतर सुरक्षा दे सकता है।

In Short
- लाइफ इंश्योरेंस प्लानिंग में सिर्फ सबसे ज्यादा कमाने वाले सदस्य को नहीं बल्कि हर सदस्य के योगदान को समझना जरूरी है।
- सिंगल पॉलिसी आसान होती है लेकिन स्प्लिट कवर परिवार के अलग-अलग सदस्यों को बेहतर सुरक्षा दे सकता है।
- बच्चों की देखभाल लोन और बुजुर्गों की जिम्मेदारी जैसे पहलुओं को ध्यान में रखकर कवर तय करना चाहिए।
लाइफ इंश्योरेंस की प्लानिंग करते समय अक्सर परिवार सबसे ज्यादा कमाने वाले व्यक्ति पर ही पूरा ध्यान देता है। लेकिन परिवार की आर्थिक सुरक्षा सिर्फ एक व्यक्ति की कमाई पर निर्भर नहीं होती। घर चलाने में हर सदस्य की अलग भूमिका होती है, चाहे वह कमाई से जुड़ी हो या बच्चों और परिवार की देखभाल से। इसलिए पॉलिसी चुनने से पहले यह समझना जरूरी है कि किस सदस्य की गैरमौजूदगी से परिवार पर सबसे ज्यादा असर पड़ेगा।
सिर्फ सबसे ज्यादा कमाने वाले सदस्य को देखकर पॉलिसी न चुनें
टाटा एआईए लाइफ इंश्योरेंस की सीनियर वाइस प्रेसिडेंट और हेड ऑफ प्रोडक्ट मैनेजमेंट श्रुति ओके के अनुसार परिवार को लाइफ इंश्योरेंस का फैसला सिर्फ सबसे ज्यादा कमाने वाले सदस्य की इनकम देखकर नहीं करना चाहिए। परिवार को यह देखना चाहिए कि हर सदस्य आर्थिक, व्यावहारिक और देखभाल से जुड़ी जिम्मेदारियों में कितना योगदान दे रहा है।
डुअल इनकम वाले परिवारों में दोनों लोगों की कमाई घर के खर्च, लोन चुकाने और भविष्य के लक्ष्यों को पूरा करने में जरूरी हो सकती है। वहीं अगर कोई सदस्य कमाई नहीं करता है, लेकिन बच्चों की देखभाल, बुजुर्गों की जिम्मेदारी और घर संभालने का काम करता है, तो उसकी भूमिका भी बेहद महत्वपूर्ण होती है।
सिंगल पॉलिसी में आसान मैनेजमेंट लेकिन सीमित सुरक्षा
एक बड़ी सिंगल पॉलिसी खरीदना और संभालना आसान होता है, खासकर तब जब परिवार की बड़ी आर्थिक जिम्मेदारी एक ही व्यक्ति की कमाई पर टिकी हो।
लेकिन इसकी सबसे बड़ी कमी यह है कि इसमें सिर्फ एक व्यक्ति की सुरक्षा होती है। अगर परिवार किसी दूसरे सदस्य की कमाई या उसके दूसरे योगदान पर भी निर्भर है, तो उसकी कमी से पैदा होने वाला जोखिम कवर नहीं हो पाता।
स्प्लिट कवर से हर सदस्य की जरूरत के हिसाब से सुरक्षा
स्प्लिट कवर में परिवार के अलग-अलग सदस्यों के लिए अलग पॉलिसी ली जाती है। इसमें हर व्यक्ति की उम्र, स्वास्थ्य स्थिति, जिम्मेदारियों और भविष्य की जरूरतों के हिसाब से सम एश्योर्ड और पॉलिसी अवधि तय की जा सकती है।
श्रुति ओके के अनुसार यह तरीका परिवार को ज्यादा मजबूत सुरक्षा दे सकता है, हालांकि इसमें कुल प्रीमियम ज्यादा हो सकता है। टाटा एआईए लाइफ इंश्योरेंस का “1+1” प्लान इसी सोच पर आधारित है, जिसमें व्यक्ति अपने लिए और योग्य परिवार सदस्य के लिए अलग-अलग पॉलिसी ले सकता है।
किन परिवारों के लिए स्प्लिट कवर बेहतर हो सकता है
डुअल इनकम वाले परिवारों, होम लोन जैसी संयुक्त जिम्मेदारियों वाले परिवारों और ऐसे घरों में जहां एक सदस्य कमाता है और दूसरा बच्चों, बुजुर्गों या घर की जिम्मेदारी संभालता है, वहां स्प्लिट कवर ज्यादा उपयोगी हो सकता है।
यह उन दंपतियों के लिए भी अच्छा विकल्प हो सकता है जिनकी आर्थिक जिम्मेदारियां अलग-अलग हैं। खुद का काम करने वाले और बिजनेस से जुड़े लोगों के लिए भी यह तरीका फायदेमंद हो सकता है क्योंकि उनकी कमाई और जिम्मेदारियां समय के साथ बदल सकती हैं।
लाइफ इंश्योरेंस में हर सदस्य का योगदान मायने रखता है
परिवारों की एक आम गलती होती है कि वे लाइफ इंश्योरेंस को सिर्फ कमाने वाले व्यक्ति की जरूरत मान लेते हैं। लेकिन सही प्लानिंग के लिए बच्चों की पढ़ाई, बुजुर्ग माता-पिता की देखभाल, लोन, आश्रित सदस्यों और भविष्य के खर्चों को भी ध्यान में रखना चाहिए।
परिवार के हर सदस्य का योगदान अलग हो सकता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि किसी एक का योगदान कम महत्वपूर्ण है। सही इंश्योरेंस रणनीति वही है जो किसी भी जरूरी सदस्य के जाने के बाद परिवार को बड़े आर्थिक और व्यावहारिक नुकसान से बचा सके।