स्कूल में अब पढ़ाई जाएगी पैसों की ABCD! NCERT ने 9वीं की किताब में जोड़ा नया चैप्टर, जानें क्या होगा खास
स्कूलों में अब बच्चों को सिर्फ किताबी पढ़ाई ही नहीं, बल्कि पैसे संभालने की समझ भी दी जाएगी। NCERT ने कक्षा 9 की सोशल साइंस किताब में पर्सनल फाइनेंस का नया चैप्टर शामिल किया है। इसमें बचत, बजट और निवेश जैसी जरूरी बातें सिखाई जाएंगी। लेकिन क्या एक अध्याय बच्चों की खर्च करने की आदतें बदलने के लिए काफी होगा? जानिए।

In Short
- NCERT ने कक्षा 9 की सोशल साइंस किताब में पर्सनल फाइनेंस का नया चैप्टर शामिल किया है।
- छात्रों को बजट, बचत, निवेश, बीमा, कर्ज और इनकम टैक्स की शुरुआती जानकारी मिलेगी।
- वित्तीय आदतें विकसित करने के लिए किताब के साथ व्यावहारिक अभ्यास और माता-पिता की भूमिका भी अहम होगी।
स्कूली बच्चों को अब छोटी उम्र से ही पैसे संभालने की समझ देने पर जोर दिया जा रहा है। NCERT की कक्षा 9 की पढ़ाई में पर्सनल फाइनेंस को शामिल करने की पहल चर्चा में है। लेकिन सवाल यह है कि क्या किताब का सिर्फ एक चैप्टर बच्चों को बचत, बजट और समझदारी से खर्च करने की आदत सिखा पाएगा?
बच्चों को स्कूल में गणित, विज्ञान और इतिहास जैसे विषय पढ़ाए जाते हैं, लेकिन रोजमर्रा की जिंदगी में पैसों का सही इस्तेमाल कैसे करें, इसकी जानकारी अक्सर घर से ही मिलती है।
अब NCERT की कक्षा 9 की पढ़ाई में पर्सनल फाइनेंस को जगह देने की पहल इसी कमी को दूर करने की दिशा में एक कदम है। इसका मकसद बच्चों को कम उम्र से ही पैसे की अहमियत समझाना है।
पर्सनल फाइनेंस पढ़ना क्यों जरूरी है?
आजकल बच्चे ऑनलाइन शॉपिंग, डिजिटल पेमेंट और मोबाइल ऐप्स से जल्दी परिचित हो जाते हैं। लेकिन पैसे खर्च करने और बचाने के बीच सही संतुलन बनाना उतना आसान नहीं होता।
पर्सनल फाइनेंस की पढ़ाई से बच्चों को जरूरत और इच्छा के बीच अंतर समझने में मदद मिल सकती है।
मसलन, अगर किसी बच्चे को हर महीने 1,000 रुपये पॉकेट मनी मिलती है, तो वह सीख सकता है कि कितने पैसे खर्च करने हैं और कितने बचाकर रखने हैं।
क्या एक चैप्टर से बदल जाएंगी आदतें?
सिर्फ किताब में एक अध्याय जोड़ देने से बच्चों की पैसे से जुड़ी आदतें तुरंत नहीं बदलेंगी।
इसके लिए जरूरी है कि उन्हें रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े उदाहरण दिए जाएं। जैसे महीने का बजट बनाना, किसी सामान की कीमत की तुलना करना और छोटी बचत का लक्ष्य तय करना।
अगर स्कूल में बच्चों को ऐसे अभ्यास कराए जाएं, तो वे सीखी हुई बातों को असल जिंदगी में इस्तेमाल कर सकेंगे।
नए चैप्टर में क्या-क्या सिखाया जाएगा?
NCERT ने 28 सितंबर 2026 को जारी कक्षा 9 की सोशल साइंस किताब Understanding Society: India and Beyond – Part 2 में 'Managing Your Personal Finances' नाम का चैप्टर जोड़ा है।
इसमें बच्चों को बजट बनाना, बचत करना, निवेश, बीमा, कर्ज और इनकम टैक्स जैसी बातें समझाई जाएंगी। FD, शेयर और म्यूचुअल फंड के बारे में भी शुरुआती जानकारी मिलेगी। इसके अलावा, नई टैक्स व्यवस्था के तहत इनकम टैक्स की गणना करना भी सिखाया जाएगा।
माता-पिता की भूमिका भी जरूरी
विशेषज्ञों का मानना है कि बच्चों को पैसों की समझ देने की जिम्मेदारी सिर्फ स्कूल की नहीं है।
माता-पिता बच्चों को पॉकेट मनी का हिसाब रखने, खरीदारी के लिए बजट तय करने और बचत की आदत डालने में मदद कर सकते हैं।
सबसे अहम बात यह है कि बच्चों को सिर्फ परीक्षा के लिए वित्तीय शब्द याद न कराए जाएं, बल्कि पैसे से जुड़े छोटे-छोटे फैसले लेना भी सिखाया जाए। तभी NCERT का यह नया चैप्टर रोजमर्रा की जिंदगी में उनके काम आ सकेगा।