Maharaja Bonds पर सरकार ने बदला टैक्स का नियम! ब्याज पर TDS से छूट, क्या पूरी कमाई होगी टैक्स फ्री?
Maharaja INR Bonds: बॉन्ड में निवेश करने वालों के लिए सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। वित्त मंत्रालय ने ब्याज से होने वाली कमाई पर TDS को लेकर नई राहत दी है। इसका फायदा भारतीय और विदेशी निवेशकों को मिलेगा। लेकिन क्या अब बॉन्ड का ब्याज पूरी तरह टैक्स फ्री होगा? समझें नए नियम।

In Short
- महाराजा INR बॉन्ड्स के ब्याज पर TDS से छूट, सरकार ने जारी किया नोटिफिकेशन।
- भारतीय और विदेशी संस्थागत निवेशकों को टैक्स वर्ष 2026-27 से मिलेगा फायदा।
- TDS से राहत का मतलब पूरी तरह टैक्स फ्री ब्याज नहीं, लागू रहेंगे इनकम टैक्स नियम।
महाराजा INR बॉन्ड्स (Maharaja INR Bonds) में निवेश करने वालों के लिए राहत की खबर है। वित्त मंत्रालय ने न्यू डेवलपमेंट बैंक (NDB) की ओर से जारी इन बॉन्ड्स पर मिलने वाले ब्याज को टैक्स डिडक्शन एट सोर्स (TDS) से छूट दे दी है। यह छूट वित्त वर्ष 2026-27 से आगे के टैक्स वर्षों के लिए लागू होगी। सरकार ने 19 अक्टूबर 2026 को इस संबंध में नोटिफिकेशन जारी किया है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि बॉन्ड से मिलने वाला ब्याज पूरी तरह टैक्स फ्री हो गया है।
क्या हैं महाराजा INR बॉन्ड्स?
महाराजा बॉन्ड्स रुपये में जारी किए जाने वाले डेट इंस्ट्रूमेंट हैं। इन्हें अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थान भारत में रुपये के जरिए फंड जुटाने के लिए जारी करते हैं।
इससे जुटाई गई रकम का इस्तेमाल इंफ्रास्ट्रक्चर और सस्टेनेबल डेवलपमेंट से जुड़े प्रोजेक्ट्स में किया जा सकता है। साथ ही इससे भारत के घरेलू कैपिटल मार्केट को भी मजबूती मिलती है।
न्यू डेवलपमेंट बैंक की स्थापना ब्रिक्स देशों यानी ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका ने की थी। बैंक ने अपनी 2025 की सालाना रिपोर्ट में बताया था कि वह 2026 में भारत में महाराजा बॉन्ड्स जारी करने की योजना बना रहा है।
सरकार ने TDS को लेकर क्या फैसला लिया?
वित्त मंत्रालय ने 19 अक्टूबर 2026 को जारी नोटिफिकेशन में इनकम टैक्स एक्ट 2025 की धारा 400(1) के तहत महाराजा INR बॉन्ड्स के ब्याज भुगतान पर TDS से छूट देने का फैसला किया है।
इसका फायदा टैक्स वर्ष 2026-27 और उसके बाद के वर्षों में पात्र निवेशकों को मिलेगा। यह आदेश 19 अक्टूबर 2026 से लागू हो चुका है।
किन निवेशकों को मिलेगा फायदा?
सरकार के इस फैसले का फायदा मुख्य रूप से दो तरह के निवेशकों को मिलेगा।
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रेजिडेंट निवेशक: भारत में टैक्स नियमों के तहत निवासी माने जाने वाले व्यक्ति और संस्थाएं।
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विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs): इनकम टैक्स एक्ट 2025 की धारा 210(6) के तहत आने वाले विदेशी संस्थागत निवेशक।
इन पात्र निवेशकों को महाराजा बॉन्ड्स से मिलने वाले ब्याज पर स्रोत पर TDS कटौती का सामना नहीं करना पड़ेगा।
क्या ब्याज पूरी तरह टैक्स फ्री हो गया?
निवेशकों के लिए यह अंतर समझना जरूरी है। सरकार ने केवल ब्याज भुगतान पर TDS की कटौती से छूट दी है। इसका मतलब यह नहीं है कि ब्याज से होने वाली कमाई पूरी तरह इनकम टैक्स से मुक्त हो गई है।
निवेशकों को अपनी आय और लागू टैक्स नियमों के हिसाब से अंतिम टैक्स देनदारी तय करनी होगी।
इसके अलावा NDB को ब्याज भुगतान से जुड़ी निर्धारित जानकारी टैक्स अधिकारियों को देनी होगी। यानी TDS से छूट मिलने के बावजूद रिपोर्टिंग की जिम्मेदारी बनी रहेगी।