LPG e-KYC की बढ़ी डेडलाइन, 16 अगस्त के बाद जानें कब तक पूरी कर सकेंगे प्रक्रिया

LPG e-KYC की समय सीमा बढ़ाकर 23 अगस्त कर दी गई है, लेकिन तकनीकी परेशानियां अब भी उपभोक्ताओं के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई हैं। बिजनेस टुडे ने टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के हवाले से बताया है कि सर्वर डाउन और ऐप की खराबी के कारण लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है।

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In Short

  • LPG e-KYC की अंतिम तारीख 16 अगस्त से बढ़ाकर 23 अगस्त कर दी गई है।
  • रिपोर्ट के मुताबिक सर्वर डाउन और ऐप की खराबी से उपभोक्ताओं को परेशानी हो रही है।
  • डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में समस्या आने पर डीलर और उपभोक्ता दोनों प्रभावित हो रहे हैं।

By Gaurav Kumar:

LPG eKYC process: LPG कनेक्शन की अनिवार्य e-KYC प्रक्रिया पूरी करने की समय सीमा 16 अगस्त से बढ़ाकर 23 अगस्त कर दी गई है। लेकिन इसके बावजूद कई उपभोक्ताओं की परेशानी कम होती नजर नहीं आ रही है। बिजनेस टुडे ने टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के हवाले से बताया है कि आधार ऑथेंटिकेशन पूरा करने के दौरान सर्वर डाउन, ऐप में खराबी और डिजिटल सिस्टम पर बढ़े दबाव जैसी समस्याओं के कारण लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

e-KYC कराने पहुंचे लोग घंटों कर रहे इंतजार

e-KYC प्रक्रिया पूरी कराने के लिए बड़ी संख्या में LPG उपभोक्ता डीलरशिप पहुंच रहे हैं। लेकिन तकनीकी परेशानियों के चलते कई जगह लंबी कतारें लग रही हैं। लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है और इसके बाद भी यह तय नहीं हो पा रहा कि उनका e-KYC समय पर पूरा होगा या नहीं।

उपभोक्ताओं को उम्मीद थी कि समय सीमा बढ़ने से दबाव कम होगा, लेकिन सर्वर और ऐप से जुड़ी समस्याएं अब भी बनी हुई हैं।

तारीख बढ़ने के बाद भी जारी हैं तकनीकी परेशानियां

16 अगस्त की समय सीमा बढ़ाने का उद्देश्य उपभोक्ताओं को अतिरिक्त समय देना था। लेकिन डीलर्स के मुताबिक, नई समय सीमा में भी तकनीकी दिक्कतें जारी हैं। सर्वर की खराबी और ऐप की धीमी रफ्तार के कारण एक दिन में होने वाली e-KYC प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही है।

बिजनेस टुडे ने टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के हवाले से बताया है कि यह समस्या अब सिर्फ आखिरी दिन के दबाव तक सीमित नहीं है, बल्कि बढ़ाए गए सात दिनों में भी डिजिटल सिस्टम की क्षमता पर असर डाल रही है।

सर्वर डाउन होते ही रुक जाती है पूरी प्रक्रिया

LPG e-KYC प्रक्रिया ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पर निर्भर करती है। जब सर्वर में खराबी आती है या ऐप सही तरीके से काम नहीं करता, तो डीलर के कर्मचारी और सही दस्तावेज लेकर पहुंचे उपभोक्ता भी प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ा पाते।

लंबे समय तक सर्वर डाउन रहने पर काउंटर पर लगी लाइन आगे नहीं बढ़ती और नए उपभोक्ता लगातार कतार में जुड़ते जाते हैं।

डीलर्स और ग्राहकों दोनों की बढ़ रही परेशानी

डीलर्स के लिए एक सर्वर आउटेज पूरे दिन के काम को प्रभावित कर सकता है और इससे लंबित मामलों का दबाव बढ़ जाता है। वहीं, जो उपभोक्ता पहले ही घंटों इंतजार कर चुके हैं, उनके लिए 23 अगस्त तक बढ़ाई गई समय सीमा तभी राहत दे पाएगी, जब डिजिटल सिस्टम लगातार बेहतर तरीके से काम करे।
 

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