दोस्ती में बने लोन गारंटर तो पड़ सकते हैं मुश्किल में, बैंक के ये नियम जरूर समझ लें

दोस्त या रिश्तेदार की मदद के लिए लोन गारंटर बनना आपको भारी पड़ सकता है। कर्ज लेने वाला व्यक्ति किस्त नहीं चुकाता है, तो बैंक गारंटर से पैसा मांग सकता है। इसका असर आपकी बचत, क्रेडिट स्कोर और आगे लोन मिलने की संभावना पर भी पड़ सकता है।

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In Short

  • लोन नहीं चुकाने पर गारंटर से मांगा जा सकता है पैसा।
  • गारंटी वाले लोन का असर क्रेडिट स्कोर पर पड़ सकता है।
  • मदद से पहले भुगतान और जिम्मेदारी की शर्तें साफ करें।

By Gaurav Kumar:

Loan Guarantor Risks: मुश्किल समय में दोस्त और रिश्तेदार ही सबसे पहले मदद के लिए आगे आते हैं। ऐसे में जब कोई करीबी पैसों की परेशानी में हो, तो उसे मना करना आसान नहीं होता। किसी दोस्त को अपना कारोबार चलाने के लिए पैसों की जरूरत पड़ सकती है, भाई-बहन कुछ समय के लिए मदद मांग सकते हैं या कोई रिश्तेदार बैंक लोन लेते समय आपको गारंटर बनाने की बात कह सकता है।

गारंटर बनाते समय अक्सर यह कहकर भरोसा दिलाया जाता है कि यह सिर्फ एक कागजी औपचारिकता है और आपको किसी तरह की परेशानी नहीं होगी। हालांकि, नियमों को समझे बिना किसी के लोन की गारंटी देना भारी पड़ सकता है। इसका असर आपकी जमा पूंजी, क्रेडिट स्कोर और भविष्य में खुद लोन लेने की क्षमता पर भी पड़ सकता है।

केवल हस्ताक्षर करना नहीं है गारंटर बनना

कई लोगों को लगता है कि लोन में गारंटर की भूमिका केवल नाम और हस्ताक्षर देने तक सीमित होती है। असल में ऐसा नहीं है। किसी व्यक्ति के लोन का गारंटर बनने पर आप यह जिम्मेदारी लेते हैं कि अगर वह व्यक्ति लोन नहीं चुका पाया, तो रकम चुकाने की जिम्मेदारी आप पर आ सकती है।

अगर असली कर्ज लेने वाला व्यक्ति किस्त देने में देरी करता है, लोन चुकाना बंद कर देता है या भुगतान का मामला ठीक तरीके से पूरा नहीं करता, तो लोन देने वाली संस्था गारंटर से रकम मांग सकती है। ऐसे में दोस्त या रिश्तेदार की आर्थिक परेशानी का सीधा असर आपकी जेब पर पड़ सकता है।

क्रेडिट प्रोफाइल पर भी पड़ सकता है असर

जिस लोन में आप गारंटर बने हैं, वह आपकी क्रेडिट प्रोफाइल से भी जुड़ सकता है। लोन का भुगतान समय पर नहीं होने पर आपके क्रेडिट रिकॉर्ड और आगे लोन लेने की क्षमता पर दबाव पड़ सकता है।

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इसी वजह से जानकार लोगों को सलाह देते हैं कि केवल रिश्ते या भावनात्मक दबाव के कारण गारंटी से जुड़े दस्तावेजों पर हस्ताक्षर न करें। कागजों पर साइन करने से पहले जिम्मेदारी और पैसों से जुड़े खतरे को अच्छी तरह समझना जरूरी है।

मदद करें लेकिन अपनी स्थिति भी देखें

करीबी लोगों की आर्थिक मदद करना गलत नहीं है। परिवार और दोस्तों का मुश्किल समय में साथ देना आम बात है। हालांकि मदद करने से पहले यह देखना जरूरी है कि इससे आपकी अपनी आर्थिक स्थिति खराब तो नहीं होगी।

पैसे देने से पहले यह साफ होना चाहिए कि रकम कब लौटाई जाएगी, भुगतान किस तरह होगा और दोनों लोगों की जिम्मेदारी क्या रहेगी। इन बातों पर खुलकर चर्चा न होने से बाद में गलतफहमी हो सकती है। पैसों को लेकर साफ नियम न केवल आपकी बचत को बचा सकते हैं, बल्कि रिश्तों को खराब होने से भी रोक सकते हैं।

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