महाराष्ट्र के इन 9 अरबपतियों के हाथ में है आपकी पूरी लाइफस्टाइल! डीमार्ट से लेकर जियो तक इन कंपनियों का है कब्जा
आपकी रोजमर्रा जिंदगी में इस्तेमाल होने वाले कई बड़े ब्रांड और सर्विस महाराष्ट्र के अरबपतियों के बिजनेस साम्राज्य का हिस्सा हैं। टेलीकॉम, रिटेल, दवाइयों, सीमेंट, रियल एस्टेट और FMCG जैसे सेक्टर में मुंबई और महाराष्ट्र के उद्योगपति देश की अर्थव्यवस्था पर गहरी पकड़ रखते हैं। चलिए जानते हैं महाराष्ट्र के उन अरबपतियों के बारे में जिनका यहां सिक्का चलता है।

अगली बार जब आप मुंबई लोकल में बैठकर JioHotstar पर फिल्म देखेंगे, डीमार्ट से महीने का राशन खरीदेंगे या चाय के साथ ब्रिटानिया बिस्कुट खाएंगे तो शायद आपको एहसास भी नहीं होगा कि आप अनजाने में महाराष्ट्र के कुछ सबसे अमीर कारोबारियों की संपत्ति बढ़ाने में योगदान दे रहे हैं।
आपकी रोजमर्रा जिंदगी में इस्तेमाल होने वाले कई बड़े ब्रांड और सर्विस महाराष्ट्र के अरबपतियों के बिजनेस साम्राज्य का हिस्सा हैं। टेलीकॉम, रिटेल, दवाइयों, सीमेंट, रियल एस्टेट और FMCG जैसे सेक्टर में मुंबई और महाराष्ट्र के उद्योगपति देश की अर्थव्यवस्था पर गहरी पकड़ रखते हैं। चलिए जानते हैं महाराष्ट्र के उन अरबपतियों के बारे में जिनका यहां सिक्का चलता है।
मुकेश अंबानी
इस लिस्ट में पहले स्थान पर मुकेश अंबानी का नाम आता है। बिजनेस टुडे के अरबपतियों की रैंकिंग के अनुसार अंबानी की संपत्ति करीब ₹9.81 लाख करोड़ है। अंबानी लगातार महाराष्ट्र के सबसे अमीर बिजनेसमैन बने हुए हैं। उनके रिलायंस जियो आज भारत के टेलीकॉम बाजार में सबसे बड़ा प्लेयर है, जबकि रिलायंस रिटेल देशभर में सुपरमार्केट, फैशन और इलेक्ट्रॉनिक्स स्टोर चला रहा है। इसके अलावा कंपनी तेल रिफाइनिंग, डिजिटल प्लेटफॉर्म, मीडिया और ग्रीन एनर्जी में भी तेजी से विस्तार कर रही है।
कुमार मंगलम बिड़ला
बिजनेस टुडे के अरबपतियों की रैंकिंग के अनुसार इनकी करीब ₹5.04 लाख करोड़ की संपत्ति है और कुमार मंगलम बिड़ला आदित्य बिड़ला ग्रुप के चेयरमेन हैं। इनकी कंपनी अल्ट्राटेक सीमेंट भारत की सबसे बड़ी सीमेंट कंपनी है।
वहीं लुई फिलिप, एलन सॉली और वैन ह्यूसेन जैसे ब्रांड इस ग्रुप को फैशन इंडस्ट्री का बड़ा नाम बनाते हैं। आदित्य बिड़ला ग्रुप मेटल, टेलीकॉम और फाइनेंशियल सर्विसेज में भी मौजूद है।
सायरस पूनावाला
सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के संस्थापक सायरस पूनावाला की अनुमानित संपत्ति करीब ₹2.05 लाख करोड़ बताई जाती है। पुणे स्थित यह कंपनी हर साल मीजल्स, पोलियो और फ्लू जैसी बीमारियों के लिए अरबों वैक्सीन डोज बनाती है। कोविड-19 महामारी के दौरान कंपनी ने दुनियाभर में सुर्खियां बटोरी थीं।
दिलीप शांगवी
करीब ₹1.94 लाख करोड़ की संपत्ति वाले दिलीप शांगवी ने सन फार्मा को दुनिया की सबसे बड़ी जेनेरिक दवा कंपनियों में शामिल कर दिया। कंपनी डायबिटीज, हार्ट डिजीज, कैंसर, मानसिक स्वास्थ्य और स्किन केयर से जुड़ी दवाएं बनाती है, जिनकी बिक्री भारत के साथ अमेरिका समेत कई देशों में होती है।
शापूर मिस्त्री
शापूरजी पल्लोनजी ग्रुप भारत के सबसे पुराने निर्माण समूहों में से एक है। शापूर मिस्त्री और उनके परिवार की अनुमानित संपत्ति करीब ₹1.31 लाख करोड़ है। समूह ने भारत और विदेशों में बड़ी इमारतें, फैक्ट्रियां, बंदरगाह और आवासीय प्रोजेक्ट बनाए हैं। टाटा संस में भी उनकी अहम हिस्सेदारी है।
गोदरेज परिवार
गोदरेज और नादिर गोदरेज के नेतृत्व वाला गोदरेज ग्रुप भारत के सबसे भरोसेमंद बिजनेस घरानों में गिना जाता है। साबुन, ताले, अलमारियां, फ्रिज, एयर कंडीशनर और हेयर कलर जैसे उत्पादों के जरिए यह ब्रांड लगभग हर भारतीय घर तक पहुंच चुका है। समूह रियल एस्टेट सेक्टर में भी मजबूत मौजूदगी रखता है।
राधाकिशन दमानी
डीमार्ट के संस्थापक राधाकिशन दमानी की अनुमानित संपत्ति करीब ₹1 लाख करोड़ है। कम कीमत पर किराना, कपड़े और घरेलू सामान उपलब्ध कराने वाली डीमार्ट चेन मिडिल क्लास की पसंद बन चुकी है। खासकर छोटे शहरों में इसका तेजी से विस्तार भारत के संगठित रिटेल बाजार को बदल रहा है।
नुस्ली वाडिया
वाडिया ग्रुप के प्रमुख नुस्ली वाडिया की अनुमानित संपत्ति करीब ₹73,000 करोड़ है। ब्रिटानिया के बिस्कुट, ब्रेड, केक और डेयरी प्रोडक्ट आज लगभग हर भारतीय घर में इस्तेमाल होते हैं। समूह टेक्सटाइल सेक्टर में भी पुराना और बड़ा नाम है।
निरंजन हिरानंदानी
निरंजन हिरानंदानी ने मुंबई के पवई इलाके को एक बड़े आधुनिक हाउसिंग और बिजनेस हब में बदल दिया। हिरानंदानी ग्रुप अब सिर्फ रियल एस्टेट तक सीमित नहीं है, बल्कि डेटा सेंटर, इंडस्ट्रियल पार्क और एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर में भी तेजी से विस्तार कर रहा है।