Keki Mistry का Rent vs Buy बहस पर बड़ा जवाब, जानिए क्यों घर खरीदना मानते हैं बेहतर फैसला

घर खरीदना या किराए पर रहना, इस सवाल पर अक्सर बहस होती रहती है। अब एचडीएफसी लिमिटेड के पूर्व वाइस चेयरमैन और सीईओ केकी मिस्त्री ने बताया कि क्यों उनके हिसाब से अपना घर लंबे समय में आर्थिक सुरक्षा दे सकता है और रिटायरमेंट के बाद भी मददगार साबित हो सकता है।

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In Short

  • केकी मिस्त्री ने कहा, लंबे समय के लिए घर खरीदना बेहतर फैसला हो सकता है।
  • रिटायरमेंट के बाद घर बेचकर या उससे मिलने वाली रकम से आर्थिक सहारा बनाया जा सकता है।
  • भारत में युवा आबादी बढ़ने के साथ आने वाले वर्षों में घरों की मांग मजबूत रहने की उम्मीद है।

By Gaurav Kumar:

Keki Mistry: बढ़ती घरों की कीमतों के बीच लोगों के मन में अक्सर यह सवाल आता है कि घर खरीदना बेहतर है या फिर किराए पर रहकर बचत को कहीं और लगाना। इस मुद्दे पर लोगों की अलग-अलग राय है। अब पूर्व एचडीएफसी लिमिटेड के वाइस चेयरमैन और सीईओ केकी मिस्त्री ने घर खरीदने को लंबे समय के लिए अच्छा फैसला बताया है।

उनका कहना है कि अपना घर सिर्फ रहने की जगह नहीं होता, बल्कि आगे चलकर आर्थिक सहारा भी बन सकता है। आइए जानते हैं उन्होंने घर खरीदने को लेकर क्या कहा।

रिटायरमेंट के बाद काम आ सकता है अपना घर

एक पॉडकास्ट इंटरव्यू में केकी मिस्त्री ने किराए पर रहने और बची हुई रकम को निवेश करने वाली सोच से अलग राय रखी। उन्होंने कहा कि उनके हिसाब से लोगों को घर खरीदना चाहिए।

उनके मुताबिक, जो लोग 30 या 40 की उम्र में घर खरीदते हैं और कई सालों तक उसमें रहते हैं, उन्हें भविष्य में इसका फायदा मिल सकता है। समय के साथ घर की कीमत बढ़ सकती है और रिटायरमेंट के बाद इसे बेचकर अच्छी रकम हासिल की जा सकती है। 

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उन्होंने बताया कि कई लोग रिटायरमेंट के बाद बड़े शहर में अपना घर बेचकर किसी सस्ते शहर या जगह पर चले जाते हैं। घर बेचने से मिली रकम को निवेश किया जा सकता है, जिससे हर महीने कमाई का जरिया बन सकता है।

घर खरीदना भविष्य के लिए बचत जैसा

केकी मिस्त्री का कहना है कि घर खरीदना एक तरह की लंबे समय की बचत है। एक बार घर खरीदने के बाद आने वाले सालों में उसकी कीमत बढ़ सकती है और यह परिवार के लिए बड़ी संपत्ति बन सकती है।

हालांकि, उन्होंने बताया कि उनका खुद का तरीका अलग था। एचडीएफसी जैसी बड़ी होम लोन कंपनी से जुड़े होने के बावजूद उन्होंने कभी घर का कर्ज नहीं लिया।

अपनी बचत से खरीदा था पहला घर

मिस्त्री ने बताया कि उन्होंने अपनी जिंदगी में कभी कर्ज नहीं लिया। यह उनका निजी फैसला था। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपना पहला घर 45 साल की उम्र के बाद खरीदा, जब उनके पास इतनी बचत हो गई थी कि वह बिना कर्ज के घर खरीद सकें।

उन्होंने यह भी साफ किया कि यह उनकी व्यक्तिगत सोच थी और हर व्यक्ति को अपनी आर्थिक स्थिति देखकर फैसला लेना चाहिए।

भारत में घरों की मांग बढ़ती रहेगी

केकी मिस्त्री ने भारत में घरों की बढ़ती मांग को लेकर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि देश में पहली बार घर खरीदने वालों की औसत उम्र करीब 37 से 38 साल है। वहीं, भारत की करीब दो-तिहाई आबादी 35 साल से कम उम्र की है।

जैसे-जैसे युवा अपनी नौकरी और कमाई के बेहतर दौर में पहुंचेंगे, घर खरीदने की जरूरत और मांग बढ़ सकती है। उन्होंने बताया कि भारत में होम लोन लेने वालों की संख्या अभी भी कई विकसित देशों के मुकाबले कम है, इसलिए इस क्षेत्र में आगे बढ़ने की काफी गुंजाइश है।

हालांकि, घर खरीदना या किराए पर रहना हर व्यक्ति की कमाई, नौकरी और भविष्य की योजना पर निर्भर करता है। लेकिन केकी मिस्त्री का मानना है कि लंबे समय के लिए अपना घर आर्थिक सुरक्षा देने वाली बड़ी संपत्ति बन सकता है।

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