लोन लेने वालों के लिए बड़ा झटका! इस प्राइवेट बैंक ने बढ़ाई ब्याज दरें- जानिए कितनी बढ़ सकती है EMI
करूर वैश्य बैंक ने MCLR दरों में बढ़ोतरी का ऐलान किया है। नई दरें 22 अगस्त 2026 से लागू होंगी। बैंक के इस फैसले से MCLR से जुड़े होम लोन कार लोन और पर्सनल लोन ग्राहकों की EMI बढ़ सकती है। सभी अवधि की ब्याज दरों में बदलाव किया गया है।

In Short
- करूर वैश्य बैंक ने MCLR दरों में 0.05% से 0.25% तक की बढ़ोतरी की।
- नई दरें 22 अगस्त 2026 से लागू होंगी होम कार और पर्सनल लोन पर पड़ेगा असर।
- One-year MCLR 9.35% से बढ़कर 9.40% हुई ग्राहकों की EMI बढ़ सकती है।
अगर आपने करूर वैश्य बैंक से होम लोन, कार लोन या पर्सनल लोन लिया है तो आपकी जेब पर असर पड़ सकता है। बैंक ने अपने लेटेस्ट एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि उसने अपनी MCLR दरों में बदलाव किया है। नई दरें 22 अगस्त 2026 से लागू होंगी। MCLR बढ़ने के बाद उन ग्राहकों की EMI बढ़ सकती है जिनका लोन इस ब्याज दर से जुड़ा हुआ है।
MCLR यानी Marginal Cost of Funds Based Lending Rate वह न्यूनतम दर होती है जिसके आधार पर बैंक ग्राहकों को कर्ज देने की ब्याज दर तय करते हैं। जब कोई बैंक अपनी MCLR बढ़ाता है तो उससे जुड़े फ्लोटिंग रेट लोन की ब्याज दरों पर असर पड़ता है।
जिन ग्राहकों का लोन MCLR आधारित होता है, उनकी EMI बैंक के रीसेट नियमों के अनुसार बदल सकती है। हालांकि, फिक्स्ड रेट लोन लेने वाले ग्राहकों पर इसका सीधा असर नहीं पड़ता।
बैंक ने सभी अवधि की MCLR दरों में किया बदलाव
करूर वैश्य बैंक ने अलग-अलग अवधि वाली MCLR दरों में 0.05% से लेकर 0.25% तक की बढ़ोतरी की है। बैंक की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक Overnight MCLR को 8.85% से बढ़ाकर 9.00% कर दिया गया है।
वहीं One-month MCLR अब 8.75% से बढ़कर 9.00% हो गई है। Three-month MCLR में भी बढ़ोतरी की गई है और यह 8.95% से बढ़कर 9.15% हो गई है। इसके अलावा Six-month MCLR 9.15% से बढ़कर 9.30% हो गई है।
ज्यादातर रिटेल लोन जैसे होम लोन एक साल वाली MCLR से जुड़े होते हैं। बैंक ने One-year MCLR को 9.35% से बढ़ाकर 9.40% कर दिया है। यानी बैंक ने सभी अवधि की MCLR दरों में इजाफा किया है।
MCLR बढ़ने से लोन ग्राहकों पर क्या होगा असर?
MCLR में बढ़ोतरी का सीधा असर उन ग्राहकों पर पड़ेगा जिनके फ्लोटिंग रेट लोन इस दर से जुड़े हुए हैं। अगर किसी ग्राहक का लोन रीसेट होने वाला है तो नई ब्याज दर लागू होने के बाद उसकी EMI बढ़ सकती है।
इसके अलावा अब बैंक से नया लोन लेने वाले ग्राहकों के लिए भी कर्ज पहले के मुकाबले महंगा हो सकता है। होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन लेने वालों को ब्याज दरों में हुए इस बदलाव का ध्यान रखना होगा।