जम्मू-कश्मीर में पुरानी पेंशन का रास्ता खुला, इन कर्मचारियों को मिलेगा OPS चुनने का मौका

जम्मू-कश्मीर सरकार ने कुछ कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना यानी OPS का रास्ता खोल दिया है। हालांकि इसका फायदा हर NPS कर्मचारी को नहीं मिलेगा। सरकार ने इसके लिए भर्ती और नियुक्ति की तारीख से जुड़ी खास शर्त रखी है। योग्य कर्मचारियों को तय समय के भीतर विकल्प चुनना होगा और यह फैसला बाद में बदला नहीं जा सकेगा।

Advertisement
वित्त विभाग ने योग्य कर्मचारियों को 28 दिसंबर तक OPS चुनने का मौका दिया है। यह फैसला अंतिम होगा।
वित्त विभाग ने योग्य कर्मचारियों को 28 दिसंबर तक OPS चुनने का मौका दिया है। यह फैसला अंतिम होगा।

In Short

  • जम्मू-कश्मीर के कुछ सरकारी कर्मचारियों को NPS से OPS में जाने का एक बार मौका मिला है।
  • योग्य कर्मचारियों को 28 दिसंबर 2026 तक अपना विकल्प देना होगा।
  • - OPS चुनने और मंजूरी मिलने के बाद दोबारा NPS में वापस नहीं जा सकेंगे।

By Shakshi:

जम्मू-कश्मीर सरकार ने कुछ सरकारी कर्मचारियों को नई पेंशन योजना यानी NPS से पुरानी पेंशन योजना यानी OPS में जाने का एक बार मौका दिया है। इसके लिए योग्य कर्मचारियों को 28 दिसंबर 2026 तक अपना विकल्प चुनना होगा।

हालांकि यह मौका NPS के तहत आने वाले सभी सरकारी कर्मचारियों को नहीं मिलेगा। इसके लिए कुछ खास शर्तें रखी गई हैं। एक बार OPS चुनने और सरकार से मंजूरी मिलने के बाद कर्मचारी दोबारा NPS में वापस नहीं जा सकेंगे।

किन कर्मचारियों को मिलेगा मौका?

इसका फायदा उन सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा, जिनके पद या खाली जगह के लिए भर्ती का विज्ञापन 24 दिसंबर 2009 से पहले जारी हुआ था, लेकिन उनकी नियुक्ति 1 जनवरी 2010 या उसके बाद हुई।

दरअसल जम्मू-कश्मीर में 24 दिसंबर 2009 को SRO-400 के जरिए नई पेंशन व्यवस्था लागू की गई थी। यह व्यवस्था 1 जनवरी 2010 या उसके बाद नियुक्त होने वाले कर्मचारियों पर लागू हुई।

इस वजह से कुछ कर्मचारियों की भर्ती प्रक्रिया पुरानी पेंशन व्यवस्था के समय शुरू हुई थी, लेकिन उनकी नौकरी NPS लागू होने के बाद लगी।

सरकार ने क्यों लिया यह फैसला?

इस बदलाव से प्रभावित कर्मचारी लंबे समय से इसकी मांग कर रहे थे। उनका कहना था कि जिस पद पर उनकी नियुक्ति हुई, उसकी भर्ती NPS लागू होने से पहले ही शुरू हो गई थी। इसलिए उन्हें पुरानी पेंशन योजना चुनने का मौका मिलना चाहिए।

केंद्र सरकार ने भी 2023 में इसी तरह कुछ केंद्रीय कर्मचारियों को एक बार OPS चुनने का मौका दिया था।

इसके बाद जम्मू-कश्मीर सरकार ने भी इस मामले पर विचार किया। मंत्रिपरिषद ने 10 सितंबर 2026 को प्रस्ताव को मंजूरी दी और वित्त विभाग ने 28 सितंबर को इसका आदेश जारी कर दिया।

OPS के लिए कैसे करें आवेदन?

योग्य कर्मचारियों को तय तरीके से अपना विकल्प जमा करना होगा। आवेदन सबसे पहले वेतन और भुगतान से जुड़े अधिकारी यानी DDO के पास जाएगा।

इसके बाद आवेदन विभाग के प्रमुख या नियुक्ति करने वाले अधिकारी के पास भेजा जाएगा। फिर संबंधित प्रशासनिक विभाग दस्तावेजों की जांच करेगा और फैसला लिया जाएगा।

कर्मचारी को ऐसे दस्तावेज भी देने होंगे, जिनसे यह साबित हो कि उनके पद की भर्ती का विज्ञापन 24 दिसंबर 2009 से पहले जारी हुआ था।

NPS में जमा पैसे का क्या होगा?

OPS की मंजूरी मिलने के बाद कर्मचारी का NPS खाता आदेश जारी होने के अगले महीने की पहली तारीख से बंद कर दिया जाएगा। इसके बाद कर्मचारी सामान्य भविष्य निधि यानी GPF के तहत आ जाएगा।

NPS में कर्मचारी की तरफ से जमा की गई रकम GPF खाते में डाल दी जाएगी। इस रकम पर GPF के नियमों के मुताबिक ब्याज का हिसाब लगाया जाएगा।

वहीं सरकार की तरफ से NPS में जमा किए गए हिस्से का निपटारा तय नियमों के मुताबिक अलग से किया जाएगा।

28 दिसंबर तक विकल्प नहीं चुना तो क्या होगा?

अगर योग्य कर्मचारी 28 दिसंबर 2026 तक OPS चुनने का विकल्प नहीं देते हैं, तो वे NPS के तहत ही बने रहेंगे।

एक बार OPS चुनने और उसे मंजूरी मिलने के बाद फैसला अंतिम होगा। इसके बाद कर्मचारी दोबारा NPS में वापस नहीं जा सकेगा। इसलिए कर्मचारियों को दोनों पेंशन योजनाओं से जुड़े आर्थिक असर को समझने के बाद ही अपना विकल्प चुनना होगा।

Read more!
Advertisement