हेल्थ इंश्योरेंस के भरोसे न रहें! मेडिकल इमरजेंसी में क्यों जरूरी है अलग फंड? एक्सपर्ट ने बताई वजह
हेल्थ इंश्योरेंस लेने के बाद अक्सर लोग मान लेते हैं कि इलाज के खर्च की चिंता खत्म हो गई। लेकिन तेजी से बढ़ती मेडिकल महंगाई के बीच क्या सिर्फ बीमा काफी है? बिजनेस टुडे से बातचीत में प्रामेरिका लाइफ के एमडी और सीईओ पंकज गुप्ता ने बताया कि भविष्य में इलाज कितना महंगा हो सकता है और परिवारों को अभी से कैसी आर्थिक तैयारी करनी चाहिए।

In Short
- प्रामेरिका लाइफ के एमडी और सीईओ पंकज गुप्ता के मुताबिक, मेडिकल खर्च लंबे समय से दोहरे अंकों की दर से बढ़ रहा है।
- नई मेडिकल तकनीकों से इलाज बेहतर हो सकता है, लेकिन भविष्य में उसी इलाज के लिए ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ सकते हैं।
- एक्सपर्ट ने हेल्थ इंश्योरेंस के साथ अलग मेडिकल इमरजेंसी फंड रखने और पहले से फाइनेंशियल प्लानिंग करने की जरूरत बताई।
आज के समय में हेल्थ इंश्योरेंस हर परिवार की जरूरत बन गया है। लेकिन क्या सिर्फ हेल्थ इंश्योरेंस होने से इलाज के सभी खर्चों की चिंता खत्म हो जाती है? या फिर मेडिकल इमरजेंसी के लिए अलग से पैसे बचाकर रखना भी जरूरी है? इलाज लगातार महंगा हो रहा है, ऐसे में यह सवाल हर परिवार की फाइनेंशियल प्लानिंग के लिए अहम है।
मेडिकल महंगाई को लेकर एक्सपर्ट ने क्या कहा?
बिजनेस टुडे के शो में सीनियर एंकर साक्षी बत्रा के सवालों का जवाब देते हुए प्रामेरिका लाइफ के एमडी और सीईओ पंकज गुप्ता ने कहा कि मेडिकल खर्च लंबे समय से दोहरे अंकों की दर से बढ़ रहा है। आने वाले समय में भी मेडिकल महंगाई ज्यादा रहने की संभावना है।
उन्होंने बताया कि इलाज की तकनीक लगातार बेहतर हो रही है। नई तकनीकों से मरीजों को बेहतर इलाज और अच्छे नतीजे मिल सकते हैं, लेकिन इसके साथ इलाज का खर्च भी बढ़ेगा।
आज का इलाज भविष्य में पड़ सकता है ज्यादा महंगा
पंकज गुप्ता के मुताबिक, जिस इलाज पर आज एक निश्चित रकम खर्च होती है, आने वाले वर्षों में उसी इलाज के लिए ज्यादा पैसे देने पड़ सकते हैं।
ऐसा इसलिए क्योंकि मेडिकल सुविधाएं लगातार आधुनिक हो रही हैं। लोग भी अपने और अपने परिवार के लिए बेहतर से बेहतर इलाज चाहते हैं। ऐसे में भविष्य के खर्चों को ध्यान में रखकर अभी से पैसों की योजना बनाना जरूरी है।
हेल्थ इंश्योरेंस के साथ इमरजेंसी फंड क्यों जरूरी?
पंकज गुप्ता ने बताया कि हेल्थ इंश्योरेंस और मेडिकल इमरजेंसी के लिए अलग से बचत, दोनों की अहम भूमिका है। उनके मुताबिक, परिवार की आर्थिक तैयारी ऐसी होनी चाहिए कि जरूरत पड़ने पर पैसों की कमी इलाज के रास्ते में बाधा न बने।
यही वजह है कि केवल हेल्थ इंश्योरेंस लेने के बजाय भविष्य के मेडिकल खर्चों के लिए अलग से आर्थिक तैयारी करना भी जरूरी है।
बेहतर इलाज के लिए पहले से करें फाइनेंशियल प्लानिंग
एक्सपर्ट ने कहा कि हर व्यक्ति चाहता है कि जरूरत पड़ने पर उसके परिवार को सबसे अच्छा इलाज मिले। लेकिन भविष्य में इलाज का खर्च कितना बढ़ेगा, इसका सटीक अनुमान लगाना मुश्किल है।
इसलिए हेल्थ इंश्योरेंस के साथ मेडिकल इमरजेंसी फंड की तैयारी करना जरूरी है, ताकि इलाज के समय पैसों की कमी के कारण परिवार को किसी बेहतर मेडिकल सुविधा से समझौता न करना पड़े।