FD बताकर बेची जा रही बीमा पॉलिसी? IRDAI के प्रस्तावित नियमों में गलत बिक्री पर सख्ती की तैयारी

बैंक में FD कराने गए और आपको बीमा पॉलिसी खरीदने की सलाह मिलने लगी तो सावधान रहना जरूरी है। IRDAI ने जीवन बीमा की गलत बिक्री से जुड़े 12 तरीकों को लेकर प्रस्ताव रखा है। इनमें पॉलिसी को FD जैसा बताने से लेकर तय रिटर्न का दावा करने तक कई तरीके शामिल हैं, जिनसे ग्राहकों को नुकसान हो सकता है।

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IRDAI ने बीमा को FD या तय रिटर्न वाली जमा योजना बताकर बेचने को गलत बिक्री मानने का प्रस्ताव दिया है।
IRDAI ने बीमा को FD या तय रिटर्न वाली जमा योजना बताकर बेचने को गलत बिक्री मानने का प्रस्ताव दिया है।

In Short

  • IRDAI ने जीवन बीमा की गलत बिक्री से जुड़े 12 तरीकों की पहचान का प्रस्ताव दिया है
  • बीमा पॉलिसी को FD की तरह पेश करना गलत बिक्री के दायरे में आ सकता है
  • - पहले साल पॉलिसी बंद करने पर कुछ मामलों में प्रीमियम का सिर्फ 31% से 64% तक वापस मिल सकता है

By Shakshi:

मान लीजिए आप बैंक में अपनी FD दोबारा कराने जाते हैं। वहां बैंक का कर्मचारी आपको बेहतर रिटर्न और जीवन बीमा का फायदा बताकर कोई बीमा योजना खरीदने की सलाह देता है। यह ऑफर अच्छा लग सकता है, लेकिन परेशानी तब हो सकती है जब आपको अचानक पैसों की जरूरत पड़े और पॉलिसी बंद करने पर जमा रकम का सिर्फ एक हिस्सा ही वापस मिले।

इसी तरह के मामलों पर अब भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण यानी IRDAI की नजर है। 23 सितंबर को जारी एक प्रस्ताव पत्र में IRDAI ने 12 ऐसे तरीकों का जिक्र किया है, जिन्हें जीवन बीमा की गलत बिक्री माना जा सकता है। हालांकि ये नियम अभी अंतिम नहीं हैं।

बीमा पॉलिसी को FD बताकर बेचना

IRDAI के प्रस्ताव के मुताबिक, बीमा पॉलिसी को तय आमदनी वाली जमा योजना के रूप में बेचना या तय रिटर्न वाली बीमा बचत योजना को बैंक FD की तरह पेश करना गलत बिक्री माना जा सकता है। खासकर तब, जब उसका रिटर्न FD के बराबर या उससे कम हो।

FD में आप बैंक में पैसा जमा करते हैं, जबकि जीवन बीमा की बचत योजना में बीमा सुरक्षा के साथ बचत या निवेश भी जुड़ा होता है। दोनों में पैसा निकालने, शुल्क और समय से पहले योजना बंद करने के नियम अलग-अलग हो सकते हैं।

इसलिए अगर कोई आपसे कहता है कि “यह FD जैसी ही है और साथ में बीमा भी मिलेगा”, तो पॉलिसी खरीदने से पहले उसकी शर्तों को अच्छी तरह समझना जरूरी है।

तय रिटर्न के दावे पर भी रखें नजर

IRDAI ने ऐसी पॉलिसी या ULIP में तय रिटर्न का दावा करने को भी गलत बिक्री के दायरे में लाने का प्रस्ताव दिया है, जहां रिटर्न वास्तव में तय नहीं है।

ग्राहकों को पॉलिसी में मिलने वाले फायदे का पूरा हिसाब देखकर समझना चाहिए कि कितना फायदा पक्का है और कितना केवल अनुमान के आधार पर बताया जा रहा है।

हर साल पैसा भरने वाली पॉलिसी को एक बार पैसा भरने वाली योजना बताकर बेचना भी गलत बिक्री माना जा सकता है। ऐसा होने पर ग्राहक इसे एक बार का निवेश समझ सकता है, लेकिन बाद में उसे हर साल पैसा जमा करना पड़ सकता है।

पहले साल पॉलिसी बंद की तो कितना पैसा मिलेगा?

बीमा और FD के बीच बड़ा अंतर समय से पहले पैसा निकालने पर दिखाई दे सकता है। IRDAI के प्रस्ताव पत्र में दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, पहले साल के आखिर में पॉलिसी बंद करने पर ग्राहक को योजना के हिसाब से भरे गए प्रीमियम का सिर्फ 31% से 64% तक वापस मिल सकता है।

इसलिए पॉलिसी खरीदने से पहले यह जरूर पता करें कि उसे समय से पहले बंद करने पर आपको कितनी रकम वापस मिलेगी।

IRDAI ने बिना नियमित कमाई वाले व्यक्ति को ज्यादा प्रीमियम वाली पॉलिसी बेचने या उसकी पैसे भरने की क्षमता से ज्यादा महंगी पॉलिसी देने को भी गलत बिक्री में शामिल करने का प्रस्ताव दिया है।

इसके अलावा कम जोखिम चाहने वाले या ज्यादा उम्र के ग्राहकों को निवेश का जोखिम और लगने वाले शुल्क ठीक से बताए बिना ULIP बेचना भी गलत बिक्री माना जा सकता है।

पॉलिसी खरीदने से पहले पूछें ये 5 सवाल

बीमा खरीदने से पहले ग्राहक को पांच बातें जरूर समझनी चाहिए। यह बीमा है, निवेश है या दोनों? इसमें कितना रिटर्न पक्का है? अगर बीच में पैसा भरना बंद कर दिया तो कितनी रकम वापस मिलेगी? पॉलिसी बेचने वाले को कितना कमीशन मिलेगा? और क्या पॉलिसी के कागजात घर ले जाकर पढ़ सकते हैं?

अगर आपने पॉलिसी खरीद ली है और आपको लगता है कि गलत जानकारी देकर इसे बेचा गया है, तो तय नियमों और कटौती के तहत फ्री लुक पीरियड में पॉलिसी बंद करने का विकल्प मिल सकता है।

पुरानी पॉलिसी के मामले में ग्राहक पहले बीमा कंपनी से शिकायत कर सकता है। वहां समस्या हल नहीं होने पर IRDAI के बीमा भरोसा या बीमा लोकपाल के पास शिकायत की जा सकती है।

IRDAI के प्रस्ताव का सीधा संदेश है कि अगर कोई बीमा पॉलिसी आपको FD की तरह बेच रहा है तो केवल उसकी बातों पर भरोसा न करें। पैसा लगाने से पहले पॉलिसी की सभी शर्तों को अच्छी तरह समझें।

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