विरासत में मिली संपत्ति बेचने से पहले रखें ध्यान, छोटी गलती से बढ़ सकती है टैक्स की परेशानी
विरासत में मिली संपत्ति या गिफ्ट को संभालते समय लोग अक्सर दस्तावेजों और टैक्स नियमों को नजरअंदाज कर देते हैं। Ved Jain & Associates के अंकित जैन ने बताया कि खरीद से जुड़े कागज, रसीदें और ट्रांसफर रिकॉर्ड सुरक्षित रखना बेहद जरूरी है। सही दस्तावेज नहीं होने पर संपत्ति की टैक्स गणना में परेशानी आ सकती है।

In Short
- विरासत में मिली संपत्ति के दस्तावेज संभालना जरूरी है।
- Cost of Acquisition साबित करने में आ सकती है दिक्कत।
- संपत्ति बेचने से पहले टैक्स नियम समझना जरूरी है।
विरासत में मिली संपत्ति या गिफ्ट को संभालना कई लोगों के लिए आसान नहीं होता। कई बार लोग बिना पूरी जानकारी के ऐसी संपत्तियों को बेच देते हैं या ट्रांसफर कर देते हैं, जिससे बाद में टैक्स और दस्तावेजों से जुड़ी परेशानियां सामने आ सकती हैं।
बिजनेस टुडे के एक शो में सीनियर एंकर साक्षी बत्रा के सवालों का जवाब देते हुए Ved Jain & Associates के अंकित जैन ने कहा कि विरासत में मिली संपत्ति के मामले में सबसे बड़ी चुनौती सही दस्तावेजों को संभालकर रखना होती है। उन्होंने बताया कि खरीद से जुड़े दस्तावेज, रसीदें और संपत्ति ट्रांसफर के रिकॉर्ड बेहद जरूरी होते हैं।
दस्तावेजों की कमी बन सकती है बड़ी परेशानी
अंकित जैन ने कहा कि कई वरिष्ठ नागरिकों को अपनी संपत्तियों को ट्रांसफर करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है, खासकर फिक्स्ड डिपॉजिट और म्यूचुअल फंड जैसी वित्तीय संपत्तियों में।
उन्होंने बताया कि अगर कोई व्यक्ति किसी संपत्ति का नॉमिनी है, तो कई मामलों में फिक्स्ड डिपॉजिट जैसी संपत्तियों को मूल मालिक से नए मालिक के नाम ट्रांसफर कराया जा सकता है। हालांकि, इसके लिए जरूरी दस्तावेजों की जरूरत होती है।
उन्होंने कहा कि कई बार लोग टैक्स सलाह लेने के लिए आते हैं, लेकिन उनके पास संपत्ति की खरीद कीमत या लागत (Cost of Acquisition) साबित करने के लिए पर्याप्त दस्तावेज नहीं होते। ऐसी स्थिति में टैक्स कैलकुलेशन करना चुनौतीपूर्ण हो जाता है।
संपत्ति मिलने के बाद जल्दबाजी में न लें फैसला
अंकित जैन के मुताबिक, विरासत में मिली संपत्ति को बेचने या ट्रांसफर करने से पहले सभी रिकॉर्ड को व्यवस्थित रखना चाहिए। सही दस्तावेज होने से टैक्स से जुड़ी गणना आसान हो जाती है और भविष्य में किसी तरह की परेशानी से बचा जा सकता है।
उन्होंने लोगों को सलाह दी कि संपत्ति मिलने के बाद सिर्फ उसे अपने पास रखने या बेचने का फैसला लेने से पहले उसके कानूनी और टैक्स पहलुओं को समझना जरूरी है।