रिटायरमेंट के लिए ₹1.5 करोड़ का फंड भी पड़ सकता है कम! भारतीयों की प्लानिंग में कहां हो रही है चूक?
रिटायरमेंट के बाद आरामदायक जिंदगी के लिए कितनी बचत जरूरी है? HDFC Pension की नई स्टडी में भारतीयों की रिटायरमेंट प्लानिंग को लेकर दिलचस्प खुलासे हुए हैं। लोग पहले से ज्यादा पैसा जुटाने का लक्ष्य बना रहे हैं, लेकिन क्या यह रकम भविष्य की जरूरतों के लिए काफी होगी? जानिए रिपोर्ट क्या कहती है।

In Short
- भारतीयों ने रिटायरमेंट फंड का लक्ष्य ₹1.34 करोड़ से बढ़ाकर ₹1.5 करोड़ किया।
- करीब 69% लोगों को रिटायरमेंट के बाद परिवार या बच्चों से आर्थिक मदद मिलने की उम्मीद।
- NPS Preference Index साल 2023 के 54 से बढ़कर 2026 में 57 पहुंचा।
रिटायरमेंट के बाद आराम से जिंदगी बिताने के लिए कितने पैसे चाहिए? इस सवाल पर भारतीयों की सोच अब बदल रही है। लोग पहले के मुकाबले रिटायरमेंट के लिए ज्यादा पैसा जुटाना चाहते हैं। HDFC Pension की NPS Preference Index Study 2026 के मुताबिक, भारतीय अब रिटायरमेंट के लिए औसतन ₹1.5 करोड़ का फंड जरूरी मानते हैं। साल 2023 में यह रकम ₹1.34 करोड़ थी। हालांकि, रिपोर्ट बताती है कि ₹1.5 करोड़ का यह लक्ष्य भी उनकी जरूरतों के मुकाबले कम है।
रिटायरमेंट प्लानिंग कितनी जरूरी?
स्टडी के मुताबिक, भारतीयों की आर्थिक प्राथमिकताओं में रिटायरमेंट प्लानिंग भी शामिल है। हालांकि, सबसे ज्यादा 45% लोगों ने मेडिकल खर्चों को प्राथमिकता दी। इसके बाद 39% लोगों ने इमरजेंसी के लिए बचत और 35% ने बच्चों की पढ़ाई को जरूरी बताया। वहीं, 34% लोगों ने रिटायरमेंट प्लानिंग को प्राथमिकता दी।
रिटायरमेंट के बाद बढ़ते मेडिकल खर्च भी लोगों की चिंता बढ़ा रहे हैं। करीब 47% लोगों ने इलाज के बढ़ते खर्च, 44% ने सेहत और बढ़ती उम्र, जबकि 36% ने रिटायरमेंट के बाद पर्याप्त बचत नहीं होने की चिंता जताई।
बुढ़ापे में परिवार से मदद की उम्मीद
रिपोर्ट में एक और दिलचस्प बात सामने आई है। करीब 69% लोगों को उम्मीद है कि रिटायरमेंट के बाद उन्हें अपने परिवार या बच्चों से कुछ आर्थिक मदद मिलेगी। इससे पता चलता है कि बड़ी संख्या में लोग अब भी रिटायरमेंट के बाद आर्थिक जरूरतों के लिए परिवार पर निर्भर रहने की उम्मीद रखते हैं।
NPS में बढ़ रही लोगों की दिलचस्पी
रिटायरमेंट की तैयारियों को लेकर चिंता के बीच नेशनल पेंशन सिस्टम यानी NPS में भी लोगों की दिलचस्पी बढ़ रही है।
स्टडी के मुताबिक, NPS Preference Index साल 2023 के 54 से बढ़कर 2026 में 57 हो गया है। यह इंडेक्स 0 से 100 के पैमाने पर NPS की जानकारी, लोगों की पसंद और इसमें निवेश करने पर विचार को मापता है।
NPS में निवेश करने पर विचार करने वाला स्कोर 53 से बढ़कर 59 हो गया। वहीं, इसकी जानकारी से जुड़ा स्कोर 55 से 58 और पसंद का स्कोर 54 से बढ़कर 56 पहुंच गया।
किस क्षेत्र में NPS को लेकर ज्यादा दिलचस्पी?
क्षेत्रीय आंकड़ों के मुताबिक, उत्तर भारत में NPS Preference Index सबसे ज्यादा 60 रहा। इसके बाद पूर्वी भारत में 58, दक्षिण भारत में 57 और पश्चिमी भारत में 54 दर्ज किया गया।
NPS में निवेश की वजह और सबसे बड़ी परेशानी
रिपोर्ट के मुताबिक, 39% लोगों ने NPS में हाल में हुए बदलावों को इसमें निवेश करने पर विचार करने की बड़ी वजह बताया। वहीं, 38% ने टैक्स बचत और 36% ने बेहतर रिटर्न को वजह माना।
हालांकि, 26% लोगों ने लॉक-इन को सबसे बड़ी परेशानी बताया। इसके अलावा 25% ने अनिवार्य एन्युटी खरीदने की शर्त पर चिंता जताई। साल 2023 में जानकारी की कमी सबसे बड़ी बाधा थी, जो अब पांचवें स्थान पर आ गई है।
यह स्टडी देश के 13 शहरों में NPS की जानकारी रखने वाले 1,812 लोगों से आमने-सामने बातचीत के आधार पर तैयार की गई है। इसमें SEC-A परिवारों के 30 से 55 साल के लोग शामिल थे।