Retirement Shock: रिटायर होने वाले 75% भारतीयों के पास नहीं है कोई प्लान! होश उड़ा देगी ये सर्वे रिपोर्ट
रिटायरमेंट को लेकर भारतीयों की तैयारी जितनी दिखती है, हकीकत उससे कहीं ज्यादा चिंताजनक है। एक नए सर्वे में बचत, मेडिकल खर्च और भविष्य की जरूरतों को लेकर ऐसे आंकड़े सामने आए हैं जो चौंका सकते हैं।

Retirement Planning: भारत में रिटायरमेंट को लेकर एक बड़ा वित्तीय संकट उभरता दिख रहा है। बिजनेस टुडे ने 1 Finance Magazine के ताजा सर्वे के हवाले से बताया कि रिटायरमेंट के करीब पहुंच रहे 75.5% भारतीयों के पास कोई रिटायरमेंट प्लान नहीं है।
1,218 लोगों पर किए गए इस सर्वे में ज्यादातर जवाब देने वालों की उम्र 40 से 60 साल के बीच थी। रिपोर्ट के मुताबिक, लोगों की औसत रिटायरमेंट बचत सिर्फ ₹28 लाख है, जबकि उनका लक्ष्य ₹1 करोड़ का है। यानी रिटायरमेंट फंडिंग में करीब 3.6 गुना का अंतर मौजूद है।
आत्मविश्वास ज्यादा, तैयारी कम
रिपोर्ट ने इसे 'कॉन्फिडेंस-प्लानिंग पैराडॉक्स' कहा है। हैरानी की बात यह है कि जिन लोगों के पास कोई ठोस रिटायरमेंट प्लान नहीं है, उनमें से 61.4% को भरोसा है कि वे आरामदायक रिटायरमेंट जी पाएंगे।
करीब 48% लोगों ने रिटायरमेंट को परिवार के साथ समय बिताने से जोड़ा, जबकि 23.3% ने इसे आराम और सुकून का दौर माना। 21.7% लोग इसे घूमने-फिरने का मौका मानते हैं। हालांकि, वित्तीय तैयारी को प्राथमिकता देने वालों की संख्या काफी कम रही।
सर्वे में सिर्फ 24.5% लोगों ने माना कि उनके पास डिटेल्ड रिटायरमेंट प्लान है। वहीं 52.5% ने कहा कि उनकी तैयारी सिर्फ शुरुआती स्तर की है और 23% ने स्वीकार किया कि उन्होंने कोई योजना बनाई ही नहीं।
ज्यादा कमाई वालों में भी बड़ा गैप
रिपोर्ट बताती है कि रिटायरमेंट की कमजोर तैयारी सिर्फ कम आय वाले परिवारों तक सीमित नहीं है। हाई इनकम क्लास में भी रिटायरमेंट फंड की कमी करीब 8 गुना तक पहुंच रही है।
मेट्रो शहरों के लोगों ने औसतन ₹2 करोड़ के रिटायरमेंट फंड का लक्ष्य रखा, जबकि गैर-मेट्रो शहरों में यह आंकड़ा ₹52.5 लाख रहा। रिसर्चर के मुताबिक, यह अंतर सिर्फ इनकम का नहीं बल्कि भविष्य के खर्चों को कम आंकने का संकेत भी देता है।
हेल्थकेयर सबसे बड़ी चिंता
करीब 82% लोगों ने बढ़ते मेडिकल खर्च को रिटायरमेंट की सबसे बड़ी चिंता बताया। रिपोर्ट के अनुसार, भारत में मेडिकल महंगाई दर 12-14% सालाना चल रही है। ऐसे में आज ₹5 लाख का अस्पताल खर्च 75 साल की उम्र तक बढ़कर ₹16-19 लाख तक पहुंच सकता है।
सर्वे में यह भी सामने आया कि 58.5% लोगों को लगता है कि उनकी रिटायरमेंट बचत 80 साल की उम्र से पहले खत्म हो जाएगी, जबकि औसत जीवन प्रत्याशा लगातार बढ़ रही है।
पारंपरिक निवेश पर ज्यादा भरोसा
रिटायरमेंट निवेश में फिक्स्ड डिपॉजिट और म्यूचुअल फंड सबसे लोकप्रिय विकल्प रहे। दोनों में 61.3% लोगों ने निवेश किया। इसके बाद गोल्ड और रियल एस्टेट का नंबर रहा। वहीं सिर्फ 22.7% लोगों ने नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) का इस्तेमाल किया।
रिपोर्ट के मुताबिक, 77% लोगों ने किसी पेशेवर वित्तीय सलाहकार से सलाह नहीं ली। ज्यादातर लोग परिवार और दोस्तों की सलाह पर ही भरोसा करते हैं।