‘टैक्स रिफंड अटक गया है’... ‘रिफंड पेंडिंग’...वाला मैसेज आपको भी आया है? भूल से भी ना करें ये गलती

देश में नकली इनकम टैक्स रिफंड मैसेज स्कैम के बढ़ रहे मामलों के बीच आयकर विभाग ने सभी टैक्सपेयर्स को फ्रॉड मैसेजेस और कॉल्स से सावधान रहने की चेतावनी जारी की है।

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By Gaurav Kumar:

Income Tax Refund Scam: देश में नकली इनकम टैक्स रिफंड मैसेज स्कैम के बढ़ रहे मामलों के बीच आयकर विभाग ने सभी टैक्सपेयर्स को फ्रॉड मैसेजेस और कॉल्स से सावधान रहने की चेतावनी जारी की है। हाल ही में एक टैक्सपेयर के साथ 1.5 लाख रुपये की ठगी के बाद आयकर विभाग ने यह अलर्ट जारी किया है।

रिपोर्ट्स के अनुसार हाल ही में एक टैक्सपेयर के साथ 1.5 लाख की ठगी हुई थी। टैक्स एडवाइजरी प्लेटफॉर्म टैक्स बडी ने अपने एक्स पर इस स्कैम की जानकारी देते हुए बताया कि टैक्सपेयर को एक रिफंड मे देरी  का मैसेज भेजा गया, जो दिखने में आधिकारिक मैसेज जैसा ही था। मैसेज के आधिकारिक दिखने की वजह से टैक्सपेयर इस ठगी का शिकार हो गया।

कैसे काम करता है ये स्कैम?

टैक्स बडी के अनुसार स्कैम की शुरुआत अक्सर रिफंड में देरी जैस मैसेज के साथ होती है, जिसमें पेंडिंग या डिलेड रिफंड की बात होती है। इस रिफंड को जल्दी पाने के लिए टैक्सपेयर को अपनी डिटेल्स वेरिफाई करने के लिए कहा जाता है।

मैसेज में ही साइट का लिंक होता है, जो दिखने में आधिकारिक लगता है। उस साइट पर जाने के बाद टैक्सपेयर को उसकी जरूरी जानकारी जैसे ओटीपी, पैन कार्ड नंबर और बैंक डिटेल्स भरने के लिए कहा जाता है। ऐसा करने से उसकी निजी जानकारी स्कैमर्स के पास पहुंच जाती है।

क्यों हो जाते हैं टैक्सपेयर स्कैम का शिकार?

अक्सर रिफंड आने में देरी होती है, जिससे टैक्सपेयर्स के अंदर चिंता बढ़ जाती है। उनकी इसी परेशानी का फायदा स्कैमर्स उठाते हैं। अपने मैसेज में अर्जेंट नोटिस जैसे शब्दों का इस्तेमाल कर स्कैमर्स लोगों के पैसे खोने के डर का फायदा उठाकर उनसे ठगी करते हैं।

आयकर विभाग के मुताबिक स्कैमर्स अक्सर ऐसे लोगों को अपना निशाना बनाते हैं जो अपने रिफंड का लंबे समय से इंतजार कर रहे होते हैं। अपने मैसेज में 'रिफंड पेंडिंग' या 'आपका रिफंड अटक गया है' जैसे शब्दों का इस्तेमाल कर स्कैमर्स लोगों को डराते हैं। रिफंड पाने के लिए लोगों को जल्दी एक्शन लेने और वेरिफिकेशन करने को कहा जाता है। रिफंड के देरी होने का डर और जल्दी वेरिफिकेशन के चक्कर में लोग मैसेज में आए फ्रॉड लिंक पर क्लिक कर देते हैं और नकली साइट्स या पोर्टल पर पहुंच जाते हैं।

किन बातों का रखें ध्यान?

लोगों को संदिग्ध आईडी, मैसेज में टाइपिंग गलतियां, रिफंड ना मिलने जैसे डराने वाले मैसेज और ओटीपी मांगने वाली रिक्वेस्ट को देखकर तुरंत सावधान हो जाना चाहिए।

इसके अलावा यह भी ध्यान रखें की आयकर विभाग कभी भी टैक्सपेयर्स को रिफंड वेरिफिकेशन लिंक नहीं भेजता है। विभाग कभी भी आपसे आपका ओटीपी, बैंक डिटेल्स जैसी जानकारी कॉल या मैसेज के जरिए नहीं मांगता। रिफंड स्टेटस सिर्फ आयकर विभाग के ऑफिशियल पोर्टल पर जाकर ही चेक करें। साथ ही विभाग की आधिकारिक साइट से ही जानकारी लें और अनजान लिंक या मैसेज पर क्लिक न करें।

ऐसे रहें टैक्सपेयर्स सुरक्षित

  • हमेशा खुद से ही आयकर विभाग के ऑफिशियल पोर्टल पर लॉगिन करें।
  • अपने रिफंड का स्टेटस जानने के लिए अकाउंट के डैशबोर्ड का इस्तेमाल करें।
  • अनजान मैसेज में आए लिंक पर क्लिक न करें।
  • अपना ओटीपी और जरूरी जानकारी किसी को न दें।

इसके अलावा अनजान और संदिग्ध मैसेज की जानकारी आप आयकर विभाग को उनके ईमेल या फिर CERT (Computer Emergency Response Team) को दें, ताकि भविष्य में ऐसे स्कैम न हों।

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