REITs में निवेश की शुरुआत कैसे करें? नए निवेशकों को एक्सपर्ट ने दी ये खास सलाह
अगर आप निवेश की शुरुआत कर रहे हैं और रियल एस्टेट में पैसा लगाना चाहते हैं, तो REITs आपके लिए एक विकल्प हो सकता है। लेकिन क्या इसमें निवेश करना सही रहेगा? बिजनेस टुडे के शो में एक्सपर्ट संचिता मुखर्जी ने नए निवेशकों को जरूरी सलाह दी है।

In Short
- नए निवेशकों के लिए REITs एक अच्छा ऑप्शन हो सकता है।
- REITs में निवेश लंबी अवधि के नजरिए से करना चाहिए।
- मल्टी-एसेट म्यूचुअल फंड भी निवेश का एक ऑप्शन है।
अगर आप निवेश की शुरुआत कर रहे हैं और अपने पोर्टफोलियो में रियल एस्टेट को भी शामिल करना चाहते हैं, तो REITs यानी रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट एक ऑप्शन हो सकता है। हालांकि, इसमें पैसा लगाने से पहले यह समझना जरूरी है कि यह निवेश आपके पोर्टफोलियो में कैसे फिट बैठता है। क्या इसमें एकमुश्त पैसा लगाना सही रहेगा या SIP के जरिए निवेश करना बेहतर होगा? नए निवेशकों को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
बिजनेस टुडे के शो में सीनियर एंकर साक्षी बत्रा के सवालों का जवाब देते हुए Talk The Walk LLP की मैनेजिंग पार्टनर संचिता मुखर्जी ने कहा कि REITs उन लोगों के लिए एक दिलचस्प निवेश विकल्प हो सकता है, जो निवेश की शुरुआत कर रहे हैं। हालांकि, इसमें निवेश करने का फैसला अपनी जरूरतों और पोर्टफोलियो को ध्यान में रखकर करना चाहिए।
REITs में निवेश से पहले क्या समझना जरूरी?
संचिता मुखर्जी के मुताबिक, REITs को एक वैकल्पिक निवेश के तौर पर देखा जा सकता है। लेकिन इसमें कितना निवेश करना चाहिए, यह हर व्यक्ति के लिए अलग हो सकता है। इसके लिए अपनी एसेट एलोकेशन यानी पैसा कहां-कहां लगा हुआ है, इसे समझना जरूरी है।
निवेशकों को अपने रजिस्टर्ड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर से चर्चा करनी चाहिए। खासकर यह समझना जरूरी है कि वे कितने समय के लिए निवेश करना चाहते हैं और उनके लंबे समय के निवेश पोर्टफोलियो में REITs की क्या भूमिका हो सकती है।
कम समय में मुनाफे के लिए सही नहीं REITs?
एक्सपर्ट ने साफ किया कि REITs कम समय के लिए निवेश करने वाला प्रोडक्ट नहीं है। इसे लंबे समय के निवेश के नजरिए से देखना चाहिए।
इसमें इक्विटी जैसा हिस्सा भी होता है और यह शेयर बाजार में लिस्टेड कैपिटल मार्केट प्रोडक्ट है। यानी REITs में निवेश करना सीधे कोई घर, दुकान या दूसरी फिजिकल प्रॉपर्टी खरीदने जैसा नहीं है।
इसमें निवेशकों को इनकम मिलने की संभावना भी रहती है। हालांकि, यह इनकम गारंटीड नहीं होती। इसलिए केवल नियमित कमाई की उम्मीद से इसमें पैसा लगाने के बजाय अपने पूरे निवेश पोर्टफोलियो को देखना जरूरी है।
नए निवेशकों के लिए क्या है दूसरा ऑप्शन?
संचिता मुखर्जी ने बताया कि जो लोग निवेश की शुरुआत कर रहे हैं, वे म्यूचुअल फंड की मल्टी-एसेट कैटेगरी पर भी विचार कर सकते हैं।
इस कैटेगरी में फंड मैनेजर को अलग-अलग जगह पैसा लगाने की सुविधा मिलती है। इनमें इक्विटी, डेट और कमोडिटी मार्केट जैसे विकल्प शामिल हो सकते हैं।
इसके अलावा पोर्टफोलियो का कुछ हिस्सा सोना, चांदी या REITs में भी निवेश किया जा सकता है। निवेशक फंड की फैक्टशीट देखकर यह जानकारी हासिल कर सकते हैं कि पैसा किन-किन एसेट में लगाया गया है।
पोर्टफोलियो में REITs नहीं है तो क्या करें?
एक्सपर्ट के मुताबिक, जिन निवेशकों के पोर्टफोलियो में अभी REITs शामिल नहीं है, उन्हें जल्दबाजी में निवेश करने के बजाय अपनी जरूरतों को समझना चाहिए।
निवेश का समय, एसेट एलोकेशन और लंबी अवधि की रणनीति को ध्यान में रखकर फैसला करना बेहतर होगा। इसके लिए रजिस्टर्ड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर की सलाह लेना भी जरूरी है।