घर की कीमत नहीं बल्कि ये चीज तय करेगी बीमा राशि, Insurance Expert ने समझाया पूरा गणित

घर का इंश्योरेंस कराते समय सबसे बड़ी गलती लोग Sum Insured तय करने में करते हैं। कई लोग सिर्फ घर की बाजार कीमत को आधार मानते हैं, जबकि असली जरूरत नुकसान के बाद घर को दोबारा बनाने की लागत समझना है। बिजनेस टुडे के शो में Insurance Samadhan के दीपक उनियाल ने बताया सही कवरेज चुनने का तरीका।

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Market Value या Rebuilding Cost? एक्सपर्ट ने बताया सही तरीका
Market Value या Rebuilding Cost? एक्सपर्ट ने बताया सही तरीका

In Short

  • Home Insurance की Sum Insured तय करने में Rebuilding Cost सबसे अहम
  • Market Value और Construction Cost के आधार पर तय होती है प्रॉपर्टी की वास्तविक सुरक्षा
  • Furniture और घरेलू सामान को कवर करने पर बीमा राशि अलग हो सकती है

By Shakshi:

घर का इंश्योरेंस लेते समय सबसे बड़ा सवाल होता है कि आखिर कितने रुपये का बीमा कराया जाए। क्या घर की मार्केट वैल्यू के आधार पर बीमा लेना चाहिए या फिर निर्माण लागत के हिसाब से? सही Sum Insured चुनना बेहद जरूरी है, क्योंकि नुकसान की स्थिति में यही तय करता है कि आपको कितना आर्थिक सहारा मिलेगा।

बिजनेस टुडे के एक शो में सीनियर एंकर साक्षी बत्रा के सवालों का जवाब देते हुए Insurance Samadhan के दीपक उनियाल ने बताया कि होम इंश्योरेंस की राशि तय करते समय सिर्फ बाजार कीमत को आधार नहीं बनाना चाहिए, बल्कि घर को दोबारा बनाने की लागत यानी Rebuilding Cost को समझना सबसे जरूरी है।

दीपक उनियाल ने बताया कि अगर किसी प्राकृतिक आपदा या आग जैसी घटना में घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो जाता है, तो सबसे बड़ी जरूरत उसे दोबारा बनाने की होती है। ऐसे में इंश्योरेंस की राशि तय करते समय यह देखना चाहिए कि उसी तरह का घर दोबारा बनाने में कितना खर्च आएगा।

उन्होंने कहा कि अगर कोई व्यक्ति सिर्फ घर के स्ट्रक्चर यानी निर्माण को कवर करना चाहता है, तो निर्माण लागत एक अहम आधार होती है। वहीं, अपार्टमेंट में रहने वाले लोगों के लिए प्रॉपर्टी की वैल्यू और उसे दोबारा तैयार करने की लागत को ध्यान में रखना चाहिए।

उन्होंने बताया कि अगर घर जमीन के साथ खुद का बनाया हुआ है, तो सिर्फ बाजार कीमत नहीं बल्कि निर्माण लागत के आधार पर बीमा राशि तय करना ज्यादा सही तरीका हो सकता है। क्योंकि नुकसान के बाद असली जरूरत घर को फिर से खड़ा करने की होती है।

इसके अलावा अगर कोई व्यक्ति अपने घर के फर्नीचर, इलेक्ट्रॉनिक सामान और अन्य घरेलू चीजों को भी इंश्योरेंस में शामिल करना चाहता है, तो Sum Insured की गणना अलग होगी। ऐसे में घर की संरचना के साथ-साथ अंदर रखे सामान की कीमत भी जोड़नी होगी।

दीपक उनियाल ने कहा कि घर की वास्तविक कीमत समझने के लिए दो प्रमुख तरीके हैं मार्केट वैल्यू और रीबिल्डिंग कॉस्ट। हालांकि, इंश्योरेंस लेते समय यह समझना जरूरी है कि आप किस चीज को कवर करना चाहते हैं और उसी हिसाब से पॉलिसी का चुनाव करें।

विशेषज्ञों के अनुसार, कम Sum Insured चुनना भविष्य में नुकसान का कारण बन सकता है, जबकि सही कवरेज वाला होम इंश्योरेंस मुश्किल समय में बड़ी आर्थिक सुरक्षा दे सकता है।

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