Home Loan EMI नहीं भर पाए तो क्या घर चला जाएगा? जानिए बैंक की कार्रवाई के पूरे नियम
होम लोन की EMI चुकाना मुश्किल हो जाए तो क्या बैंक तुरंत घर अपने कब्जे में ले सकता है? नियमों के मुताबिक एक-दो EMI मिस होने पर ऐसा नहीं होता। जानिए कब लोन NPA बनता है, बैंक की रिकवरी प्रक्रिया क्या होती है और कर्जदार के पास कौन-कौन से ऑप्शन होते हैं।

In Short
- होम लोन की EMI 90 दिनों से ज्यादा समय तक बकाया रहने पर बैंक लोन अकाउंट को NPA घोषित कर सकता है।
- NPA बनने के बाद भी बैंक सीधे घर नहीं बेच सकता, SARFAESI Act के तहत 60 दिन का नोटिस देना जरूरी होता है।
- EMI भुगतान में देरी से CIBIL स्कोर प्रभावित हो सकता है, इसलिए आर्थिक परेशानी में बैंक से जल्द संपर्क करना जरूरी है।
अपना घर खरीदने के लिए ज्यादातर लोग होम लोन लेते हैं और कई साल तक इसकी EMI चुकाते हैं। लेकिन अगर किसी वजह से आमदनी कम हो जाए या आर्थिक परेशानी बढ़ जाए और EMI भरना मुश्किल हो जाए, तो लोगों के मन में सवाल आता है कि बैंक क्या कार्रवाई कर सकता है? क्या एक-दो EMI मिस होने पर घर हाथ से निकल सकता है?
एक-दो EMI मिस होने पर तुरंत नहीं जाता घर
अगर किसी महीने की EMI तय तारीख तक जमा नहीं होती है तो वह रकम बैंक के लिए ओवरड्यू हो जाती है। बैंक ग्राहक से भुगतान के लिए संपर्क कर सकता है और बकाया रकम पर नियमों के अनुसार शुल्क लगाया जा सकता है।
RBI के नियमों के मुताबिक, टर्म लोन में ब्याज या मूलधन की किस्त 90 दिनों से ज्यादा समय तक बकाया रहने पर लोन अकाउंट को NPA (Non-Performing Asset) माना जा सकता है।
EMI मिस होने से CIBIL स्कोर पर असर
होम लोन की EMI समय पर नहीं भरने का असर क्रेडिट हिस्ट्री पर भी पड़ सकता है। ट्रांसयूनियन CIBIL के मुताबिक, देर से भुगतान या EMI डिफॉल्ट होने पर CIBIL स्कोर प्रभावित हो सकता है।
इसका असर भविष्य में नया लोन या क्रेडिट लेने की क्षमता पर पड़ सकता है। इसलिए आर्थिक परेशानी आने पर EMI को नजरअंदाज करने के बजाय बैंक से संपर्क करना जरूरी होता है।
NPA बनने के बाद बैंक शुरू कर सकता है प्रक्रिया
अगर लोन की किस्त या ब्याज 90 दिनों से ज्यादा समय तक बकाया रहता है, तो बैंक लोन अकाउंट को NPA मान सकता है। इसके बाद बैंक बकाया रकम की वसूली के लिए कानूनी प्रक्रिया शुरू कर सकता है।
होम लोन में घर आमतौर पर बैंक के पास गिरवी रहता है। इसलिए कुछ परिस्थितियों में बैंक को सिक्योर्ड एसेट पर कार्रवाई करने का अधिकार होता है।
क्या बैंक सीधे घर बेच सकता है?
NPA बनने का मतलब यह नहीं है कि बैंक अगले दिन घर बेच देगा। SARFAESI Act के तहत इसके लिए एक तय प्रक्रिया होती है।
SARFAESI Act की धारा 13(2) के अनुसार, NPA खाते में सिक्योर्ड क्रेडिटर बकाया रकम चुकाने के लिए 60 दिन का लिखित नोटिस दे सकता है।
अगर इस अवधि में भुगतान नहीं किया जाता है, तो बैंक कानून के तहत आगे की कार्रवाई कर सकता है। यानी घर की नीलामी से पहले ग्राहक को बकाया रकम चुकाने का मौका दिया जाता है।
नीलामी के बाद बची रकम का क्या होगा?
अगर प्रॉपर्टी बेचने से बैंक का बकाया और बिक्री से जुड़े खर्च पूरे होने के बाद अतिरिक्त रकम बचती है, तो कानून के अनुसार उस अतिरिक्त रकम के भुगतान का प्रावधान है।
वहीं, अगर बिक्री से मिली रकम बैंक की पूरी देनदारी को पूरा नहीं करती है, तो बाकी बकाया की वसूली का सवाल भी उठ सकता है।
रिकवरी एजेंट धमका नहीं सकते
बैंक या रिकवरी एजेंट बकाया रकम की वसूली के लिए संपर्क कर सकते हैं, लेकिन RBI ने धमकी या उत्पीड़न पर रोक लगाई है।
रिकवरी के दौरान ग्राहक के साथ उचित व्यवहार करना जरूरी है। मौखिक या शारीरिक धमकी, सार्वजनिक रूप से अपमानित करना या परिवार की निजता में अनुचित दखल जैसी चीजों की अनुमति नहीं है।
EMI भरना मुश्किल हो तो बैंक से करें बात
अगर आने वाले समय में EMI देना मुश्किल लग रहा है, तो बैंक से जल्दी संपर्क करना बेहतर होता है। ग्राहक अपनी स्थिति बताकर उपलब्ध विकल्पों के बारे में जानकारी ले सकता है।
कुछ मामलों में लोन की अवधि बढ़ाने या भुगतान की शर्तों में बदलाव जैसे विकल्पों पर चर्चा की जा सकती है। हालांकि, यह बैंक की नीति, लोन की स्थिति और ग्राहक की परिस्थितियों पर निर्भर करता है।