क्या आपने सही एफडी चुनी है? निवेश से पहले जानें स्पेशल और रेगुलर एफडी में क्या है अंतर
अगर आप भी अपनी बचत को सुरक्षित रखने के लिए एफडी में निवेश करते हैं, तो सिर्फ ज्यादा ब्याज देखकर फैसला लेना सही नहीं है। स्पेशल और रेगुलर एफडी में ब्याज के अलावा भी कई बड़े अंतर हैं। जानिए किसमें निवेश करना फायदेमंद हो सकता है और किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है।

In Short
- स्पेशल एफडी में रेगुलर एफडी के मुकाबले ज्यादा ब्याज मिल सकता है, लेकिन दोनों की शर्तें अलग होती हैं।
- एसबीआई की 444 दिन वाली स्पेशल एफडी पर 6.45% ब्याज मिल रहा है, जबकि रेगुलर एफडी पर दर 6.25% है।
- मैच्योरिटी से पहले एफडी तोड़ने पर पेनल्टी लग सकती है, जिससे ज्यादा ब्याज का फायदा कम हो सकता है।
अगर आप भी अपने पैसों को सुरक्षित रखने और अच्छा रिटर्न पाने के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट में निवेश करते हैं, तो यह जानना जरूरी है कि आपने सही एफडी चुनी है या नहीं। बैंक ग्राहकों को रेगुलर एफडी के साथ स्पेशल एफडी का विकल्प भी देते हैं। स्पेशल एफडी में कई बार ज्यादा ब्याज मिलता है, लेकिन क्या यह हर निवेशक के लिए फायदेमंद है? आइए समझते हैं।
स्पेशल और रेगुलर एफडी में क्या है अंतर?
स्पेशल एफडी में निवेश की अवधि पहले से तय होती है। वहीं, रेगुलर एफडी में ग्राहक अपनी जरूरत के हिसाब से अवधि चुन सकते हैं। उदाहरण के लिए, एसबीआई की 444 दिन वाली स्पेशल एफडी पर 6.45% ब्याज मिल रहा है। दूसरी ओर, समान अवधि की रेगुलर एफडी पर ब्याज दर 6.25% है। यानी दोनों के बीच सिर्फ 0.20% का अंतर है।
5 लाख रुपये के निवेश पर कितना फायदा?
अगर आप एसबीआई की 444 दिन वाली स्पेशल एफडी में 5 लाख रुपये निवेश करते हैं, तो मैच्योरिटी पर करीब 40,472 रुपये ब्याज मिलेगा। वहीं, समान अवधि की रेगुलर एफडी में लगभग 39,179 रुपये ब्याज मिलेगा।
इस तरह स्पेशल एफडी में करीब 1,293 रुपये ज्यादा मिलेंगे। हालांकि, अगर आप 30% टैक्स स्लैब में आते हैं, तो अतिरिक्त रिटर्न घटकर लगभग 905 रुपये रह जाएगा।
समय से पहले एफडी तोड़ने पर क्या होगा?
स्पेशल एफडी की सबसे बड़ी कमजोरी इसकी कम फ्लेक्सिबिलिटी है। अगर आपको अचानक पैसों की जरूरत पड़ती है और मैच्योरिटी से पहले एफडी तोड़ते हैं, तो बैंक पेनल्टी लगा सकता है।
कई बार बैंक स्पेशल ब्याज दर की जगह सामान्य ब्याज दर लागू कर देता है। इससे आपका कुल रिटर्न कम हो सकता है। हालांकि, कुछ स्पेशल एफडी में समय से पहले पैसा निकालने की सुविधा भी मिलती है।
किन लोगों के लिए बेहतर है स्पेशल एफडी?
स्पेशल एफडी उन लोगों के लिए उपयोगी हो सकती है, जिन्हें मैच्योरिटी से पहले पैसों की जरूरत नहीं पड़ेगी। वहीं, जिन लोगों को अचानक पैसों की जरूरत पड़ सकती है, उनके लिए रेगुलर एफडी बेहतर विकल्प हो सकती है।
निवेश करने से पहले क्या जांचें?
एफडी में पैसा लगाने से पहले ब्याज दर के साथ उसकी अवधि, पेनल्टी और मैच्योरिटी की शर्तें जरूर देखें। आप पूरी रकम एक एफडी में लगाने के बजाय अलग-अलग अवधि की छोटी एफडी भी करा सकते हैं। इससे जरूरत पड़ने पर पूरी एफडी नहीं तोड़नी पड़ेगी।
ध्यान रखें, सिर्फ ज्यादा ब्याज देखकर एफडी चुनना सही नहीं है। आपकी जरूरत और पैसों की उपलब्धता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।