घर तक PNG पहुंचा तो LPG कनेक्शन पर सख्ती; सरकार ने राज्यों को दिए नए निर्देश

रसोई गैस इस्तेमाल करने वालों के लिए बड़ा बदलाव होने जा रहा है। सरकार ने PNG नेटवर्क वाले इलाकों में पाइपलाइन गैस को बढ़ावा देने के निर्देश दिए हैं। नोटिस के बाद भी PNG कनेक्शन नहीं लेने पर LPG कनेक्शन रद्द हो सकता है। जानिए नए नियमों का आप पर क्या असर पड़ेगा।

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In Short

  • PNG नेटवर्क वाले इलाकों में LPG और PNG दोनों कनेक्शन साथ रखने पर रोक लगाने का निर्देश दिया गया है।
  • नोटिस के बाद तय समय में PNG कनेक्शन नहीं लेने पर LPG कनेक्शन रद्द किया जा सकता है।
  • PNG कनेक्शन प्रक्रिया तेज करने के लिए हर जिले में कोऑर्डिनेशन कमेटी और नोडल ऑफिसर बनाने को कहा गया है।

By Gaurav Kumar:

भारत सरकार ने रसोई गैस यानी LPG सिलेंडर को लेकर बड़ा निर्देश जारी किया है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से कहा है कि जहां पाइपलाइन वाली नेचुरल गैस यानी PNG का नेटवर्क पहुंच चुका है वहां इसके इस्तेमाल को तेजी से बढ़ाया जाए। इसका मकसद LPG पर निर्भरता कम करना और गैस सप्लाई व्यवस्था को ज्यादा डिजिटल और सुरक्षित बनाना है।

PNG और LPG दोनों कनेक्शन रखने पर रोक

नए LPG कंट्रोल ऑर्डर 2026 और नैचुरल गैस डिस्ट्रीब्यूशन ऑर्डर 2026 के तहत PNG और LPG दोनों तरह के कनेक्शन साथ रखना प्रतिबंधित किया गया है।

इसका मतलब है कि जिन इलाकों में PNG की सुविधा उपलब्ध है वहां लोगों को LPG सिलेंडर कनेक्शन सरेंडर करना पड़ सकता है।

नोटिस के बाद भी PNG नहीं लिया तो क्या होगा?

पेट्रोलियम सचिव नीरज मित्तल ने राज्यों को भेजे पत्र में कहा है कि LPG से PNG की ओर शिफ्ट होने के नियम सख्त किए गए हैं।

जिन सोसायटी या इलाकों में PNG नेटवर्क पहुंच चुका है वहां ग्राहकों को नोटिस दिया जाएगा। अगर नोटिस मिलने के बाद तय समय में कोई ग्राहक PNG कनेक्शन नहीं लेता है तो उसका LPG कनेक्शन अपने आप रद्द किया जा सकता है।

मिडिल ईस्ट संकट के बीच बढ़ी चिंता

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। होर्मुज से होकर एशिया की ओर आने वाले तेल और गैस से भरे जहाज प्रभावित हो रहे हैं। इससे गैस सप्लाई को लेकर दबाव बढ़ा है।

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भारत कई देशों से तेल और गैस की सप्लाई ले रहा है लेकिन लागत में बढ़ोतरी हुई है। इसी वजह से LPG पर निर्भरता कम करने और PNG की ओर शिफ्ट बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।

हर जिले में बनेगी PNG कोऑर्डिनेशन कमेटी

PNG कनेक्शन प्रक्रिया को तेजी से लागू करने के लिए सरकार ने हर क्षेत्र में खास व्यवस्था बनाने को कहा है।

तेल वितरण कंपनियों और सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन संस्थाओं को PNG कोऑर्डिनेशन कमेटी बनाने का निर्देश दिया गया है। राज्यों से कहा गया है कि खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के जिला आपूर्ति अधिकारी यानी DSO स्तर के अधिकारी को जिले का नोडल ऑफिसर बनाया जाए।

सरकार का फोकस उन इलाकों में PNG का इस्तेमाल तेजी से बढ़ाने पर है जहां पाइपलाइन नेटवर्क पहले से उपलब्ध है।

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