इस सरकारी स्कीम में मिलता है 8.2% का ब्याज, साल में कम से कम 1,000 रुपये करना होगा निवेश

Senior Citizen Savings Scheme में निवेशकों को 8.2% सालाना ब्याज मिलता है. इस स्कीम में 1,000 रुपये से निवेश शुरू किया जा सकता है और अधिकतम सीमा 30 लाख रुपये है. लेकिन कौन इसमें अकाउंट खोल सकता है, ब्याज कब मिलता है और समय से पहले अकाउंट बंद करने पर क्या नियम हैं? जानिए.

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In Short

  • SCSS पर फिलहाल 8.2% सालाना ब्याज मिलता है और इसका भुगतान हर तिमाही किया जाता है.
  • स्कीम में न्यूनतम 1,000 रुपये और अधिकतम 30 लाख रुपये तक निवेश किया जा सकता है.
  • SCSS अकाउंट की मैच्योरिटी 5 साल की है और इसे 3-3 साल के ब्लॉक में बढ़ाया जा सकता है.

By Gungun Mishra:

अगर आप रिटायरमेंट के बाद अपनी जमा पूंजी को किसी सरकारी स्कीम में लगाना चाहते हैं, तो Senior Citizens Savings Scheme यानी SCSS एक विकल्प हो सकती है. इस स्कीम में फिलहाल 8.2% सालाना ब्याज मिलता है. अकाउंट खोलने के लिए कम से कम 1,000 रुपये जमा करने होते हैं, जबकि अधिकतम 30 लाख रुपये तक निवेश किया जा सकता है.

कौन खोल सकता है SCSS अकाउंट?

इस स्कीम का फायदा भारत में रहने वाले नागरिक उठा सकते हैं. आम तौर पर 60 साल या उससे ज्यादा उम्र का व्यक्ति SCSS अकाउंट खोल सकता है.

हालांकि 55 साल या उससे ज्यादा लेकिन 60 साल से कम उम्र के रिटायर्ड व्यक्ति भी कुछ शर्तों के साथ इसमें अकाउंट खोल सकते हैं. ऐसे व्यक्ति को रिटायरमेंट बेनिफिट मिलने की तारीख से तीन महीने के भीतर अकाउंट खोलना होगा.

रिटायर्ड Defence Services Personnel, जिनमें Civilian Defence Employees शामिल नहीं हैं, 50 साल की उम्र पूरी करने के बाद भी तय शर्तों के तहत यह अकाउंट खोल सकते हैं.

कितना कर सकते हैं निवेश?

SCSS अकाउंट में कम से कम 1,000 रुपये जमा करने जरूरी हैं और इसके बाद रकम 1,000 रुपये के मल्टीपल में जमा की जा सकती है. एक व्यक्ति के सभी SCSS अकाउंट मिलाकर अधिकतम निवेश सीमा 30 लाख रुपये है.

पति और पत्नी दोनों अगर इस स्कीम के लिए पात्र हैं, तो वे अलग-अलग Single और Joint Account खोल सकते हैं. Joint Account में जमा पूरी रकम First Account Holder की मानी जाएगी.

हर तीन महीने में मिलता है ब्याज

SCSS पर 8.2% सालाना ब्याज मिलता है और इसका भुगतान हर तिमाही किया जाता है. ब्याज 31 मार्च, 30 जून, 30 सितंबर और 31 दिसंबर तक कैलकुलेट होता है और इसके बाद अप्रैल, जुलाई, अक्टूबर और जनवरी की पहली तारीख को Savings Account में क्रेडिट किया जाता है.

अगर अकाउंट होल्डर तिमाही ब्याज नहीं निकालता है, तो उस ब्याज पर अलग से कोई ब्याज नहीं मिलता.

समय से पहले अकाउंट बंद करने पर क्या होगा?

SCSS अकाउंट को समय से पहले भी बंद किया जा सकता है, लेकिन इसके लिए कुछ शर्तें लागू होती हैं. एक साल से पहले अकाउंट बंद करने पर ब्याज नहीं मिलता और पहले दिया गया ब्याज भी वापस लिया जा सकता है.

एक साल के बाद लेकिन दो साल से पहले अकाउंट बंद करने पर जमा रकम का 1.5% काटा जाता है. वहीं दो साल के बाद Premature Closure पर 1% की कटौती होती है.

कितने साल की होती है स्कीम?

SCSS अकाउंट की मैच्योरिटी अवधि 5 साल है. इसके बाद अकाउंट को तीन-तीन साल के ब्लॉक में कई बार बढ़ाया जा सकता है. निवेश पर Income Tax Act के Section 80C के तहत टैक्स बेनिफिट भी मिलता है. हालांकि ब्याज पर तय सीमा से ज्यादा इनकम होने पर TDS लागू हो सकता है.

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