LPG संकट के बीच सरकार का बड़ा कदम, PNG कनेक्शन बढ़ाने के लिए शुरू की नई योजना

मध्य पूर्व संकट के बीच भारत सरकार ने PNG कनेक्शन बढ़ाने के लिए गैस वितरण कंपनियों के लिए नई प्रोत्साहन योजना शुरू की है। इसके तहत घरेलू PNG कनेक्शन बढ़ाने वाली कंपनियों को अतिरिक्त सस्ती गैस मिलेगी। इस कदम का उद्देश्य LPG आयात पर निर्भरता कम करना और गैस नेटवर्क को मजबूत करना है।

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In Short

  • PNG कनेक्शन बढ़ाने वाली गैस वितरण कंपनियों को मिलेगा अतिरिक्त 200 स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर गैस लाभ
  • सरकार का लक्ष्य LPG आयात पर निर्भरता और सब्सिडी खर्च कम करना
  • भारत में अभी 17.4 मिलियन घरेलू PNG कनेक्शन, LPG ग्राहक करीब 331.4 मिलियन

By BT बाज़ार डेस्क:

PNG Connection Scheme: मध्य पूर्व में चल रहे तनाव के कारण ईंधन सप्लाई और आयात लागत पर असर पड़ रहा है। ऐसे समय में भारत सरकार ने पाइप्ड नेचुरल गैस यानी PNG कनेक्शन बढ़ाने के लिए गैस वितरण कंपनियों को प्रोत्साहन देने वाली योजना शुरू की है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इस योजना का उद्देश्य घरेलू PNG कनेक्शन को बढ़ावा देना और LPG आयात पर निर्भरता कम करना है।

हर नए PNG कनेक्शन पर मिलेगा अतिरिक्त गैस लाभ

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अनुसार, सितंबर से लागू होने वाली इस योजना के तहत शहरों में गैस वितरण करने वाली कंपनियों को हर उस घरेलू कनेक्शन पर अतिरिक्त 200 स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर सस्ती घरेलू गैस मिलेगी, जो PNG का इस्तेमाल शुरू करेगा और उसका भुगतान करेगा।

सरकार का कहना है कि इस अतिरिक्त गैस से कंपनियों की गैस खरीद लागत कम होगी और उन्हें नए कनेक्शन में किए गए निवेश की भरपाई करने में मदद मिलेगी।

पुराने कनेक्शन को सक्रिय करने पर भी जोर

इस योजना का मकसद सिर्फ नए घरों तक पाइपलाइन पहुंचाना नहीं है, बल्कि ऐसे PNG कनेक्शन को भी सक्रिय करना है, जो अभी इस्तेमाल में नहीं हैं। सरकार के अनुसार, इससे गैस वितरण कंपनियां ज्यादा ग्राहकों तक पहुंच बना सकेंगी और पाइपलाइन नेटवर्क का विस्तार कर सकेंगी।

सरकार का अनुमान है कि इस योजना से कंपनियां नए कनेक्शन पर किया गया निवेश करीब तीन साल में वापस हासिल कर पाएंगी, जबकि पहले इसमें लगभग 10 साल तक का समय लग सकता था।

LPG आयात पर निर्भरता कम करने की कोशिश

भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा LPG आयातक देश है। देश अपनी करीब 60 फीसदी LPG जरूरतों को आयात के जरिए पूरा करता है। साल 2025 में भारत ने करीब 22 मिलियन मीट्रिक टन LPG आयात की थी, जिसमें बड़ी मात्रा मध्य पूर्व से आई थी।

मध्य पूर्व संकट के कारण सप्लाई और लागत को लेकर चुनौतियां बढ़ी हैं। इसी वजह से सरकार घरेलू गैस वितरण व्यवस्था को मजबूत करने और PNG के इस्तेमाल को बढ़ाने पर जोर दे रही है।

LPG और PNG कनेक्शन में बड़ा अंतर

सरकार के मुताबिक, देश में अभी करीब 17.4 मिलियन घरेलू PNG कनेक्शन हैं, जबकि 1 जुलाई 2026 तक सक्रिय LPG ग्राहकों की संख्या करीब 331.4 मिलियन थी।

इस योजना के तहत गैस वितरण कंपनियों को PNG नेटवर्क विस्तार के लिए प्रोत्साहन मिलेगा और ज्यादा घरों तक पाइप्ड गैस पहुंचाने की कोशिश की जाएगी।

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