नौकरी करने वालों की बल्ले-बल्ले! कंपनियां बढ़ा रही इंश्योरेंस कवर, लाखों का मिल सकता है फायदा

नौकरी में अब सिर्फ सैलरी ही नहीं, हेल्थ बेनिफिट भी तेजी से अहम हो रहे हैं। कंपनियां कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए हेल्थ इंश्योरेंस का दायरा बढ़ाने के साथ कई दूसरी सुविधाएं भी जोड़ रही हैं। नई रिपोर्ट बताती है कि पिछले कुछ साल में कंपनियों के बेनिफिट पैकेज में बड़ा बदलाव आया है।

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In Short

  • ₹5 लाख से ज्यादा हेल्थ कवर देने वाली कंपनियों की हिस्सेदारी FY22 से 53% बढ़ी।
  • ₹75,000 से ज्यादा मैटरनिटी कवर देने वाली कंपनियों की हिस्सेदारी में 155% की बढ़ोतरी हुई।
  • ग्रुप टर्म लाइफ और पर्सनल एक्सीडेंट कवर जोड़ने में FY22 से 179% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

By Gungun Mishra:

नौकरी करने वाले कर्मचारियों के लिए कंपनी से मिलने वाला हेल्थ इंश्योरेंस अब सिर्फ बेसिक अस्पताल खर्च तक सीमित नहीं रह गया है। कंपनियां कर्मचारियों और उनके परिवार के लिए ज्यादा हेल्थ कवर के साथ मैटरनिटी, टर्म लाइफ, पर्सनल एक्सीडेंट और दूसरी हेल्थ सुविधाएं भी बढ़ा रही हैं। प्लम की The Standard of Employee Benefits 2026–27 रिपोर्ट में यह जानकारी सामने आई है।

₹5 लाख से ज्यादा हेल्थ कवर देने वाली कंपनियां बढ़ीं

रिपोर्ट के मुताबिक, FY22 के बाद से ₹5 लाख से ज्यादा का हेल्थ कवर देने वाली कंपनियों की हिस्सेदारी में 53% की बढ़ोतरी हुई है। इससे पता चलता है कि ₹5 लाख का हेल्थ कवर अब धीरे-धीरे कर्मचारियों के लिए सामान्य बेनिफिट बनता जा रहा है।

रिपोर्ट के बेंचमार्क के मुताबिक, 2025–26 में मीडियन ऑर्गेनाइजेशन में ₹5 लाख का सम इंश्योर्ड देखने को मिला। इसके साथ फैमिली कवरेज, ₹50,000 का मैटरनिटी कवर, GPA और GTL जैसी सुविधाएं भी शामिल हैं।

मैटरनिटी और एक्सीडेंट कवर में भी बड़ा बदलाव

कंपनियां सिर्फ हेल्थ इंश्योरेंस की रकम ही नहीं बढ़ा रही हैं। FY22 के मुकाबले ₹75,000 से ज्यादा का मैटरनिटी कवर देने वाली कंपनियों की हिस्सेदारी में 155% की बढ़ोतरी हुई है। वहीं ग्रुप टर्म लाइफ और पर्सनल एक्सीडेंट कवर जोड़ने में 179% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

रिपोर्ट के मुताबिक, जो बेनिफिट पैकेज 2023–24 में टॉप-क्वार्टाइल कंपनियों में देखने को मिलता था, वह अब इंश्योरेंस और हेल्थकेयर के मामले में लगभग मीडियन ऑर्गेनाइजेशन के स्तर पर पहुंच चुका है।

प्रतीकात्मक तस्वीर

कर्मचारियों की हेल्थ पर बढ़ रहा खर्च

हेल्थ बेनिफिट पर कंपनियों का खर्च भी लगातार बढ़ रहा है। पिछले तीन साल में प्रति कर्मचारी हेल्थ बेनिफिट पर मीडियन निवेश 14.7% CAGR की दर से बढ़ा है। रिपोर्ट के मुताबिक, इसकी वजह केवल हेल्थकेयर महंगा होना नहीं है, बल्कि कंपनियां अपने बेनिफिट की क्वालिटी और कवरेज भी बेहतर कर रही हैं।

FY23 के बाद कुल बेनिफिट खर्च में हेल्थकेयर की हिस्सेदारी 3% से बढ़कर 6.1% हो गई है। इसी दौरान प्रति कर्मचारी मीडियन हेल्थकेयर खर्च दोगुने से भी ज्यादा हो गया है।

इंश्योरेंस के साथ मिल रही दूसरी सुविधाएं

कंपनियां अब केवल इंश्योरेंस देने के बजाय पूरे हेल्थकेयर पैकेज पर ध्यान दे रही हैं। इंश्योरेंस के अलावा मिलने वाले औसत हेल्थ बेनिफिट की संख्या एक से बढ़कर तीन हो गई है। इनमें टेलीहेल्थ, हेल्थ चेक-अप और मेंटल हेल्थ सपोर्ट जैसी सुविधाएं शामिल हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, फंडेड स्टार्टअप टैलेंट के लिए मुकाबले के चलते शुरुआत से ही ज्यादा व्यापक बेनिफिट अपना रहे हैं। वहीं स्थानीय भारतीय कंपनियां अभी फंडेड और इंटरनेशनल कंपनियों के मुकाबले इस दिशा में पीछे हैं।

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