Gold Investment: सोने में एक साथ पैसा लगाएं या धीरे-धीरे करें खरीदारी, एक्सपर्ट ने बताया

सोने की कीमतों में तेज उछाल के बाद अब ठहराव देखने को मिल रहा है। SS WealthStreet की फाउंडर सुगंधा सचदेवा के मुताबिक, यह गिरावट का लंबा दौर नहीं है। अगर सोना 4,700 डॉलर प्रति औंस का स्तर पार करता है, तो कीमतें 5,200 डॉलर तक पहुंच सकती हैं। लंबी अवधि के निवेशकों को चरणबद्ध खरीदारी करनी चाहिए।

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In Short

  • जोरदार तेजी के बाद सोने की कीमतों में फिलहाल ठहराव, सुगंधा सचदेवा ने बताया।
  • 4,700 डॉलर प्रति औंस का स्तर पार करने पर सोना 5,200 डॉलर तक पहुंच सकता है।
  • लंबी अवधि में निवेश के लिए एक साथ बड़ी रकम लगाने के बजाय धीरे-धीरे सोना खरीदने की सलाह।

By Sonam:

सोने की कीमतों में जोरदार तेजी के बाद अब निवेशकों के मन में सवाल है कि क्या इस समय सोने में निवेश करना सही रहेगा या कीमतों में और गिरावट का इंतजार करना चाहिए। मार्केट एक्सपर्ट सुगंधा सचदेवा का मानना है कि सोना फिलहाल गिरावट के लंबे दौर में नहीं है बल्कि कुछ समय के लिए ठहराव के दौर से गुजर रहा है। ऐसे में लंबी अवधि के निवेशकों के लिए एक साथ बड़ी रकम लगाने के बजाय धीरे-धीरे सोना खरीदना बेहतर रणनीति हो सकती है।

बिजनेस टुडे के शो में सीनियर एंकर साक्षी बत्रा के सवालों का जवाब देते हुए SS WealthStreet की फाउंडर सुगंधा सचदेवा ने कहा कि सोने में पहले ही काफी तेजी आ चुकी है। इसलिए निवेशकों को यह उम्मीद नहीं करनी चाहिए कि कीमतों में तुरंत एक और बड़ी उछाल देखने को मिलेगी। फिलहाल सोने में कंसोलिडेशन यानी कीमतों में ठहराव और कुछ करेक्शन देखने को मिल रहा है।

सोने की कीमतों पर क्यों बना हुआ है दबाव?

सुगंधा सचदेवा के मुताबिक, डॉलर की मजबूती और अमेरिका में बॉन्ड यील्ड बढ़ने से सोने की कीमतों पर दबाव पड़ा है। निवेशक फिलहाल सुरक्षित निवेश के तौर पर सरकारी बॉन्ड को प्राथमिकता दे रहे हैं। इसके अलावा डॉलर इंडेक्स करीब डेढ़ साल के उच्च स्तर पर पहुंच गया है, जिससे दुनियाभर में सोने की मांग और कीमतों पर असर पड़ा है।

हालांकि, उनका मानना है कि ये दबाव हमेशा बने नहीं रहेंगे। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी, महंगाई को लेकर चिंताओं में कमी और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ओर से आक्रामक ब्याज दर बढ़ोतरी की उम्मीदों में गिरावट से सोने को आगे सहारा मिल सकता है।

सोने के लिए कौन से लेवल हैं अहम?

सुगंधा सचदेवा ने सोने के लिए कुछ अहम स्तर भी बताए हैं। उनके मुताबिक, मध्यम अवधि में 3,950 से 4,000 डॉलर प्रति औंस का स्तर सोने के लिए मजबूत सपोर्ट का काम कर सकता है। अगर कीमतें इस दायरे के ऊपर बनी रहती हैं, तो सोने को लेकर उनका नजरिया सकारात्मक रहेगा।

प्रतीकात्मक तस्वीर

वहीं, तेजी को आगे बढ़ाने के लिए 4,700 डॉलर प्रति औंस का स्तर महत्वपूर्ण होगा। अगर सोना इस स्तर को पार कर लेता है, तो इसकी कीमतें 5,200 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकती हैं। इसके बाद सोने में नए रिकॉर्ड स्तर देखने की संभावना भी बन सकती है।

लंबी अवधि में सोने पर भरोसा क्यों?

सुगंधा सचदेवा के मुताबिक, लंबी अवधि में सोने को समर्थन देने वाले कई कारण मौजूद हैं। दुनियाभर के केंद्रीय बैंक लगातार सोना खरीद रहे हैं। चीन का केंद्रीय बैंक भी सोने की खरीद जारी रखे हुए है। इसके अलावा भारत और यूरोप में गोल्ड ETF की मांग भी मजबूत बनी हुई है।

अमेरिका के बढ़ते कर्ज, उसकी वित्तीय स्थिति को लेकर चिंताओं और भविष्य में ब्याज दरों में कटौती की संभावना से भी सोने को फायदा मिल सकता है।

एक साथ निवेश करने से बचें

सुगंधा सचदेवा ने निवेशकों को सलाह दी कि वे बाजार में सही समय का अनुमान लगाने के बजाय चरणबद्ध तरीके से सोने में निवेश करें। उनके मुताबिक, बाजार की टाइमिंग तय करना आसान नहीं है। ऐसे में लंबी अवधि के निवेशकों के लिए धीरे-धीरे खरीदारी करना बेहतर विकल्प हो सकता है। सोने में निवेश का मकसद केवल तुरंत मुनाफा कमाना नहीं, बल्कि पोर्टफोलियो में विविधता लाना और महंगाई के असर से बचाव करना भी हो सकता है।

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