सोना खरीदने का बदला अंदाज! UPI एप्स से गोल्ड खरीद रहे 12 करोड़ लोग, जानें क्यों

करवा चौथ और दिवाली पर सोना खरीदने की परंपरा अब डिजिटल रूप ले रही है। PhonePe, Google Pay और Paytm जैसे ऐप्स से लोग छोटी रकम में भी सोना खरीद रहे हैं। लेकिन क्या डिजिटल गोल्ड निवेश का भरोसेमंद विकल्प बन सकता है? जानिए इसकी बढ़ती लोकप्रियता और इससे जुड़ी अहम चुनौतियां।

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In Short

  • त्योहारी सीजन में डिजिटल गोल्ड का बढ़ रहा आकर्षण, UPI ऐप्स से छोटी रकम में भी सोना खरीदने की सुविधा।
  • WGC की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में 12 करोड़ से ज्यादा ग्राहक डिजिटल गोल्ड से जुड़े लेनदेन कर चुके हैं।
  • 2031 तक डिजिटल गोल्ड का वैश्विक बाजार 170 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान, लेकिन भरोसा और पारदर्शिता बड़ी चुनौती।

By Gungun Mishra:

भारत में करवा चौथ और दिवाली जैसे त्योहारों पर सोना खरीदने की पुरानी परंपरा रही है। लोग इन मौकों पर सोने के गहने, सिक्के और बार खरीदना शुभ मानते हैं। लेकिन अब सोना खरीदने का तरीका बदल रहा है। Paytm, PhonePe और Google Pay जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए लोग घर बैठे छोटी रकम से भी सोने में निवेश कर सकते हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या डिजिटल गोल्ड आने वाले समय में निवेश का एक बड़ा विकल्प बन सकता है?

12 करोड़ से ज्यादा लोगों ने खरीदा डिजिटल गोल्ड

वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल की 'Digital Gold: Unlocking a $700-Billion Opportunity' रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में 12 करोड़ से ज्यादा ग्राहक डिजिटल गोल्ड से जुड़े लेनदेन कर चुके हैं। डिजिटल पेमेंट ऐप्स ने सोने में निवेश करना आसान बना दिया है। अब लोगों को सोना खरीदने के लिए ज्वेलरी शॉप जाने की जरूरत नहीं है।

छोटी रकम से भी कर सकते हैं निवेश

डिजिटल गोल्ड की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें कम रकम से भी निवेश किया जा सकता है। खासकर युवा और ऐसे लोग, जिनके पास निवेश के लिए ज्यादा पैसे नहीं हैं, वे छोटी-छोटी रकम से सोना जमा कर सकते हैं।

त्योहारी सीजन में यह सुविधा लोगों को आकर्षित कर सकती है। हालांकि, अभी यह साफ नहीं है कि त्योहारों के दौरान फिजिकल गोल्ड खरीदने वाले कितने लोग डिजिटल गोल्ड की तरफ बढ़ रहे हैं।

UPI ऐप्स से बढ़ सकता है निवेशकों का दायरा

WGC की रिपोर्ट के मुताबिक, जिन बाजारों में पेमेंट ऐप्स, बैंकिंग ऐप्स और दूसरे डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सोना खरीदने की सुविधा है, वहां डिजिटल गोल्ड की पहुंच सात गुना तक ज्यादा है।

रिपोर्ट का अनुमान है कि डिजिटल गोल्ड की संभावित नई मांग का करीब 65 फीसदी हिस्सा ऐसे लोगों से आ सकता है, जिन्होंने पहले कभी सोने में निवेश नहीं किया।

प्रतीकात्मक तस्वीर

डिजिटल गोल्ड में भरोसा सबसे बड़ी चुनौती

डिजिटल गोल्ड खरीदना आसान जरूर है, लेकिन निवेशकों का भरोसा जीतना बड़ी चुनौती है। रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 80 फीसदी निवेशक गोल्ड उपलब्ध कराने वाली कंपनी पर भरोसे को अहम मानते हैं। वहीं, 33 फीसदी लोगों का कहना है कि सोने की वास्तविक उपलब्धता और उसकी सुरक्षा को लेकर ज्यादा पारदर्शिता होनी चाहिए।

इसके अलावा कीमत, फीस, सोने की सुरक्षित कस्टडी और उसे वापस बेचने या भुनाने की स्पष्ट व्यवस्था भी जरूरी है।

2031 तक कितना बड़ा हो सकता है बाजार?

WGC के मुताबिक, फिलहाल वैश्विक डिजिटल गोल्ड बाजार की वैल्यू 45 से 55 अरब डॉलर के बीच है, जबकि फिजिकल इन्वेस्टमेंट गोल्ड का बाजार करीब 13 लाख करोड़ डॉलर का है।

रिपोर्ट के बेस-केस अनुमान के अनुसार, डिजिटल गोल्ड बाजार सालाना करीब 27 फीसदी की रफ्तार से बढ़कर 2031 तक 160 से 170 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है।

ऐसे में करवा चौथ और दिवाली जैसे त्योहार डिजिटल गोल्ड को बढ़ावा देने का मौका बन सकते हैं। हालांकि, इसे निवेश का मुख्य विकल्प बनाने के लिए कंपनियों को आसान खरीदारी के साथ पारदर्शिता और ग्राहकों का भरोसा भी मजबूत करना होगा।

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